पूर्व राजा द्वारा चुनाव असफल करने की साजिश : अमरेश सिंह

Today१५ जुन,जनकपुर,कैलास दास  । नेपाली काँग्रेस के राजनीतिक विशलेषक डा.अमरेश नारायण सिंह ने कहा है कि चुनावी सरकार खिलराज रेग्मी द्वारा निर्धारित किया गया अगहन ४ गते को चुनाव किसी भी हालत मे करानी होगी । अगर किसी कारण से चुनाव नही हो सका तो गणतन्त्र के ही उपर खतरा हो सकता है । राष्ट्रपति उपर भी कुछ घटना घट सकती है । देश अनौल और अराजकता मे फस सकता है ।

शनिवार जनकपुर मे एक प्रेसकन्फ्रेस मे डा. सिंह ने कहा राष्ट्रिय अन्तर्राष्ट्रिय माहौल चुनाव कराने के पक्ष मे है । परन्तु चुनाव का महौल बनते समय मे पूर्व राजा ज्ञानेन्द्र चुनाव को असफल करने की साजिस मे मधेश सहित अन्य जगहो पर पूजा पाठ मे सहभागी हो कर ढोग रच रहें है ।

पूर्वराजा ज्ञानेन्द्र चाहतें  हैं कि चुनाव नही हो । वह गणतन्त्र एवं संघीयता विरोधी है ।  लेकिन चुनाव नही हुआ तो फिर राजावादी सक्रिय हो जाऐगा । उन्होने यह भी कहा कि मधेश से बहुत बडा बडा मन्दिर पहाड मे है लेकिन मधेश मे ही पूजा पाठ करने की क्या जरुरत क्या है ? राजा का यह चाल को असफल करने के लिए निर्धारित समय पर चुनाव  कराना होगा ।

उन्होने यह भी कहा कि मुझे पुरा विश्वास है निर्धारित समय मे ही चुनाव होगा । निष्पक्ष और धांधली रहित वातावरण मे चुनाव कराने के लिए नेपाली सेना को भी खटया जाऐगा । इस चुनाव मे सभी राजनीतिक दल भाग लेगेंं ।

इससे पहले हुए चुनाव मे किशोर विश्वास और भाग्यनाथ गुप्ता सहभागी नही होकर चुनाव को बहिष्कार किया था । लेकिन इसका नतिजा यह हुआ उसका अस्तित्व ही समाप्त हो गया ।

नेकपा माओवादी बैद्य समूह सहित ४२ दल चुनाव के विरोध मे है लेकिन वह सभी चाहता है चुनाव हो । उसके उपर भी अन्तर्राष्ट्रिय दवाव पड रही है । हा, उसका भी माँग कोई गलत नही है । हम उसके माँग से सहमत है । सरकार भी जनती है कि चुनाव को दवाव देने के लिए वह सब विरोध कर रही है उन्होने बताया ।

खास कर कहा जाए तो मधेशीयो के लिए चुनाव सबसे महत्वपूर्ण है । मधेशीयो को संघीयता चाहि, विकास चाहिए, अधिकार चाहिए, सरकारी निकाय मे समावेशी चाहिए । उसके के लिए अगर आन्दोलन भी करना पडा तो मधेशी जनता को तैयार रहना होगा ।

नेता सिंह ने कहा कि कुछ मुद्दो पर बहस की आवश्यकता है जो अभी चल रही है । सभासद की समानुपाति संख्या बढाया जाए । जब तक समानुपातिक की संख्या नही बढेगा महिला, दलित एवंं पिछडा वर्ग सम्मिलित नही हो सकेगा ।

एक प्रसंग मे उन्होने कहा कि नेपाली काँग्रेस उपर भी जिस तरह से दवाव बन रही वह भी संघीयता बिना के संविधान नही चाहेगा । मधेश के नाम पर कुछ मधेशी नेतागण लुटने की काज मात्र की है । अगर वह इमान्दार हो जाए तो मधेश विकास के बिहार की विकास से कम नही होगा ।

उन्होने कहा कि चुनाव को सफल करने के लिए पत्रकारो को भी अपनी भूमिका निर्वाह करनी होगी ।

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