पोकेमोन गो, एक ऐसा गेम जिसके पीछे बच्चे हैं पागल और होते हैं दुर्घटना के शिकार ः निन्टेंडो कम्पनी ने कहा हमने नहीं बनाया है ये गेम

पोकेमोन गो, एक ऐसा गेम जिसके पीछे बच्चे हैं पागल और होते हैं दुर्घटना के शिकार ः निन्टेंडो कम्पनी ने कहा हमने नहीं बनाया है ये गेम

टोक्यो.

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‘पोकेमॉन गो’ के गेम में दुनिया उलझती जा रही है। बढ़ते हादसों के कारण अब तक कई देश इस पर बैन लगा चुके हैं। सऊदी अरब ने इसके खिलाफ फतवा जारी किया है। 6 जुलाई को अमेरिका में ‘पोकेमॉन गो’ लॉन्च हुआ तो मोबाइल गेमिंग की दुनिया में हलचल मच गई थी। दुनिया समझ रही थी कि जापान की निन्टेंडो कंपनी ने ही पोकेमॉन गो बनाया है। लेकिन मार्केट कैप 120% बढ़ने के बाद अब कंपनी कह रही है कि उसने इस गेम को नहीं बनाया है। उसे तो नियान्टिक कंपनी ने बनाया है। इस खुलासे के बाद इसके शेयर भाव एक दिन में 18% (45 हजार करोड़) गिर गए

स्टॉक एक्सचेंज में यही ‘लोअर सर्किट’ है। यानी एक दिन में कोई शेयर इससे ज्यादा नहीं गिर सकता है।
– यदि यह लिमिट नहीं होती तो मुमकिन है शेयर और गिरते। यह 25 साल में निन्टेंडो के शेयर में सबसे बड़ी गिरावट है।
– सोमवार को एक ही दिन में कंपनी का मार्केट कैप करीब 45,000 करोड़ रुपए घट गया।
– निन्टेंडो ने यह खुलासा तब किया जब 22 जुलाई को जापान में यह गेम लांच हुआ।
– इससे पहले यह अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और यूरोप में लांच हो चुका था।
– कंपनी का कहना है कि वह न तो पोकेमॉन गो बनाती है और न ही उसपर मालिकाना हक है। उसने इस बात को कभी नहीं छिपाया।
– मार्केट एक्सपर्ट्स हैरान हैं कि निन्टेंडो ने दो हफ्ते पहले यह क्लैरीफिकेशन क्यों नहीं दिया, जब शेयर भाव चढ़ने शुरू हुए थे?
– महज दो हफ्ते में निन्टेंडो का मार्केट कैप दोगुने से ज्यादा 2.8 लाख करोड़ रुपए हो गया।

पोकेमॉन गो एक ऑगमेंटेड रिएलिटी और जीपीएस बेस्ड गेम है।
– इस गेम में आपके मोबाइल कैमरे का इस्तेमाल किया जाता है।
– फोन कैमरा को कहीं भी प्वाइंट कीजिए और आपके सामने उस जगह पर खड़ा हुआ एक पोकेमॉन नजर आएगा।
– उदाहरण के तौर पर अगर आपने अपने घर के सामने वाली सड़क पर प्वाइंट किया तो सड़क पर खड़ा पोकेमॉन का कोई भी कैरेक्टर दिखेगा। आपको उसे कैच करना है।
– पोकेमॉन गो पॉकेट मॉन्स्टर (Pocket Monster) का शॉर्ट फॉर्म है। इस मोबाइल फोन गेम में लोग वर्चुअल दुनिया में अलग-अलग शक्लों में मौजूद छोटे-छोटे शैतानों को पकड़ते हैं, और फिर उन्हें एक-दूसरे से लड़ाते हैं। ऐसे ही उनके ग्रेड और प्वाइंट्स बढ़ते हैं।
– भारत में इस गेम की अभी तक ऑफिशियल लॉन्चिंग नहीं हुई है।

निन्टेंडो का कहना है कि ‘नियान्टिक’ नाम की कंपनी पोकेमॉन-गो बनाती है।
– इसमें गूगल और निन्टेंडो की हिस्सेदारी है।
– निन्टेंडो का हिस्सा करीब 32% है। पोकेमॉन की लाइसेंस फीस से होने वाली कमाई में एक हिस्सा उसे भी मिलेगा। लेकिन यह हिस्सेदारी कुल होने वाले लाभ से बहुत कम होगी।

हावड़ा में पोकेमॉन-गो गेम का शौकीन एक नौ साल का बच्चा कई सारे पोकेमॉन पकड़ने के लिए शनिवार रात को घर से बाहर निकल गया।
– वह मुंबई की ट्रेन पकड़ने जा रहा था। पुलिस ने उसे देर रात हावड़ा स्टेशन पर पकड़ लिया।
– बच्चे ने पुलिस को बताया कि उसको किसी ने बताया है कि मुंबई में पोकेमॉन पकड़ना ज्यादा आसान है। इससे पहले भी वह इस तरह की हरकत कर चुका था।
– बच्चे के पिता सेना में जवान हैं और अभी मालदा में ट्रेनिंग पर हैं।
– वहीं मुंबई पुलिस ने ट्वीट कर लोगों से अपील की है कि लाइफ गेम नहीं है, इसलिए कृपया लोग सड़क पर पोकेमॉन गेम न खेलें। सोशल मीडिया पर लोग इसका जमकर मजा उड़ा रहे हैं।

साभार, दैनिक भास्कर

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