प्यारा और राजदुलारा प्याज के आंसू ! – बिम्मीशर्मा

बिम्मीशर्मा, काठमांडू,१ सेप्टेम्बर | ( व्यग्ंय )

बिम्मी शर्मा

बिम्मी शर्मा

पहले प्याज काटते समय आंख से आंसू आते थे । अब प्याज के दाम सुनकर और खरीदते समय आंख से अपने आप आंसू आ जाते हैं । प्याज के उत्पादन कम होने से इस के भाव बहुत बढ़ गए हैं । सोना का भी भाव आर्थिक मन्दी के चलते कुछ समय के लिए लुढक कर नीचे आ गया था । पर प्याज है कि उपर ही जा रहा है ।लोग चिकन खरीदने से ज्यादा मोल, भाव परख कर प्याज को खरीद रहे हैं । प्याज अभी कुछ समय से सभी का प्यारा और राजदुलारा बन गया है ।

पहले के जमाने में लोग प्यार मे पड़ने पर अकेले में आंसु बहाते थे । अभी इस आधुनिक युग में लोग प्याज के कारण आंसू बहा रहे हैं । पहले प्याज जब सस्ता था तब सब इसके बदबू से परेशान रहते थे । लेकिन जब से यह महंगा हो गया है सभी को इसके बदबू से भी प्यार हो गया है । अब बदबू नहीं प्याज को सेंट की जगह बदन पर मसलकर लोग बाहर जाने लगे हैं ।

पहले प्याज को सब्जी में डालकर भूनते समय बाहर वालों को भी पता चलता था कि ‘फंला के घर मे प्याज भुना जा रहा है’ और नाक मुँह सिकोड़ लेते थे । पर अब जब से प्याज के भाव मे दो दूनी रात चौगूनी उछाल आया है । तब से किसी के घर में प्याज भूने जाने की महक आने पर उसको समाज मे विशिष्ट स्थान हासिल हो जाता है अपने आप । जिस के घर मे प्याज है वह राजा भोज बन जाते हैं और बांकी गंगू तेली । जिसने एक बोरी प्याज अपने खटिए के नीचे बिछाकर रख दिया वह रातों रात मालामाल हो गया । हो सकता है रात मे उसके घर प्याज चुराने के लिए चोर भी आते हों ?

अब पत्नियाँ सोने की हार और मंगलसूत्र की जगह प्याज का हार पहन कर इठलाते हुई बजार निकलती हैं । उनकी अंगूठी मे नग की जगह प्याज और बिदिंया मे भी प्याज ही लट्का हुआ है । लाल, लाल प्याज किसी रत्न और जवाहरात से कम नहीं है । अब कमरे मे चादर की जगह पर एक किलो प्याज बिछा कर पलगं की शोभा बढाने का दिन भी दूर नहीं है । अब तो दहेज मे लड़के वाले पैसे या सोना, चांदी की जगह एक बोरी प्याज की मागं कर रहे हंै ।

onion-1जिस के खेत मे इस साल प्याज की फसल अच्छी आई है उस का तो कहना ही क्या ? यह तो सोने मे तौला जा रहा है । उसकी अगर कोई काली, कलूटी, बैंगन लूटी भैंस जैसी बेटी है तो उसका भी बेड़ा पार इस प्याज के कारण हो जाएगा । उस का बाप दहेज मे इतना ज्यादा प्याज देगा की वह काली भैंस जैसी लड़की को सफेद प्याज जैसे दूल्हे के साथ सात फेरें लेगीं । प्याज का उत्पादन खेत मे बढिया हुआ है या मंडी से महंगे भाव मे भी प्याज खरीदने की क्षमता है तो उसकी मान प्रतिष्ठा भी समाज में अचानक बढ़ जाएगी । वह समाज मे प्याज सा ‘प्यारा’ और ‘सुगधिंत’हो जाएगा ।

जैसे लहसुन को सुखा कर बरामदा या छत मे लोग लट्का कर रखते थे । और बाहर से आने जाने वाले की आंख उसी मे पड़ती थी । अब वैसे ही प्याज को भी धूप मे सुखा कर लट्काने पर हर आने जाने वाले की नजर उस पर पडेगी । सभी आश्चर्य से उस प्याज को आंखे फाड़कर देखेंगें की जैसे संसार का कोई आठंवा अजूबा दिख गया हो । हो सकता है प्याज के मालिक के पैरों पर लोग लोट्ने भी लगे । क्या पता प्याज का मालिक प्रसाद के रुप मे कुछ प्याज ही झोली में डाल दे ।

अब वह दिन लद गए जब लोग अपनी घर, गाड़ी, रुपया, पैसा, हीरे जवाहरात और सोने का धाक लगाते थे । तब लोग कहते थे ‘मेरे पास इतनी लाख की गाड़ी है, मेरे पास इतना तोला सोना और इतने करोड़ रुपएं नगदी है । मेरे पास इतने लाख या करोड़ की गाड़ी है । मेरे पास करोड़ों रुपएं का बगंला है या मेरे पास करोडों की प्रोपर्टी है’ । अब कोई जिसके खेत मे प्याज की फसल अच्छी आइ हो या जिस ने एक ट्रक प्याज खरिद कर रखा हुआ हो । झट से सब के सामने प्रकट होगा और शान से कहेगा ‘मेरे पास एक ट्रक प्याज है तेरे पास क्या है’ ?और जो धनी मानी और समाज में रुपए,ं पैसे, घर, गाड़ी और प्रोपर्टी से मालामाल और सम्मानित व्यक्ति है वह वहीं ढेर हो जाएगा ।

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