प्रचंड से अपना देश सम्भंला नहीं जाता फिर भी निकल पडें विदेश सम्भालनें

prachand

हिमालिनी डेस्क
काठमांडू, २५ मार्च ।
प्रधानमंत्री पुष्पकमल दाहाल प्रचंड ने कहा— “विश्व को और समृद्ध बनाने के लिए समावेशिता, सहकार्य, स्वतंत्रता और मतैक्य को सशक्त बनाना होगा ।”
आज चीन के बोआओ में ‘एशिया के लिए बोआओ मंच वार्षिक सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री प्रचंड ने कहा— “समृद्ध विश्व निर्माण के लिए एकाकीपन नहीं, बल्कि सहभागिता, व्यवधान नहीं, बल्कि सेतु का विस्तार के साथ साथ सहकार्य और स्वतंत्र व्यापार जरूरी हैं ।”
सम्मेलन में प्रधानमंत्री प्रचंड ने २१वीं शताब्दी को एशिया की शताब्दी बताते हुए कहा कि नेपाल जैसे अल्पविकसित और भूपरिवेष्टित देशों के लिए विश्व बाजार तक भंसार रहित पहुँच के साथ साथ व्यापार को सहज बनाने में विकसित देशों को सहयोग करना होगा ।
नेपाल में निवेश के प्रशस्त आधार होने का जिक्र करते हुए उन्होंने जलविद्युत, पूर्वाधार विकास और पर्यटन जैसे लाभ के क्षेत्रों में निवेश करने का एशिया के उद्योगी–व्यापारियों से आग्रह किया ।

Loading...

Leave a Reply

Be the First to Comment!

Notify of
avatar
wpDiscuz