पैसे के लिए अपनी पत्नी काे बनाया बडे भाई की पत्नी

कोतमा।

 

७ सितम्बर

 भाई की मौत के बाद उसी के नाम पर छोटे भाई ने फर्जी तरीके से पहले कालरी में नौकरी पा ली। बाद में अपनी पत्नी का नाम भाभी के नाम से बदलकर 17 लाख रुपए भी निकाल लिए। जब यह बात मृतक की पत्नी को पता चला तो उसने पुलिस अधीक्षक को एक शिकायती आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है। यह मामला है कोतमा थाना क्षेत्र का। शिकायतकर्ता महिला का नाम वर्षा पति स्व. राजेश तिवारी निवासी निगवानी है।

यह है मामला

निगवानी निवासी शिकायतकर्ता महिला वर्षा तिवारी के पति राजेश की 30 जुलाई 2012 को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। मृतक की पत्नी वर्षा विधवा पेंशन समेत अन्य शासकीय योजनाओं के लिए आवेदन दिया था। तब उसे पता चला कि राजेश तिवारी नामक व्यक्ति जमुना नारायण इंक लाइन खदान में टबरिपेयर के पद पर पदस्थ हैं। महिला को पता चला कि पति का भाई राजेन्द्र पति के नाम पर कालरी में नौकरी कर रहा है।

महिला ने पुलिस और कॉलरी प्रशासन को सूचना दी। जांच हुई तो राजेन्द्र तिवारी पर लगे आरोप सही निकले। 30 नवंबर 2016 को राजेन्द्र की सेवा समाप्त कर दी गई और राजेन्द्र के विरुद्घ भालूमाड़ा थाने में धोखाधड़ी समेत अन्य अपराध कायम हुए। राजेश तिवारी के नाम से कालरी प्रबंधन द्वारा 17 लाख रुपए पीएफ दिया गया।

जानकारी होने पर राजेन्द्र तिवारी ने उक्त राशि आहरित कर ली, जिसकी शिकायत वर्षा तिवारी ने बैंक शाखा प्रबंधक समेत कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक से की है। वर्षा तिवारी ने शिकायत में कहा कि राजेन्द्र तिवारी पति के नाम पर फर्जी नौकरी करने के दौरान कालरी के दस्तावेजों में अपनी पत्नी का नाम परिवर्तित कर लेख किया था। कानूनी तौर पर राजेश की पत्नी वर्षा तिवारी है लेकिन राजेन्द्र ने पत्नी का नाम सावित्री दर्ज करा दिया था।

17 लाख रुपए निकाले

राजेश तिवारी के नाम कालरी से सेवा समाप्त होने के बाद कालरी प्रबंधन द्वारा 17 लाख रुपए पीएफ का स्टेट बैंक कोतमा भेजा था। जानकारी होने पर राजेन्द्र ने पत्नी सावित्री के जरिए इन रुपए का आहरण कर लिया। जिसकी जानकारी वर्षा ने शाखा प्रबंधक को दी और राजेन्द्र तिवारी तथा सावित्री तिवारी के विरुद्घ धोखाधड़ी का मामला पंजीबद्घ कराने की मांग पीड़ित महिला ने की है।

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