नेपाल से जुड हे आतंकी गतिविधि के तार

नेपाल एक बार फि से आतंकियों का अड्डा तो नहीं बनते जा हा है। पिछ्ले दिनों हुए दो घटनाओं से ऐसा लगता है कि नेपाल की भूमि को अब भात के खिलाफ फि से प्रयोग किया जा हा है। जाली भातीय नोट का मामला तो नेपाल के लिए आम हो गया है। लेकिन मुर्म्बई में २६११ को हुए सबसे बडे आतंकी हमले में भी नेपाल की भूमि का प्रयोग किए जाने की बात खुल क सामने आ गई है। जनकपु में दो लोगों की गिफ्ताी से यह बात सामने आई है। इसी तह अब तक आईएसआई की योजना के तहत नेपाल को प्रयोग किए जाने की खब आती ही लेकिन इस बा जब इस खब का खुलासा हुआ है कि अब भात के पर्ूवाेत्त ाज्यों में हो हे अलगाववादी संगठनों ने भी नेपाल को भात के खिलाफ प्रयोग कना शुरू क दिया है। नेपाल की एक बैंक में एक ही व्यक्ति के नाम प सिंगापु से २ लाख अमेकिी डाँल भेजे जाने के बाद इस बात का खुलासा हुआ कि इसका प्रयोग पर्ूवाेत्त भात के अलवादी संगठनों द्वाा भात के ही खिलाफ कने की योजना थी।
कीब तीन वर्षपहले मुर्म्बई के ताज होटल सहित कुछ अन्य जगह प हुए अब तक के सबसे बडे आतंकी हमले के सिलसिले में भातीय सुक्षा बल एसएसबी ने दो नेपाली नागकिों को ६ दिसम्ब की ात को गिफ्ता किया था।
मुर्म्बई आतंकी घटना के एक मात्र जीवित हमलाव अजमल आमि कसाब को मदत कने के आोप में एसएसबी ने धनुषा जिले के जदुवा गांव से ५५ वषर्ीय हम्मीदुल हमान औ मुख्ता अली को बीती ात ही गिफ्ता क अपने साथ भात के तफ ले गई है। बताया गया है कि कीब र्ढाई साल पहले भी आतंकी गतिविधि की आशंका में मुख्ता अली को गिफ्ता किया गया था। उसी को छुडाने के लि हमीदुल हमान पाकिस् तान से नेपाल आया था। दोनो बाप बेटे हैं। अपने बेटे को छुडाने की आशंका में पाकिस् तान से आने प बाद मे एसएसबी वालों ने इस बा दोनों को ही अपने नियंत्रण में ले लिया है। हालांकि इनके श्तिेदा इस बात से इंका क हे हैं कि भातीय सुक्षा बलों द्वाा पकडे गए दोनों का आतंकी गतिविधि से कोई लेना देना है।
पाकिस् तान के आतंकी संगठन से सांठगांठ खने के आोप में गिफ्ता किए गए हमीदुल हमान के पास ११ सितम्ब १९८० में जाी ०१३४७१ नम्ब का नेपाली पासपोर्ट है। भातीय सुक्षा एजेन्सी का दावा है कि हमीदुल हमान ने २१ दिसम्ब २००६ को ए १५०६८२६ नम्ब का पाकिस् तानी पासपोर्ट हासिल किया हुआ है। नेपाली पासपोर्ट में उसका नाम हमीदुल हमान लिखा हुआ है जबकि पाकिस् तानी पासपोर्ट में उसका नाम हमीद खान लिखा हुआ है। सन १९८० से ही पाकिस् तान में ह हा हमीदुल हमान अपने बेटे की गिफ्ताी के बाद ही नेपाल वापस आया था। अभी एक हफ्ते पहले ही हमीदुल हमान पाकिस् तानी पासपोर्ट प नेपाल में टूष्टि वीजा प आया हुआ था। काफी दिनों से भातीय सुक्षा एजेन्सियों को हमान की गतिविधि संदिग्ध लग ही थी यही वजह है कि उसके पाकिस् तान से वापस लौतते ही उसे गिफ्ता क अपने साथ ले गई है।
भातीय अलगावादी नेता की पत्नी दो लाख अमेकिी डाँल सहित काठमाण्डू में गिफ्ता
काठमाण्डूभात के पर्ूवाेत्त ाज्यों में चलाए जा हे अलगाववादी आन्दोलन के लिए नेपाल के ास् ते आर्थिक सहायता भेजे जाने की खुलासा के बाद नेपाल पुलिस ने इस आर्थिक सहायता को भात भेजने की फिाक में ही भातीय अलगाववादी नेता की पत्नी को गिफ्ता किया है। भात के अलगाववादी संगठन डीएचडी के प्रमुख निंजन होजाई की पत्नी को काठमाण्डू के एक बैंक से दो लाख अमेकिी डाँल के साथ नियंत्रण में लिया। भातीय दूतावास को इस बात की खब मिली थी कि सिंगापु से एक ही व्यक्ति के नाम प एक ही बा में दो लाख अमेकिी डाँल भेजा गया है। इस खब के मिलते ही सुक्षा बलों के होश उड गए थे। उन्हें आशंका थी कि हो ना हो यह कम भात के ही खिलाफ आतंकी गतिविधि में प्रयोग किया जाना था।
भातीय दूतावास के अधिकायिों द्वाा उपलब्ध काई गई सूचना के आधा प नेपाल पुलिस की सीआईबी टीम ने कडी निगानी खने के साथ पूे मामले की जांच भी की थी। जांच में पता लगा कि काठमाण्डू के नयां बानेश्व स् िथत एवेष्ट बैंक जो कि भात के ही पंजाब नेशनल बैंक के साथ संयुक्त रूप से संचालित होता है उस बैंक में एक ही व्यक्ति के नाम प सिंगापु से दो लाख अमेकिी डाँल भेजा गया है। भात के आसाम औ नागालैण्ड में सक्रिय ब्लैक विडो को हथिया औ अन्य गोलाबारूद के लिए यह कम आया था। डिएचडी यानि कि ब्लैक विडो के कमाण्ड इन चीफ की पत्नी सतिा गि ािई को पुलिस ने बानेश्व स् िथत उसी बैंक की शाखा से पैसा निकालते समय गिफ्ता किया था जब वह कम निकालने के लिए बैंक में गयी थी।
अपनी गिफ्ताी के बाद गीता ने बताया है कि निंजन होजाई ने ही यह कम सिंगापु से भेजा है। नेपाल पुलिस ने निंजन होजाई को पिछले साल गिफ्ता क भात को सौंप दिया था। लेकिन इसी साल अगस् त में निंजन होजाई जमानत प बाह आ गया। एक बा फि से सिंगापु में हक वह नेपाली बैंक औ नेपाल में ही अपनी पत्नी का प्रयोग क लाखों अमेकिी डाँल भात में आतंकियों तक पहुंचाने की योजना बना हा था।
पाकिस् तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई भात में आतंकवाद को ही नहीं बढÞावा दे ही है बलि्क वह भात की अर्थव्यवस् था की भी चूलें हिलाने में लगी हर्ुइ है। भात में उत्त प्रदेश के सोनौली, ककहवा औ बढÞनी तथा बिहा के क्सौल से लगने वाली नेपाल की सीमा के ास् ते जाली नोटों की खेप भात के विभिन्न प्रांतों एवं शहों में पहुंचाई जा ही है। जाली नोटों की खेप पाकिस् ‍तान से ही आ ही है, इस बात की तस् दीक एक बा फि नेपाल के काठमांडू में जाली नोटों के एक सप्लाय के पकडÞे जाने के बाद हर्ुइ है। काठमांडू में पकडÞे गए पाकिस् तानी नागकि के पास से नेपाली पुलिस ने ३० लाख के जाली भातीय नोट बामद किए हैं। हालांकि नेपाली पुलिस सप्लाय को कैयि बता ही है। जाली नोटों की बढÞती तस् की ने भात के उद्यमियों, आम नागकिों यहां तक की बैंकों तक को पेशानी में डाल दिया है।
बैंकों में पांच सौ औ हजा के नोटों के लेन-देन में बेहद सावधानी बती जा ही है,  इसके बावजूद नेपाली सीमा से लगने वाली उत्त प्रदेश की सीमा से दौ सौ किमी तक के दाये में ह ोज बैंकों में दो चा जाली नोट मिल ही जाते हैं। जाली नोट असली नोट से मिलते जुलते हैं, इसकी पहचान ह आदमी क भी नहीं सकता है। जाली नोट के काोबाी लगन के मौसम में अधिक सक्रिय हो जाते हैं, क्योंकि इन दिनों में रुपयों की लेन-देन र्सवाधिक होती है। सूत्रों से मिली जानकाी के अनुसा पाकिस् तान से जाली नोटों की खेप नेपाल लाई जाती है औ फि वहां से कभी बिहा के क्सौल तो कभी उत्त प्रदेश की सोनौली बार्ड से उसे कई हिस् सें में बांटक कैयिों के सहो भात के विभिन्न शहों तक पहुंचाई जाती है। जाली नोट असली नोटों के बीच डालक इस धंधे में लगे लोग झटके में चलाक भात की अर्थव्यवस् था को तहस नहस कने का गंदा खेल खेल हे हैं। इस काम में ऐसे ऐसे लोग हैं जिन प कोई न तो संदेह क सकता है औ नही जल्दी कोई हाथ डालने की र्जुत ही क सकता है।जाली नोट के काोबायिों की घुसपैठ बैंकों तक में हैं। पर्ूवांचल के कई ाष्‍ट्रीय बैंकों में जाली नोट पकडÞे भी जा चुके हैं। जाली नोटों का काोबा ोक पाने में भातीय खुफिया औ प्रशासनिक तंत्र लगात असफल साबित हो हा है।
इध नेपाली सीमा के आस पास सौ डेढÞ सौ किमी के दाये में हजा औ पांच सौ के नोट जैसे ही एटीएम में डाले जाते हैं, वे घंटेभ के भीत ही खाली हो जाते हैं। बताया जा हा है कि नेपाल सीमा के आसपास के एटीएम जैसे ही लोड किए जाते हैं, वहां कतों लग जाती हैं औ तो औ एक एक कस् टम चा-पांच एटीएम कार्ड लेक पहुंचता है बाी-बाी से रुपए निकालता हता है। नोटों के काोबायिों से लगाता एटीएम के र्डाई होने की शिकायतें बैंकों तक पहुंच ही हैं।  इस बो में जब बैंकों के स् त से जांच-पडÞताल की गई तो चौंकाने वाले तथ्य उभ क आए। सूत्रों का कहना है कि नेपाल में पांच सौ औ हजा के भातीय नोटों की डिमांड काफी है। तमाम नेपाली इसी का काोबा कते है। नेपाल में हजा औ पांच सौ के भातीय नोट ले जाक उनमें जाली नोटों को मिलाक चलाया जाता है। सौ पचास की संख्या में हजा पांच सौ के असली नोटों में दस बीस जाली नोट मिला ही दिए जाते हैं औ वे चल भी जाते हैं। कोई आसानी से उन जाली नोटों को नहीं पकडÞ सकता, क्योंकि जाली नोट की बनावट हूबहू असली नोटों से मिलते-जुलते है। बडÞे नोटों के नेपाल सीमा के आसपास बढÞती खपत को देखते हुए अब आबीआई ने बैंकों को एटीएम में आम लोगों की जरूतों के अनुरूप सौ पचास के नोट लोड कने के निर्देश दिए हैं।
बीते गुरुवा को काठमांडू एयपोर्ट की सुक्षा की जांच चक्र को तोडÞक पाकिस् तानी नागकि बाह निकल आया था, प नेपाली पुलिस को उस प संदेह हुआ औ उसकी गहन जांच की तो उसके पास से घद्द लाख के जाली भातीय नोट बामद हुए। इतनी बडÞी संख्या में भातीय जाली नोटों की बामदगी होने की खब जैसे ही फैली नेपाली खुफिया तंत्र में हडÞकंप मच गया। पकडÞा गया पाकिस् तानी नागकि सदा हुसैन कांची से जहाज से काठमांडू आया था। वह कांची का ही हने वाला भी है। उसने नेपाली पुलिस को बताया है कि उसे काठमांडू एयपोर्ट प कोई दिक्कत नहीं होगी औ हुआ भी ऐसा ही,  उसे एयपोर्ट प जांच में नहीं पकडÞा गया। काठमांडू की पुलिस ने बताया कि पकडÞे गए तस् क को फोनकर्ता के बो में बहुत जानकाी नही है, प उसे संदेह है कि इस पूे खेल में काठमांडू एयपोर्ट का कोई सुक्षाकर्मी शामिल है। वैसे अभी इस बो में औ कुछ कहना मुश्किल है जांच की जा ही है। ±±±

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