प्रधानमन्त्री ओली इतना जल्दी कुर्सी नही छोड़नेवाले हैं

काठमांडू, १७ जुलाई |

कांग्रेस और माओवादी केंद्र द्वारा शनिवार को संवैधानिक प्रावधान के बारे में अपने नजदिकी कानूनविद की वैठक बुलाई गई थी | जिसमे कानूनविद द्वारा धारा २९८ अनुसार सरकार बनाने में कोई बाधा वा अडचन नही होने की बात बताई गई थी | जिसको आज प्रधानमन्त्री के निकटस्थ कानूनविद ने गलत कहकर सरकार न बनने की व्याख्या किया है | एमाले निकट कानुनविद् द्वारा प्रधानमंत्री को तीन सलाह दिया गया है | जसके तहत पहला संविधान में संसोधन दूसरा बाधा अडकाऊ फुकाउ आदेश और तीसरा राजनितिक सहमति है | इसतरह देखा जा रहा है कि प्रधानमन्त्री ओली इतना जल्दी कुर्सी नही छोड़नेवाले हैं | प्रचण्ड को अभी और कसरत करना पड़ सकता है  |

OLI-PRACHAND

आज बलुआटार में प्रधानमन्त्री ओली ने अपने चार उप प्रधानमन्त्री के साथ कुछ बरिष्ट अधिवक्ता और कानून विद की वैठक बुलाई थी | वैठक में विश्वकान्त मैनाली, रविनारायण खनाल, सुनील पोखरेल, ईश्वरी भट्टराई,गोविन्द बन्दी, रमेश बडाल,  और चन्द्रकान्त ज्ञवाली सहभागी थे  । कुछ एमाले नेता को भी रखकर ओली द्वारा किये गये बातचित में  अधिकांश कानुनविद् ने संविधान की धारा २९८ अनुसार नयाँ सरकार बनाने में बाधा होने की जानकारी करायी | कानूनविद की  बात सुनकर ओली ने कहा कि वे संविधान की भावना अनुसार ही आगे बढ़ेगें | उन्हें लम्बा समय तक सत्ता में रहने की आकांक्षा नही है |

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