प्रदेश की संरचना गठन प्रादेशिक कानुन वमोजीम होने की बात मोर्चा ने ज्ञापनपत्र में उठायी

मोर्चा द्वरा प्रधानमन्त्री ओली कों अल्टिमेटम सहित कें ज्ञापनपत्र प्रदान
विजेता चौधरी, २८ फागुन
संयुक्त लोकतान्त्रिक मधेसी मोर्चा ने प्रधानमन्त्री केपी शर्मा ओली कों अल्टिमेटम सहित के ७ बुंदे ज्ञापन पत्र प्रदान किया है । आज सुवह प्रधानमन्त्री निवास बलुआटार पहुंचकर मोर्चा के शिर्ष नेताओं ने मधेसके माग प्रति सरकार के रवैया गंम्भिर ना होने की बात बताते हुये ओली को उक्त सात बुंदे ज्ञापन पत्र प्रदान किया ।
मोर्चा के नेताओं द्वारा प्रदान ज्ञापनपत्र लेते हुए प्रधानमन्त्री ओली ने कहा– आपलोगों को लिखित रुपमें ज्ञापनपत्र देने की कोइ आवश्यकता नही थी, हमलोक इस विषय पर विचारविमर्श करके मिला सकते थे ।

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आज साम ६ बजे फिर से मोर्चा के साथ बैठने की बात बताते हुए प्रधानमन्त्री ओली ने कहा–दिन भर ज्ञापनपत्र अध्ययन करके सामको फिरसे विचारविमर्श करते हैं ।
ज्ञापनपत्र मे मोर्चा ने सवसे महत्वपूर्ण बात यह उठाई है की नेपाली सेना को राष्ट्रीय स्वरुप प्रदान करना तथा लोकतान्त्रिकरण करने की बात के साथ सेना लगायत सम्पूर्ण सुरक्षा निकायों को समानुपातिक समावेशी बनानेकी बात उठायी हैं । इसके अतिरिक्त संघ प्रदेश लगायत राज्यकें सम्पूर्ण अंग, तह, निकाय और सेवाआयोगों में समानुपातिक समावेशी होने की बात की प्रत्याभूती होनी चाहिए ।
ज्ञापनपत्र मे वैवाहिक नागरिकता प्रति संघीय कानुन मे ना होकर संविधान में ही स्पष्ट व्यवस्था होने के साथ साथ संवैधानिक पदों में मनोनित वा निर्वाचित आन्तरिम संविधान की व्यवस्था अनुरुप होना चाहिये इस तरह की माग रखी गई हैं । इस के अतिरिक्त सङघ, प्रदेश और स्थानीय निकायों के सभी अङों में वहुभाषिक नीति लागु होनी चाहियें । साथही स्थानीय निकाय तथा विशेष संरचना गठन प्रादेशिक कानुन वमोजीम होने की बात मोर्चा ने उक्त ज्ञापनपत्र में उठायी हैं ।
मोर्चा ने नेपाल कों एकल राष्ट्रीय राज्यके रुपमे ना होकर बहुराष्ट्रीय राज्यके रुपमे परिभाषित की जाने की मुददा के साथ, शहीद घोषणा, घायलों के उपचार, क्षतिपूर्ति लागायत के मुददे सात बुंदे ज्ञापनपत्र में समायोजित हैं ।

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