फ्रांस ने क्वार्टर फाइनल में उरुग्वे को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल में बनाई जगह

 

फीफा विश्व कप के पहले क्वार्टर फाइनल में 1998 की चैंपियन फ्रांस ने दो बार की विश्व विजेता चैंपियन उरुग्वे को 2-0 से हराकर पहली टीम के तौर पर सेमीफाइनल में जगह बनाई। अपनी मजबूत डिफेंस के लिए मशहूर उरुग्वे के खिलाफ फ्रांस के राफेल वारेन ने जहां पहले हाफ में गोल किया तो वहीं दूसरे हाफ में उरुग्वे के गोलकीपर मुस्लेरा की गलती की वजह से फ्रांस को दोहरी बढ़त हासिल हुई। चोट की वजह से उरुग्वे के स्टार स्ट्राइकर कवानी इस मुकाबले में खेलने नहीं उतरे। मौजूदा विश्व कप में उरुग्वे ने अब तक सेट पीसेस के जरिये गोल किए थे लेकिन यहां ना तो कप्तान डिएगो गोविन का डिफेंस और ना ही लुइस सुआरेज का आक्रमण काम आ सका।

मुस्लेरा की गलती : इस मुकाबले से पहले जब भी विश्व कप में फ्रांस ने किसी भी मुकाबले में हाफ टाइम से पहले बढ़त ली थी तो उसे कभी हार नहीं मिली थी। कुछ ऐसा ही इस मुकाबले में देखने को मिला। एक गोल से पिछड़ रही उरुग्वे की टीम को 61वें मिनट में बड़ा आघात लगा। बॉक्स के किनारे से ग्र्रीजमैन ने खाली जगह का फायदा उठाते हुए गेंद को गोल पोस्ट की ओर लांग रेंज शॉट मारा। गेंद सीधे मुस्लेरा के हाथों में गई लेकिन यहां उरुग्वे के गोलकीपर से भारी गलती हो गई। वह गेंद को ना तो बाहर की ओर धकेल पाए और ना ही सफाई के साथ उसे अपने हाथों में ले पाए। गेंद उनके हाथों से लगकर पीछे निकल गई और फ्रांस 2-0 से आगे हो गया। दो गोल खाने के बाद उरुग्वे की स्थिति खराब होने लगी और उसके खिलाड़ी आक्रामक रुख अख्तियार करने लगे। 69वें मिनट में फ्रांसीसी स्ट्राइकर एमबापे को उरुग्वे के रॉड्रिग्ज ने गिराया। इसके बावजूद उरुग्वे के खिलाड़ी फ्रांस के इस युवा खिलाड़ी पर ही भड़कने लेगे। नतीजा यह हुआ कि दोनों टीमों के खिलाड़ी आपस में भिड़ते नजर आए जिसके बाद रेफरी को रॉड्रिग्ज के साथ एमबापे को भी यलो कार्ड दिखाना पड़ा। अंत में उरुग्वे ने तमाम कोशिशें की लेकिन जीत फ्रांस को मिली और ग्र्रीजमैन फ्रांस के लिए स्कोर किया और उनकी टीम नहीं हारी। इस दौरान उनकी टीम ने 19 मैचों में जीत हासिल की और दो मुकाबले ड्रॉ रहे।
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