नेपाल में भारतीय नोटों की बंदी पर इतना हाय- तोबा क्यों ? सर्वदेव ओझा

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सर्वदेव ओझा , नेपालगंज , १७ नवम्बर | पिछले एक हप्ते से जबसे भारतीय प्रधानमंत्री मोदी जी ने ५०० और १००० के नोटों को बंद तथा अनियमित कारोबार को बंद करने का ऐलान किया भारत में तो इसमे लिप्त लोगो को तो हाय तोबा हो ही गयी है , लेकिन यहाँ नेपाल में भी पिछले ४ /५ दिन से न जाने क्यों यहाँ भी विभिन्न मिडिया , सामाजिक संजाल और बाजार में भी खूब हाय तोबा मची हुई है !
कोई समाचार बोलता है यहाँ १५ से २० अरब ५०० और १००० के नोट फसे पड़े है , जरा गौर करे वह कौन हो सकता है जब कानूनी तौर पर आये भारतीय नोट नियमित हो सकते है तो ये गैर कानूनी लोगो के पीछे यहाँ की जनता क्यों हाय तोबा मचाएगी ! विगत में याद् होगा की नेपाल से या नेपाल के रास्ते से कितने भारतीय नक्कली नोटों का कारोबार हुआ करता था , फिर भी हुंडी कारोबारी , हवाला कारोबारी , सुन तस्करी कारोबारी , नक्कली नोट कारोबारी या अनियमित गैर कानूनी भ्रस्टाचारी वा लुटेरो की यदि ये रकम बेकार हो रहे है तो हम आप सीधा साधा नेपाली जनता को कौन सा पहाड़ टूट रहा है !
अच्छा किया मोदी ने , सराहना करनी चाहिए ! जो आज के विश्व के लिए और अधिकतम जनता के हितकर में है ! भला नेपाल की विगत से आज तक जरा सामीक्ष करे ? यहाँ के सभी मधेसी भारतीय पक्षधर माने जाने वाले लोग चाहे जितना भी अपना सफाई देते , मगर वे सदैव राज्य पक्षधर के शंका के घेरे में ही रहते है ! जब मधेस में आन्दोलन होता या निर्वाचन होता तो बस वही गरीब व माध्यम वर्ग का वोट बस ११ से १२ प्रतिशत में ही सिमट जाते थे ! क्या आज जो ५०० और १००० का भारतीय रूपैया १५ से २० अरब जो रद्दी की टोकरी में जा रही है वो इन्ही मधेसी जनता वोटरों के पास है ? विल्कुल नहीं ! तो जाने दो ऐसा गलत कमाए हुए रकम रद्दी की टोकरी में जाने से क्या फरक पड़ता है ? जरा सोचे ? कुछ ही दिन बाद सामने आ जायेगा ये राष्ट्र बादी लोगो का क्या हाल और बेहाल होता है ? और कहा से ये नोट निकलते है ? किसका किसका रकम कबाड़ा हो रहा है ! हा ये जरूर है की ये रकम नेपाल राष्ट्र का था जो रद्दी होने के कगार पर है ? नेपलीयो के लिए यह रकम कुछ माँने रखता था , लेकिन एक कहावत है ” कौवा के लिए बेल पका , उसे हर्ष भी नहीं , विस्मात भी नहीं ,, वैसे है ! हा आज यह जरूर आने वाले नेपाली जनता के लिए शुअवासर होगा की भारत के बाद खुली सीमा का वही असर आनेवाले दिनों में यहाँ भी अवश्य देखने के लिए मिल सकता है , वो अच्छे दिन ही होंगे ! अतः मोदी जी का यह कदम विभिन्न आयामिक है और अच्छा साहसिक भी है ! खुल कर समर्थन करना जरूरी भी है ! स्वच्छ समाज , स्वच्छ सरकार ,स्वच्छ नागरिक , आज की आवश्यकता है ! धन्यवाद !!

सर्वदेव ओझा

 

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