पाकिस्तान किसी भी हालत में भारत का विकास राेकना चाहता है

वाशिंगटन, २१ जुलाई

अातंक के मामले पर भारत अाैर अमेरिका एक साथ खडे हैं । अाैर विश्व के सामने पाक काे अातंकी देश साबित करने की पूरी काेशिश कर रहे हैं । दुनिया में भले ही आइएस का आतंक बढ़ रहा हो लेकिन पाकिस्तान और अफगानिस्तान में पुराने आतंकी संगठन- तालिबान, हक्कानी नेटवर्क और लश्कर ए तैयबा ही सक्रिय हैं। अमेरिका भारत के साथ मिलकर इन आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है।

अमेरिकी विशेषज्ञों ने आतंकी गुटों को लेकर पाकिस्तान के दोहरे रवैये को एक बार फिर उजागर किया है। विशेषज्ञों के मुताबिक भारत के विकास की रफ्तार को रोकने और अफगानिस्तान को अस्थिर करने के लिए पाकिस्तान ने तालिबान, हक्कानी नेटवर्क लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी समूहों को पैदा किया है। पूर्व अमेरिकी राजनयिकों और अधिकारियों की मानें तो इसके जरिये इस्लामाबाद अपना हित साधने में जुटा है।

पाकिस्तान में अमेरिका के राजदूत रह चुके विलियम मिलाम (1998-2001) और ओबामा सरकार के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में दक्षिण एशिया विभाग के वरिष्ठ निदेशक रहे फिलिप रीनर ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ पर आतंकी संगठनों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। मिलाम का कहना है कि पाकिस्तान की शांतिपूर्ण अफगानिस्तान में कोई रुचि नहीं है।

उन्होंने बताया कि पाकिस्तान लश्कर के जरिये भारत के साथ संतुलन की स्थिति बनाना चाहता है। इस आतंकी संगठन ने भारत में ऐसे हमले किए हैं जो आइएसआइ की मदद के बिना संभव नहीं हो सकता था। वहीं, रीनर ने बताया कि परंपरागत तौर पर पाकिस्तान, भारत के समक्ष कहीं नहीं टिकता है। ऐसे में इस्लामाबाद छद्म संगठनों की मदद से भारत के विकास को रोकना चाहता है।

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