पाकिस्तान में तालीबानी संगठन का आतंकी हमला ः ७५की मौत

इस्लामाबाद.blast-1_1470642680 पाकिस्तान के क्वेटा शहर में सिविल हॉस्पिटल में सोमवार को हुए ब्लास्ट में 75 लोगों की मौत हो गई। घटना में 150 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। इनमें ज्यादातर वकील जर्नलिस्ट हैं। ये लोग बलूचिस्तान बार एसोसिएशन के पूर्व प्रेसिडेंट एडवोकेट बिलाल अनवर को देखने पहुंचे थे, जिनकी कुछ लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। पाकिस्तानी तालिबान (टीटीपी) से संबंधित आतंकी संगठन जमात-उर-अहरार ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। इमरजेंसी सिक्युरिटी फोर्सेज ने हॉस्पिटल के आसपास के एरिया को घेर लिया है। शहर के सभी हॉस्पिटल्स में इमरजेंसी डिक्लेयर कर दी गई है।एक पुलिस अफसर ने अखबार ‘एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ को बताया कि सोमवार को मेंगल चौक पर एडवोकेट अनवर की कार पर हमलावरों ने फायरिंग की थी।अनवर को गंभीर हालत में सिविल हॉस्पिटल में एडमिट करवाया गया था, जहां उनकी मौत हो गई। ब्लास्ट में मारे गए लोगों में पाकिस्तान के आज टीवी के जर्नलिस्ट शहजाद अहमद भी शामिल हैं। इसके अलावा डॉन न्यूज का कैमरामैन गंभीर रूप से घायल हुआ है।

बलूचिस्तान में वकीलों पर लगातार हो रहे हैं हमले

बलूचिस्तान में वकीलों पर पिछले कुछ महीने से लगातार हमले हो रहे हैं।
इससे पहले 3 अगस्त को भी जहानजेब अल्वी नाम के वकील की भी कुछ हमलावरों ने हत्या कर दी थी।
अल्वी की हत्या की निंदा करने वाले एक और वकील बिलाल कासी की भी सोमवार को हत्या कर दी गई।
जून में बलूचिस्तान लॉ कॉलेज के प्रिंसिपल बरिस्तर अमानउल्ला की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

बलूचिस्तान में 15 साल में 1400 हमले

बलूचिस्तान में पिछले 10-15 साल में आतंकी हमले बढ़े हैं। पिछले 15 साल में शिया और हजारा कम्युनिटी को टारगेट करके 1400 से ज्यादा हमले हो चुके हैं।

बलूचिस्तान में 13 साल में करीब 38 सुसाइड अटैक हुए हैं, जिनमें लगभग 500 लोग मारे गए हैं।

क्वेटा शहर में 2016 में 36 आतंकी हमले हुए हैं। इनमें 119 लोगों की मौत हुई है।

पाक से आजादी चाहता है बलूचिस्तान

बलूचिस्तान एरिया के हिसाब से पाकिस्तान का सबसे बड़ा (3,47,190 स्क्वेयर किलोमीटर) प्रांत है। इसका बॉर्डर ईरान और अफगानिस्तान से लगा है।
यहां अलगाववादी पाक आर्मी की तैनाती का विरोध करते हैं। बलूचिस्तान के लोग पाकिस्तान से आजादी की मांग करते रहे हैं।

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