नेपाल मे अलकायदा के २० सहयोगी गिरफ्तार, कुछ की सुपुर्दगी ( update )

alkaidaकाठमांडू, ८ दिसम्बर। (विशेष संवाददाता द्वारा) , नेपाली पुलिस ने कुख्यात अन्तर्राष्ट्रीय आतंकवादी संगठन   अल-क़ायदा से सम्बद्ध कुछ व्यक्तियों द्वारा, धार्मिक आवरण में आतंकवादी योजनाएं बनायी जा रही है, इस सूचना के आधार पर कई विदेशी सहित 20 लोगों को राजधानी के विभिन्न ठिकानों से गिरफ्तार किया है। शुक्रवार को पुलिस के विशेष आॅपरेशन के दौरान पकड़े गए लोगों में 12 भारतीय, 5 पाकिस्तानी और 2 नेपाली नागरिक हैं।
पुलिस की आतंकवाद एवं अन्तर्देशीय अपराध शाखा के विशेष ब्यूरो और महानगरीय पुलिस की अपराध महाशाखा द्वारा शुक्रवार दोपहर से देर रात तक चलाए गए विशेष आॅपरेशन के दौरान काठमांडू के विभिन्न स्थानों से उनलोगों को नियंत्रण में लिया गया है। महानगरीय पुलिस आयुक्त कार्यालय के प्रमुख, ए आई जी विज्ञानराज शर्मा के अनुसार वे लोग ‘कलकी अवतार फाउन्डेशन’ नामक धार्मिक संस्था की आड़ में  आतंकवादी योजना बना रहे थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार यह संगठन एवं पकड़े गए व्यक्ति अल कायदा से संबद्ध है।
काठमांडू में मात्र दस दिन पहले सम्पन्न दक्षिण एशिया सहयोग संगठन (सार्क) के 18वें शिखर सम्मेलन की सुरक्षा प्रबंधन के दौरान पुलिस की विशेष ब्यूरो,  नेपाल आ रहे पाकिस्तान,  भारत तथा अन्य देशों के नागरिकों के बारे में सूचना संकलन कर रही थी। सूचना के अनुसार कुछ पाकिस्तानी, चार महीने पहले ही नेपाल आ चुके थे जिसकी सूचना पाने के बाद ब्यूरो द्वारा उनलोगों की गतिविधियों की निगरानी की जा रही थी लेकिन उन्हें गिरफ्तार नहीं  किया गया था।
कुछ महीने पहले अल कायदा प्रमुख ‘आइमन अल जवाहिरी’ ने एशियायी देशों में अपनी शाखाओं के विस्तार करने की घोषणा की थी और भारत में उसकी शाखाएं स्थापित की जा चुकी है, यह समाचार बाहर आने के बाद नेपाली सुरक्षा निकाय सचेत हो चुकी थी।
पुलिस सूत्र के अनुसार अल कायदा की शाखा भारत में खुलने और पाकिस्तानी मूल के अलीम उमर को उसका प्रमुख बनाए जाने के बाद, भारतीय नेशनल इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो ने, नेपाल की सुरक्षा इकाई को उसके बारे में सूचना सम्पे्रषित किया था और बताया था कि  ‘अल का़यदा, योजना निर्माण के लिए नेपाल को आश्रय स्थल बना सकता है’।  इस सूचना के बाद  नेपाली आतंकवादी अनुसन्धान निकाय गंभीरता से माॅनिटरिंग में लग गया था।
अनुसन्धान के दौरान यह भी खुलासा हुआ था कि ‘‘नेपाल आए पाकिस्तानी और  भारतीय, धार्मिक गतिविधि करने के उद्देश्य से ब्रिटेन में सक्रिय ‘कलकी अवतार फाउन्डेशन’ की गतिविधियों में संलग्न हैं। कलियुग का अन्त करनेवाले ‘भगवान कलकी ने अवतार ले लिया है’ – इस धार्मिक मान्यता के आधार पर, यह फाउन्डेशन अपने संस्थापक गौहर शाही को, ‘कलकी अवतार’ के रूप में प्रचार करता आ रहा है। लेकिन, शाही की मृत्यु के बाद अल यूनूस अल गौहर इस संस्था के प्रमुख प्रचारक है। फाउन्डेशन के प्रचारक अपने को ‘सर्वधर्म प्रचारक’ बताते हैं और अपने गुरूओं को भगवान के अवतार के रूप में प्रचारित करते हैं।
पता चला है कि उक्त संस्था की नेपाल शाखा ने कुछ नेपालियों से  मिलकर काठमांडू जिला प्रशासन कार्यालय में संस्था का रजिस्ट्रेशन भी करा लिया है। अनुसन्धान में यह पता चला है कि भारत में उक्त सगठन का कार्य नीलिमा नामक भारतीय नागरिक द्वारा संचालित है। सूत्रों के अनुसार ‘भारती’ उपनामधारी एक व्यक्ति ने पुलिस को बताया है कि उक्त फाउन्डेशन का संबंध अल कायदा से है और वे लोग नेपाल में रहते हुए विस्फोट की योजना बना रहे हैं।।
सूत्रों ने बताया है कि अनुसंधान के दौरान यह भी खुलासा हुआ है कि पकड़े गए पाकिस्तानी  चार महीना पहले से ही नेपाल आए और प्रवेशाज्ञा (वीसा) की अवधि समाप्त हो जाने के बाद भी गैरकानूनी ढंग से रह रहे थे।
जानकार सूत्र के अनुसार पकड़े गए लोगों का अन्तर्राष्ट्रीय सम्पर्क जाल और नेपाल में रहने के दौरान उनलोगों की गतिविधियाँ की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस सक्रिय है ।  शनिवार शाम तक किए गए अनुसन्धान के दौरान पकड़़े गए लोगों का ‘अल कायदा’ से संबंध और उनलोगों द्वारा बनायी गई आपराधिक योजना के बारे में अभी तक ‘भरोसेमन्द और विश्वसनीय’ तथ्य नहीं मिल सका है। लेकिन, गंभीर विषय होने के कारण कार्रवाई प्रक्रिया को अविलम्ब आगे बढ़ाकर शंकास्पद लोगों को गिरफ्तार किया गया है। एक खबर के अनुसार कुछलोगों की सुपर्दगी भी हुई है जिसकी पुष्टी अभी नही हो पाई है ।(इति)

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