Mon. Sep 24th, 2018

बचत कार्यक्रमों से महिलाओं में हुई चेतना की अभिवृद्धि

 

नेपालगन्ज÷ (बाँके) पवन जायसवाल, फाल्गुन ८ गते ।

बाँके जिला की नेपालगञ्ज स्थित ग्रामीण आर्थिक सामाजिक उत्थान केन्द्र, बाँके की वार्षिक साधारण सभा सम्पन्न हुआ है ।
बाँके जिला की पिछडे हुये, विपन्न वर्ग, सिमान्तकृत समुदायों की वीच विगत १६ वर्षें से महिला सशक्तिकरण, बचत समूह क्षमता अभिवृद्धि, आर्थिक स्वावलम्वन, स्वास्थ्य सचेतना कार्यक्रम, सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यक्रम, विभिन्न तालीम गोष्ठी लगायत की कार्यक्रमें सञ्चालन करते आ रहा है । केन्द्र ने फाल्गुन ५ गते शनिवार को वार्षिक साधारण सभा का आयोजन किया  ।
ग्रामीण आर्थिक सामाजिक उत्थान केन्द्र की अध्यक्ष श्रीमती लता शर्मा की अध्यक्षता में सम्पन्न वार्षिक साधारण सभा और वार्षिक कार्यक्रम की अनुगमन तथा मूल्याङ्कन भी किया गया था ।
इस अवसर पर अध्यक्ष लता शर्मा ने केन्द्रद्वारा बि.सं. २०५८ साल श्रावण महीने से नेपालगञ्ज उपमहानगरपालिका और साविक खासकारकाँदौ गाविस की विभिन्न वार्ड में सञ्चालित बचत तथा लघुऋण प्रवद्र्धन कार्यक्रम में आवद्ध महिला बचत समूहों को यह संस्था ने सशक्तिकरण किया वह समूह की सदस्यों को व्यक्तिगत विकास होने की बावजूद भी कार्यक्रम की अवधारणाएँ और सोंच अनुरुप उन लोगों में सामूहिक भावनाए की विकास करना और सामूहिक हित के लियें, और ज्यादा सशक्त बनाने के लिये, समूह को संस्थागत रुप में विकास करने के लिये, उन लोगों की समुदाय और टोल की विकास तथा विविध क्रियाकलाप सञ्चालन करके और ज्यादा सक्रिय कराने की अवधारणा अनुरुप विभिन्न समूहों की क्षेत्रगत रुप में सात केन्द्र बनाकर बि.सं. २०७२÷०७३ में समन्वय समिति निर्माण करके समन्वय समिति गठन किया गया और केन्द्र ने अभिभावक और सहजकर्ता की भूमिका निर्वाह करते आने की जानकारी दी ।
उन्हों ने इस अवसर पर आ.व. २०७१÷०७३ से २०७४ पुष मसान्त तक के हरेक केन्द्र अन्तर्गत के समूहों की यथार्थ आर्थिक अवस्था की बारे में प्रस्तुति की थी । उन्हों ने समूह में आवद्ध विपन्न वर्ग के समुदाय को लक्षित करके सामूदायिक स्वास्थ्य कार्यक्रम नियमित रुप में सञ्चालन करने की जानकारी भी दी ।
उसी अवसर में केन्द्र की कोषाध्यक्ष श्रीमती ममता आचार्य की अनुपस्थिति में उपाध्यक्ष तारा केसी सापकोटा ने केन्द्र की आ.व. २०७३÷०७४ की आर्थिक प्रतिवेदन प्रस्तुत की थी ।
इसी तरह केन्द्र की सदस्य ललिता जैसी ने सञ्चालन की थी वह कार्यक्रम में एकीकरण किया गया समूहों को व्यवस्थित करना और सुचारु रुप में सञ्चालन करने के लिये आवश्यक नीति तथा नियम तयार किया गया सचिवद्वारा प्रस्तुत वार्षिक प्रतिवेदन में उल्लेख था । इस के साथ साथ विविध गतिविधियाँ भी सञ्चालन किया गया उस की भी जानकारी दिया गयी थी ।
प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा स्रोत केन्द्र (रेस्फेक), काठमाण्डौं की सहयोग तथा स्थानीय समन्वय संस्था ग्रामीण आर्थिक सामाजिक उत्थान केन्द्र, बा“के की नेतृत्व में रही स्वास्थ्य अधिकार तथा सुर्तीजन्य वस्तु नियन्त्रण जिला सञ्जाल, बा“के और दातृ संस्था फ्यूचर फाउण्डेसन फर डेभलपमेन्ट(जेड.ई.सी.), जर्मनी की सहयोग में वर्षभर सञ्चालित त्रैमासिक निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर, महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम लगायत की गतिविधिया“ विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों की बारे प्रतिवेदन में उल्लेख किया गया था । वर्षभर सञ्चालित बारे प्रतिवेदन में उल्लेख किया गया था ।
इस अवसर में राधिका गोविन्द धाम सेवा समाज तथा आश्रम, बा“के के अध्यक्ष हरि नारायण शर्मा, सिक्टा सिंचाई आयोजना के सिनियर ए.ओ. कृष्ण विष्ट, संस्था में आवद्ध समन्वय समिति केन्द्र नं. १ के अध्यक्ष विष्णुमाया बुढा, केन्द्र नं. २ की उपाध्यक्ष हिमा देवी शर्मा, नं ३ की अध्यक्ष पवित्रा अर्याल, केन्द्र नं. ५ की अध्यक्ष विष्णु मल्ल और केन्द्र नं. ७ की अध्यक्ष कृष्णा खत्री ने अपनी अपनी धारणाए“ रखी थी । कार्यक्रम में करीब चार दर्जन सदस्यों की सहभागिता रही  ।

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

avatar
  Subscribe  
Notify of