नेपाल में बच्चों की दुर्दशा, स्वास्थ्य पूरी दुनिया के मुकाबले बेहद खराब, देखिये आंकड़ा

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विनोदकुमार विश्वकर्मा ‘विमल’, काठमांडू ,१३ दिसिम्बर |

नेपाल में बच्चों की दयनीय दशा, आंकड़ों के आइने में
– नेपाल में १८ वर्ष से कम उम्र के बच्चों की संख्या १, १६, ६९, ९३५ हैं, जो कुल आवादी का ४४.४२ फीसदी हिस्सा है । बालकों की संख्या ५९,६४३२० (५०.६८ फीसदी) और बालिकाओं की संख्या ५८,०३, ६१५ (४९.३२ फीसदी) हैं ।
– नेपाल में बच्चों के स्वास्थ्य सूचक की दशा पूरी दुनिया के मुकाबले बेहद खराब है । आधे से अधिक बच्चों का जन्म अब भी घरों में ही होता है, राष्ट्रीय स्वास्थ्य विभाग सर्वे के मुताबिक ।
– ९६ फीसदी नवजातों का ही पूर्ण टीकाकरण होता देश भर में ।
– अधिकांश बच्चे एनीमिया की चपेट में आते हैं तीन वर्ष से कम उम्र समूह के बीच ।
– अधिकांश बच्चे कुपोषण का शिकार है देशभर में ।
– एक–तिहाई से भी कम बच्चों को पर्याप्त पोषक आहार मिल पाता है देशभर में ।
– एक हजार में ४६ बच्चों की मौत शैशवावस्था में ही हो जाती है ।
– एक हजार में ५४ बच्चों की मौत उनके ५ साल पूरा करने से पहले ही हो जाती है ।
– ४१ फीसदी बच्चे उनकी उम्र की तुलना में नहीं बढ़ पाते हैं ।
– २९ फीसदी बच्चे उनकी उ्रम की तुलना में कम वजन के हैं, राष्ट्रीय जनसंख्या तथा स्वास्थ्य सर्वे के मुताबिक ।
– ११ फीसदी बच्चे उनकी उम्र की तुलना में बहुत ही कम वजन के हैं, राष्ट्रीय जनसंख्या तथा स्वास्थ्य सर्वे के मुताबिक ।
– ५ फीसदी से अधिक बच्चे प्रत्येक वर्ष विकलांग होते हैं, नेपाल डिजएबल्ड ऐंड हेल्पलेस अपलिफ्टमेंट एसोसिएसन के मुताबिक ।
– ५८.०८ फीसदी बच्चे चाइल्ड ट्रैफिकिंग के शिकार हुए थे सन् २०१२ में, नेपाल पुलिस की महिला तथा बाल–बालिका सेल के मुताबिक ।
– १,३८,०१५ बच्चों की शादी १० वर्ष से कम उम्र में हो चुकी थी, राष्ट्रीय जनगणना २०११ के मुताबिक । इनमें से १,१५,१५० बालिकाएं हैं, तो २२,८६५ बालक ।
– १३,६३,१०७ बच्चों की शादी १० से १४ वर्ष तक की उम्र में हुई थी, इनमें से ११,१,२१३ बालिकाएं हैं, तो २,६१२२३ बालक, राष्ट्रीय जनगणना २०११ के मुताबिक ।
– ४१.०४ फीसदी बच्चे शारीरिक हिंसा के शिकार हैं, जिनकी उम्र समूह १० से १४ वर्ष हैं और १२.२६ फीसदी १५ से १९ वर्ष हैं ।
– करीब ३१ लाख ४० हजार बच्चे (कुल जनसंख्या के ४०.४ फीसदी) श्रमिक हैं देश में ५ से १७ वर्ष तक की उम्र के । इनमें से १६ लाख (५१ फीसदी) बाल श्रम के समूह अन्तर्गत हैं ।
नेपाल में बच्चों की सकल विद्यालय भर्ती की स्थिति
– प्राथमिक स्तर में ५८.६ फीसदी दाखिला होते है
– लोअर सेकेंडरी स्तर में ७७.७ फीसदी दाखिला होते हैं
– सेकेंडरी स्तर में ५८.६ फीसदी दाखिला होते हैं
– हायर सेकेंडरी स्तर में १६.४ फीसदी दाखिला होते है
स्रोत ः बंच्चों की मौजूदा दशा– २०१३ वार्षिक प्रतिवेदन, नेपाल सरकार ।
दुनियाभर में बच्चों की मौजूदा दशा
– १६७ लाख बच्चे रोजाना काल के गाल में समा जाते हैं दुनियाभर में, जिनमें से ज्यादातर का निधन उन बीमारियों से होता है, जिनका इलाज मुमकिन है और उन्हें बचाया जा सकता है ।
– २३२ करोड बच्चों का वजन कम है, यानी वे कुपोषण का शिकार हैं पाँच वर्ष से कम उम्र समूह में दुनिया भर में और आधिकारिक तौर पर इनका कोई रिकॉर्ड दर्ज नहीं होता ।
– २० लाख से ज्यादा संख्या है १० से १९ वर्ष के उम्र समूह में एचआईवी से पीड़ितो की संख्या दुनियाभर में, जिसमें करिब ५६ फीसदी बालिकाएं हैं ।
– हर वर्ष १४ मिलियन बच्चों की शादी १८ वर्ष से कम उम्र में होती हैं । इनमें से ४६ फीसदी सिर्फ सार्क देशों में होती है ।
– हर ३ बच्चों में १ बच्चे की शादी होती है ।
– दक्षिण एशिया में हर २ बालिकाओं में १ बालिका की शादी होती है ।
– बंगलादेश में ६५ फीसदी, भारत में ४७ फीसदी, नेपाल में ४१ फीसदी (१० फीसदी की शादी १५ वर्ष से कम उम्र में होती है) और अफगानिस्तान में ४० फीसदी बच्चों की शादी होती हैं ।
पूरा पढिये…

नेपाल में बच्चों के मानवाधिकार की मौजूदा दशा

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1 Comment on "नेपाल में बच्चों की दुर्दशा, स्वास्थ्य पूरी दुनिया के मुकाबले बेहद खराब, देखिये आंकड़ा"

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Sam
Guest

Mr. Bhiswokarma,Please check this UNESCO website;
http://www.unicefrosa-progressreport.org/stopstunting.html
Nepal’s children ‘s health is better than India and Sri Lanka and Pakistan. Please do not write false information. Thank you.

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