पेश है आंदोलन पर राष्ट्रवादी वक्तव्य और बी.बी.सी (बांके बिहारी चौबे) की प्रतिक्रिया

लीजिए पेश है आंदोलन पर राष्ट्रवादी-सरकारी वक्तव्य और उनपर हमारे एक्सपर्ट बी.बी.सी (बांके बिहारी चौबे) की प्रतिक्रिया।

मुरलीमनोहर तिवारी, वीरगंज ,१८ अप्रिल |

बी.बी.सी हमारे ब्लॉग के सबसे पुराने पात्र है। नए लोगों को बी.बी.सी का थोड़ा परिचय दे दिया जाए। अपने नाम के कारण नेपाल में हर महकमे में उन्हें संदेह से देखा जाता है। एक तो उनके नाम में बिहार है, साथ में बाकें ज़िला भी बिहार में ही है। उनके वंशज नागरिकता की जाँच बांके जिला तक हो चुकी है।

जुबान-भोपुरिया-हिन्दी, लेकिन गालियां देने मे कानपुरियों को भी मात करते है। उनका ऐसा कोई वाक्य नही होता जिसमे गाली नही होती। अलबत्ता ये गालियां देने मे इतना जरुर ध्यान रखते है कि गालियां लोगो को ना दी जाएं, मतलब बात करते करते वे कभी एसी, कभी गाड़ी और कभी सोफे को ही गालिया दे देते है। व्यक्ति विशेष (अगर वो उपस्थित हो तो) उसको गालियां देने से परहेज करते है। उनका मानना है,
“गाली बिना क्या जीना
जैसे बिन साकी के पीना।”

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इनके अनुसार अब तो गाली की परिभाषा भी आ गई है, “अत्यधिक क्रोध आने पर भी शारीरिक हिंसा का आश्रय न लेते हुए, मौखिक रूप से प्रतीकात्मक हिंसक कार्यवाही हेतु चयनित असंसदीय शब्दों के ऐसे समूह को, जिसके उच्चारण के उपरांत हृदय में धधकती क्रोध की ज्वाला शांत होती प्रतीत हो, उसे हम गाली कहते हैं…”

इतना ही नही गाली सिर्फ शब्द नहीं हैं। प्रभु यीशु ने कहा है:- ‘जो मन में भरा है, वही मुंह पर आता है।’ (लूका 6:45)

बी.बी.सी नेताओं से बहुत चिढते है, बस आप चर्चा छेड़ दो, उसके बाद माहौल मे रह जाती है बी.बी.सी की बाते, नेता और गालियाँ। यहाँ पर बी.बी.सी की प्रतिक्रियाओं को सेंसर  (गालीमुक्त) कर, गाली को “[email protected]#$” इन प्रतीकों द्वारा दिया जा रहा है।

तो जनाब बात हो रही थी आंदोलन पर राष्ट्रवादी सरकारी प्रतिक्रियाओं की और इन प्रतिक्रियाओं का बी. बी. सी द्वारा शल्यक्रिया।

आंदोलन पर राष्ट्रवादी बयान-
हमारा संविधान सर्बोतम है, आंदोलन को समर्थन नही मिलेगा। ( तेरी सर्बोत्तम की #^*?, फिर भी आंदोलन हुआ और सबसे लंबा चला।)

देश मे सभी आंदोलनकारियों की गतिविधियों पर कड़ी निगाह है, बंद से निपटने की सारी तैयारी हो चुकी है। (तैयारी भैस की पूछ %$#@, तैयारी सिर्फ शीर्ष नेताओ के सुबिधा की हुई, बाक़ी लोग भूखों मरते रहे।)

हम नेपाली जमीन के हर इंच की रक्षा करेंगे। (इंचीटेप के आर्डर के लिए @#$%, टेंडर अगले महीने मंगाए जाएंगे)

हर संवेदनशील जगह पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए है। (कैमरे का ठेका, नेताजी के साले *&^$, को दिया गया है।)

आंदोलनकारियों के हौसले पस्त है। (पस्त नही, वे लोग तैयारी में व्यस्त है, आप %^&*, शुतुरमुर्ग की तरह रेत मे सर डालकर खतरा टल जाने का सोच रहे हो)

कड़ी चौकसी के कारण आंदोलनकारी किसी नयी योजना को अंजाम नही दे पा रहे। (अलबत्ता, दिल्ली में भी बड़े आराम से काला झंडा दिखाने में सफल हो जाते है, और इन्हें भूतनी के [email protected]#$, इसकी हवा भी नही लगती।)

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देश और विदेशो में सूचनाओं के आदान प्रदान का अच्छा तालमेल है। (इतना अच्छा तालमेल की ससुरी [email protected]*&, हरेक देश से निंदा और परस्पर विरोधी बयान आ रहे है।)

हम भारत तब तक नही जायेंगे जब तक भारत हस्तक्षेप बंद नही करता। (लसुडे के सुड़े [email protected]#$, तब तक हमारे विदेश मंत्री भारत में ही रहेंगे, मनाने के लिए।)

आंदोलनकारी से बातचीत करके समाधान निकाला जाएगा। (ऐसी की तैसी वार्ता की @^%* बात आंदोलनकारी से, समाधान भारत से निकाला जायेगा।)

भारत, संविधान का बिरोध कर नेपाल के आंतरिक मामले में हस्तक्षेप कर रहा है।(यही विरोध ई.यु.करता है, तो डर के मारे @^*) बोका-बकरी की पतलून गीली हो जाती है।)

भारत हमारी ज़मीन हड़पना चाहता है।( तेरी माँ को @#&, अपनी माँ बोलू, इसीलिए चीन को भी, सगरमाथा दे दिया।)

भारत देश को तोडना चाहता है। (खुद के करनी पर भारत का नाम लगा दो, चीन खुश। @&#, ….. मराए दुनिया, तू बजा हरमुनिया।)

हत्या-हिंसा को आगे बढने नहीं दिया जाएगा। (हत्या-हिंसा में सरकार से आगे कोई जा भी नहीं सकता, सारे हत्यारो को ख़ुद ही [email protected]%@, माँ की आँख, दमाद बनाकर रखा है।)

सभी देशवासी एकजुट है। (गांव-गांव, घर-घर में फुट है,इनकी [email protected]#-, ब्रह्मलूट है।)

घर-घर गैस पाइपलाइन पहुचेंगे।(बाप के नाम साग-पात बेटा के नाम परोरा, [email protected]*#, पहले काठमांडू में पानी तो पंहुचा दो।)

भारत अघोषित नाकाबंदी कर देश को तोडना चाहता है। ( (*$% लाठी कपाडे पड़े नहीं और बाप-बाप चिल्लाएं।)

ये सरकार अभी नही गिरेगी। ( !२^*$ ….. में दम नहीं, और दमुआ नाम, नए सरकार के मंत्रालय भी तय होने लगे है।)

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आगे का शल्यक्रिया ज़रा कठिन है, ना हम लिख पाएंगे, और ना ही आप पढ़ पाएंगे। बी.बी.सी की तरह ही ऐसी प्रतिक्रिया पुरे मधेश में मिलेगी। जो गाली देकर, क्रोध करके शांत होने वाला नही है। इस आक्रोश की जड़े इतनी गहरी हो चुकी है, विस्फोट और विनाश का कई तांडव होने वाले है।
              जय मधेश।।

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