नौ वाहन है शनिदेव के 

नौ वाहन है शनि के 

सूर्यपुत्र शनि के वाहनों की बात करते हुए सामान्‍य रूप से कौवे के बारे में ध्‍यान आता है, लेकिन उनके कौवे सहित कुल 9 वाहन है। जिनमें से कई को ज्योतिषीय और धार्मिक महत्व के अनुसार बेहद शुभ माना गया हैं। इसके बावजूद जरूरी नहीं है कि वे आपके लिए शुभ ही हों। इसलिए ये जानना अत्‍यंत आवश्‍यक है कि कौन शुभ है और कौन अशुभ। शास्‍त्रों की माने तो शनि जिस वाहन में सवार होकर किसी व्‍यक्‍ति की कुंडली में प्रवेश करते हैं उसकी राशि की गणना करके तय होता है कि उनका आगमन व्‍यक्‍ति के लिए अच्‍छा है या बुरा।

 

कैसे होती है गणना 

इस गणना की विधि सुनने में कठिन लगती है पर है गणित के सूत्रों की तरह एक दम सुनिश्‍चित। इसके लिए जन्म नक्षत्र की संख्या और शनि के राशि बदलने की तिथि के नक्षत्र की संख्या जोड कर उसके योगफल को नौ से भाग करना होता है। इस गणना से मिली संख्या के आधार पर ही शनि का वाहन निर्धारित होता है। एक दूसरी विधि भी है, इसमें शनि के राशि प्रवेश करने की तिथि की संख्या, ऩक्षत्र संख्या, वार संख्या और नाम के प्रथम अक्षर संख्या सभी को जोडकर योगफल को 9 से भाग देदें, जो शेष संख्या आयेगी वो शनि के वाहन की जानकारी देगी। दोनो विधियों मे यदि शेष 0 बचे तो मानना चाहिए कि आपकी अपेक्षित संख्‍या 9 है।

शनि के 9 वाहन और उनकी संख्‍या

शनि के नौ वाहनों में गिद्ध, घोड़ा, गधा, कुत्ता, शेर, सियार, हाथी, मोर और हिरण शामिल हैं। जिसकी गणना का उत्‍तर 1 है तो उसके लिए शनि का वाहन गधा होगा,

2 होने पर वाहन घोड़ा होगा,

3 होने पर हाथी,

4 होने पर भैंसा,

5 होने पर सिंह,

6 होने पर सियार,

7 होने पर कौआ,

8 होने पर मोर और

शेष संख्‍या 9 होने पर शनि का वाहन हंस होगा।

 

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