प्राज्ञिक विद्यार्थी परिषद्, नेपाल का छठा राष्ट्रीय अधिवेशन भव्यता के साथ सम्पन्न ।

प्राज्ञिक विद्यार्थी परिषद्, नेपाल का छठा राष्ट्रीय अधिवेशन भव्यता के साथ सम्पन्न ।
काठमान्डौ, चैत्र १२
दिलीपकुमार यादव
pvp rallyनेपाल का एक मात्र स्वतन्त्र विद्यार्थी संगठन प्रज्ञिक विद्यार्थी परिषद नेपाल का छठा राष्ट्रीय अधिवेशन काठमाण्डौँ में सम्पन्न हुआ । सम्पन्न अधिवेशन में दो प्रस्ताव भी पारित हुए । पहले प्रस्ताव के रुप में शैक्षिक प्रस्ताव था जिसमें कहा गया था कि हमारे परम्परागत आदर्श, मूल्य और मान्यता में ठेस न लगे और युगानुकूल तथा समय सापेक्ष शिक्षा की व्यवस्था हो । और मेडिकल तथा अन्य क्षेत्र में राजनैतिक आधार और दवाब में दाखिला ना हो । शिक्षक नियुति तथा अन्य अनावश्यक राजनैतिक हस्तक्षेप बन्द हो । प्रयोगात्मक शिक्षा , जो pvp udghatan satraव्यवहारिकता नैेतिकता, समाज का मुल्य मान्यता को सम्मान कर सके और जो राजगारोन्मुख हो ऐसा पाठ्यक्रम तैयार किया जाना चाहिए । शैक्षिक क्षेत्र में अनुसंधान प्रभावकारी तथा अन्तरराष्ट्रीय मापलण्ड के अनुसार प्रयोगशाला स्थापना पर ध्यान दिया जाना चाहिए । देश का भूगोल अध्ययन , खानि उत्खनन और सम्भाव्यता अध्ययन की पढाई का पाठ्यक्रम और प्रभावकारीता मुल्यङकन हो । अंग्रेजी पढाई मात्र अच्छी हो इस भावना को निरुत्साहित करते हुए अनिवार्य सस्कृत शिक्षा लागु करा कर देश के इतिहास अध्ययन में प्रोत्साहन बढाया जाना चाहिए । बन्द रहित शैक्षिक वातावरण और राजनिति मुतm पदाधिकारी नियुतिm का वातावरण हो । विश्वविद्यालय में कभी सेमिस्टर प्रणाली लागु करना और हटाना इसके पीछे विश्वविद्यालय के निर्णायक पदाधिकारी की मानसिक समस्या है , प्राज्ञिक जगत में ऐसी अवस्था गैर जिम्मेदाराना है । इस सन्दर्भ में विभिन्न विद्यार्थी संघ संस्था के साथ मिलकर निर्णय लिया जाना चाहिए । मधेश आन्दोलन को सम्बोधन नहीं करना और आन्दोलन नहीं रुकने में सरकारी अक्षमता ही दिखाई देती है । उनके जायज माँगों को पूरा किया जाना चाहिए । कृषि के माध्यम से आर्थिक क्रन्ति करने की नीति का अवलम्बन करते हुए सुलियत ऋृण तथा अनुदान की व्यवस्था होनी चाहिए । सगिरेट बीडी आदि की बिक्री नाबालिगों को नहीं की जानी चाहिए युवाशक्ति को विदेश जाने से रोकना और देश में ही रोजगार का वातावरण तैयार किया जाना चाहिए । दूसरे को गाली ना देकर स्वयं को क्षमतावान बनाना चाहिए । ऐसे ही प्रस्तावों को पारित किया गया । इस अधिवेशन में नया कार्य समिति का गठन भी किया गया । जिसके अध्यक्ष डा.रामजी गौतन, महासचिव रमेश कण्डेल तथा राष्ट्रीय सचिव, केन्द्रीय सचिव आदि थे । परिषद में विभिन्न समय में किए गए कार्य का प्रतिवेदन भी प्रस्तुत किया गया ।
कार्यक्रम में नेपाल के ५ सौ से अधिक कार्यकर्ताओं की उपास्थिति थी कार्यक्रम काठमाण्डौ के पशुपतिनाथ क्षेत्र में सम्पन्न हुआ ।

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