पिछला राजनीतिक घटना क्रम पर प्रमुख दलों के आन्तरिक विचारविमर्श शुरु

काठमाण्डू, साओन ४,
पिछला राजनीतिक घटनाक्रम के विषय में अपने अपने पार्टी के धारणा तय करने के लिए प्रमुख दल आन्तरिक विमर्श में जुट गएँ हैं ।

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इसी सन्दर्भ में नेपाली कांग्रेस केन्द्रीय समिति की बैठक आज पार्टी के केन्द्रीय कार्यालय सानेपा मे शुरु हूआ है । कांग्रेस ने संसद में दर्ता किया गया अविश्वास के प्रस्ताव तथा पदाधिकारी चयन लगायत के विषय पर विमर्श करेगी ।
इसी प्रकार नेकपा एमाले स्थायी समिति की बैठक भी प्रधानमन्त्री निवास बालुवाटार में बैठने बाली है । प्राप्त जानकारी के मुताविक बैठक में अविश्वास के प्रस्ताव को कैसे समाना किया जाए तथा पार्टी की भूमिका लगायत के विषय में विचारविमर्श किया जाएगा ।
सुत्रों के मुताविक प्रधानमन्त्री केपी ओली तथा सभामुख ओनसरी घर्ती के बीच भी आज सुवह इसी सन्दर्भ के उपर विमर्श हूआ है ।

क्या क्या दिया राष्ट्रवादी ओली सरकार ने ।
एमाले और एनेकपा माओवादी के बिच हुवा भद्र सहमती के मुताबिक प्रचन्डको सरकार नेत्रित्व देना चाहिये था । लेकिन प्रधानमन्त्री ओली इसमे चुक गये  है । ईतिहास साक्षी है संघीयता के लिये ओली कभी भी साकारात्मक नही थे । जिस समय से संघियता का मुद्दा शुरू हुवा उस समय से ही संघियता के मुद्दा को  हटाने मे ही लगे थे । ओली कहते थे हम संघियता मे जाकर देश को खेत जैसा प्लटिङ नही करगें । इस बात से पता चलता है ओली न गणतन्त्र के पक्षमे थे न संघियता के पक्ष मे है । उनके समर्थक और ओली अपने आपको राष्ट्रबाद समझते है । राष्ट्रबादी ओली सरकार ने जनता को लोडसेडिङ मुक्त नेपाल ,काठमान्डु मे रेल ,घर घरमे ग्यास पाइप और पानी जहाज चलाने कि सपना दिखाते रही । बोली और कगजमे ही सिमटी रही बिकास । बस क्या करे यहाँ के जनता बिकास को देख नही पाती कान से सुनकर मन को हर्शित कर लेते है ।  राष्ट्रबादी ओली सरकार ने नेपाली जनता को बोली और कागजमे ही सब कुछ दे दिया । बधाई है ओली राष्ट्रबाद को !!!                आर एन यादव (युनाईटेड नेपाल रिपब्लिकअन पिपुल्स पार्टी )

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