नेपाल भारत साहित्य महोत्सव में विदूषी समणी डा. चारित्र प्रज्ञ होंगी शामिल


बीरगंज में दिनांक १२ अगस्त से १३ अगस्त द्विदिवसीय नेपाल भारत साहित्य महोत्सव का आयोजन होने जा रहा है । इस कार्यक्रम में जैन धर्म की समणी डा० चारित्र प्रज्ञा की विशिष्ट अतिथि के रुप में गरिमामयी उपस्थिति होगी । आपने जैन विश्वभारती संस्थान , लाडनु , राजस्थान, भारत से तुलनात्मक धर्मशास्त्र एवं दर्शनशास्त्र में स्नातकोत्तर । सन् १९९० में महामहिम आचार्य तुलसी एवं महामहिम आचार्य महाप्रज्ञ द्वारा शुरुआत की । जैन दर्शन शास्त्र एवं तुलनात्मक विश्वधर्म , प्राच्य स्ांस्कृति एवं परम्परा ,प्रेक्षा ध्यान एवं योग , जीवन विज्ञान , अहिंसा एवं शान्ति अध्ययन , आध्यात्मिकता एवं नैतिकता , संघर्ष समाधान, तनाव एवं जीवन प्रबंधन , महिला सशक्तिकरण एवं शिक्षा में दक्षता और विशेज्ञता हासिल की है ।
आपको सन् २०१४ में प्राकृत वसुवद्र्घिनी पुरस्कार एवं लाइफ टाईम एचीभमेन्ट पुरस्कार द्वारा सम्मानित किया गया।
आप सन् २०१०–२०१६ तक विश्व के पहले विश्वविद्यालय जैन विश्व भारती विश्वविद्यालय , लाडनु की उपकुलपति रहीं ।
सन् २००६ –२०१० तक फ्लोरिडा इन्टरनेशनल विश्वविद्यालय में जैन धर्म और अहिंसा, ध्यान एवं आध्यात्मिक विकास , एशियाई धर्मों का परिचय , शाकाहार आदि विषयों के लिए भिजिटिंग फैकल्टी रहीं ।
सन् २०१० में फ्लोरिडा इन्टरनेशनल विश्वविद्यालय ,मियामी, अमेरिका के धार्मिक अध्ययन विभाग में जैन धर्म में भगवान महावीर प्रोफेसरशीप (आचार्यत्व) की स्थापना में अग्रणी भूमिका निभाई ।
आपने ध्यान क्यों करें , अपना आध्यात्मिक केन्द्र ढंूढना , जैन धर्म का परिचय , अनेकान्त– तीसरी आंख आदि कई पुस्तकों का सफल सम्पादन भी किया है ।संसार के सैकडों राष्ट्रीय एवं अन्तराष्ट्रीय सम्मेलनों मेेंं भाग लीं एवं प्रमुख वक्ता के रुप में अन्तर–विश्वास संवाद को प्रस्तुत की है ।
आपने अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, फ्र्रान्स, जर्मनी ,बेल्जियम, बहामास, त्रिनिडाड, हवाई, थाईलैण्ड, जापान, सिंगापुर, बैंकाक , दक्षिण कोरिया, एवं अन्य कई देशों की व्यापक रुप से यात्रा की । आपने बहुत सारे राष्ट्रीय एवं अन्तराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों में पे्रक्षा ध्यान, महाविद्यालयों एवं स्कूलों के हजारों विद्यार्थियों तथा सैकडों शिक्षकों को प्रशिक्षण, जैन धर्म,आध्यात्मिकता, नारी नेतृत्व ,पर्यावरणीय नीतिशास्त्र, तनाव एवं जीवन प्रबन्धन , जीवन विज्ञान, संघर्ष समाधान आदि विषयों पर रिट्रीट कैम्पों का आयोजन एवं संचालन किया है । आपको अंग्रेजी, हिन्दी, तमिल, राजस्थानी संस्कृत एवं प्राकृत भाषाओं में पारंगत हासिल है । कार्यक्रम में आपकी उपस्थिति निश्चय ही कार्यक्रम की महत्ता बढाने वाली है । बीरगंज की भूमि आपके स्वागत को आतुर है ।

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