पाकिस्तान के पुरुषवादी समाज में महिलाओं द्वारा पुरुषों पर तेजाब फेंकने के मामलों में अचानक बढ़ोतरी आई है।

लंदन. दक्षिण एशिया के कई देशों में महिलाओं पर तेजाब फेंकने के मामले अक्सर सामने आते हैं। लेकिन पाकिस्तान में हवा उलटी बहने लगी है और महिलाएं अब पुरुषों को निशाना बना रही हैं।
ब्रिटेन के मशहूर अखबार ‘डेली मेल’ के अनुसार पाकिस्तान के पुरुषवादी समाज में महिलाओं द्वारा पुरुषों पर तेजाब फेंकने के मामलों में अचानक बढ़ोतरी आई है। वेबसाइट ‘सीएनएसडॉट कॉम’ के अनुसार ऐसे ही एक पीड़ित शेख मोहम्मद नोमान (तस्वीर में) ने अपनी पत्नी पर तेजाब फेंकने का आरोप लगाया। शेख ने कहा कि तलाक देने से मना करने पर पत्नी ने उस पर तेजाब फेंक दिया। खबर के अनुसार उसकी पत्नी अपने पहले पति के पास वापस जाना चाहती थी इसलिए उनसे नोमान से तलाक मांगा था।

नोमान ने बताया, ‘मेरी पत्नी ने मुझसे कहा कि मैं तुम्हारे लिए कुछ लाई हूं, मुझे माफ कर देना।’ और जैसे ही वह उसकी तरफ पलटा उसने उसके ऊपर तेजाब फेंक दिया। नोमान ने कहा, ‘तेजाब की जलन और दर्द आज भी है, लेकिन इससे ज्यादा दर्द मुझे इस बात का है कि जिसे मैं प्यार करता था, उसने मेरे प्यार के बदले यह दर्द दिया।’

नोमान हमेशा के लिए अपनी आंखों की रोशनी खो चुका है और उसके शरीर पर तेजाब से जलने के कभी न मिटने वाले निशान हैं। गौरतलब है कि उसकी पत्नी पर इस हमले के लिए अगले साल केस चलेगा।

पाकिस्तान ह्यूमन राइट्स कमिशन की कार्यकर्ता उज़मा नूरानी पुरुषों पर हाल ही में बढ़े एसिड अटैक की निंदा करती हैं लेकिन साथ ही यह भी कहती हैं कि महिलाओं पर इस तरह के हमले ज्यादा हो रहे हैं। सीएनएन से नूरानी ने कहा, ज्यादातर मामलों में पुरुष महिलाओं पर तेजाब से हमले कर रहे हैं क्योंकि हमारे समाज का जो ढांचा है उसमें आज भी महिलाओं को एक उपभोग की वस्तु समझा जाता है।

‘डेली मेल’ ने महिलाओं के लिए काम करने वाली संस्था ‘औरत फाउंडेशन’ के हवाले से बताया कि पाकिस्तान में 2011 के दौरान महिलाओं पर तेजाब फेंकने, जबरन विवाह सहित करीब 8500 अन्य अपराध हुए हैं। सरकार ने तेजाब फेंकने के दोषियों को कम से कम 14 वर्ष की सजा प्रावधान किया है।

रिपोर्ट के अनुसार पुरुषों पर तेजाब फेंकने की घटना पाकिस्तानी डांसर द्वारा आत्महत्या करने के बाद से बढ़ी हैं। फखरा यूनुस नाम की इस महिला पर 12 साल पहले तेजाब फेंककर बुरी तरह जला दिया गया था। आरोपी महिला का पति था, जो पूर्व सांसद है।

पाकिस्तान में महिलाओं पर तेजाब फेंकने की समस्या कितनी गंभीर है कि इस पर बड़े फिल्मकार डॉक्युमेंटरी तक बनाकर लोगों में जागरुकता पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। पाकिस्तान की फिल्मकार शर्मीन ओबैद चिनॉय ने एसिड अटैक का शिकार हो रही पाकिस्तानी महिलाओं के जीवन पर डॉक्युमेंटरी बनाई है, जिसके लिए उन्हें हाल ही में ऑस्कर पुरस्कार मिला है। Source: Agency

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