पूर्व सांसदों के लिए निःशुल्क उपचार सुविधा

काठमांडू, २ आश्वीन । पूर्व सांसदों को भी ‘पेन्सन’ (जीवन निर्वाह के खातिर राज्य कोष से रकम) की व्यवस्था होनी चाहिए, यह मांग रखते हुए कुछ हफ्ता पहल कुछ सांसदों ने हंगामा खडा किया था । सांसदों की हरकत को देखकर चारों ओर से विरोध होने लगा । विरोध के बावजूद भी संसद के अन्तरगत रही राज्य व्यवस्था उप–समिति ने सांसद तथा पूर्व विशिष्ट अधिकारियों को निःशुल्क उपचार खर्च कि व्यवस्था की है । पूर्व सांसदों को निःशुल्क औषधी तथा उपचार सिर्फ सरकारी अस्पतालों में ही मिल सकता है, प्राइवेट में नहीं ।


इस प्रावधान को समेट कर तैयार किया गया प्रतिवेदन उप–समिति ने आइतबार पास किया है । इसके सम्बन्ध में समिति के सदस्य बीच फरक–फरक धारणा रही थी । लेकिन प्रतिवेदन को सर्वसम्मत पारित किया गया है । अब उक्त प्रतिवेदन के सम्बन्ध में पूर्ण समिति में विचार–विमर्श किया जाएगा ।
उपसमिति द्वारा पारित प्रतिवेदन में पूर्व पदाधिकारी के सम्बन्ध में थप व्याख्या की गई है । इससे पहले विशिष्ठ पदाधिकारी के रुप में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमन्त्री, मन्त्रिपरिषद् के अध्यक्ष, प्रधानन्यायाधीश, संविधान सभा के अध्यक्ष, सभामुख और राष्ट्रियसभा के अध्यक्ष को रखा गया था । संशोधित प्रावधान के अनुसार संविधानसभा के सदस्य, व्यवस्थापिका–संसद्, प्रतिनिधिसभा और राष्ट्रियसभा के पूर्व सदस्य को भी रखा गया है ।

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