नेपाल विमान हादसा : अगर दिन सोमवार होता!

काठमांडू। नेपाल में रविवार को हुई विमान दुर्घटना में जान गंवाने वालों के शोक संतप्त परिजनों का कहना है कि काश! यदि वह दिन सोमवार का होता तो स्थिति बिल्कुल उलट होती।
रविवार रात से हो रही हल्की बूंदाबांदी सोमवार को और बढ़ गई, जिसके कारण कई घरेलू विमानों का परिचालन प्रभावित हुआ। सोमवार दोपहर तक पोखारा सिटी से केवल दो घरेलू विमानों ने उड़ान भरे, जबकि अन्य को खराब मौसम के कारण रद्द या स्थगित कर दिया गया। अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों पर हालांकि इसका असर नहीं देखा गया।
इस बीच बुद्धा एयरलाइंस ने रविवार की दुर्घटना में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए सोमवार को अपनी सभी उड़ानें रद्द कर दीं।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि हल्की बूंदाबांदी और खराब दृश्यता के कारण रविवार को एवरेस्ट क्षेत्र में उड़ानें रद्द की जानी चाहिए थीं।
हादसे में मारे गए प्रवासी नेपाली जगाजन करमाचार्य के चाचा गंगा करमाचार्य ने कहा, “मैंने उससे कहा कि मौसम खराब है। लेकिन वह हंसने लगा और उसने कहा कि वह एक घंटे के भीतर लौट आएगा।”
हादसे में जगाजन की अमेरिकी मंगेतर की भी मौत हो गई। वह यहां अपनी बीमार मां को देखने और अपनी मंगेतर को घरवालों से मिलाने के लिए लेकर आए थे। विमान में जगाजन का भाई निराजन और भाभी सारदा करमाचार्य भी थे। हालांकि निराजन को मलबे से जिंदा निकाल लिया गया, लेकिन अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
विमान में सवार यात्री एवरेस्ट की झलक देखने के लिए रवाना हुए थे। लेकिन दुर्भाग्यवश खराब मौसम के कारण विमान को रास्ते से ही लौटना पड़ा। वे एवरेस्ट को देख भी नहीं पाए और काठमांडू लौटते वक्त विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
बुद्धा एयरलाइंस ने लोगों की मौत पर गहरा दु:ख जताया और सोमवार को कहा कि इसने दुर्घटना की जांच शुरू की है। नेपाल सरकार ने भी जांच के लिए तीन सदस्यीय आयोग का गठन किया है।

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