बडे पर्दे से राजनीतिक अखाडे तक बोल्ड व ब्युटी जय ललिता ने दुनियाँ को कहा अलविदा

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विजेता चौधरी, काठमांडू, ६ दिसम्बर ।

राजनीति व फिल्म में अपनी अलग व जिवन्त छवी बनाने बाली जय ललिता ने दूनियाँ को कहा अलविदा । जय ललिता ने जिस क्षेत्र में भी कदम रखा उस में शीर्ष स्थान प्राप्त किया फिर चाहे वो फिल्में हाें या राजनीति ।

तमिल सिनेमा की रानी उपमा से विभुषित जय ललिता चर्चित व संभावनायुक्त वो अदाकारा थी जिन्होंने बडे परदे पर महत्वपूर्ण व बोल्ड सिन दिए । पर्दा में ढकी भारतीय समाज फिल्माए जाने बाले तात्कालिन समय में उन्हौंने नहाने का दृश्य दिया । छोटे कपडे पहने । नारी स्वच्छन्दता का बिगुल फूंका ।

जय ललिता ने राजनीति में जितना उतार चढाव का सामना किया उतना ही फिल्म में भी उन्हें संघर्ष करना पडा । ललिता सन् १९४८ फेबु्रअरी २४ को तामिलनाडु के एक ब्राम्हण परिवार में पैदा हुई थी ।

उन्होंने सन् १९६० में पहली बार मयलापोर की एक सभा में अपना नृत्य प्रस्तुत किया था । सभा के मुख्य अतिथि रहें फिल्म स्टार शिवाजी गनेशन ने ललिता की मां को कहा था कि वे बडी फिल्म स्टार बनेगीं । और गनेशन की भविष्यवाणी मानो जैसे फलित हो गई । महज १३ वर्षें की आयु में फिल्मों की ओर रुख करने वली ललिता तात्कालिन अभिनेत्रियों में अग्रस्थान में रहीं । उन्होंने अंग्रेजी, हिन्दी, कन्नड, तमिल, तेलगु, मलयाली लगायत के फिल्मों में काम किया ।

एक कन्नड फिल्म श्री शायला महाथमें में बाल कलाकार के रुप में भी ललिता ने अभिनय किया । वही सन् १९६२ में हिन्दी फिल्म में आधा घण्टा के रोल निभाया था । उस फिल्म में किशोर कुमार व साधना ने भी अनिभय किया था । सन् १९६४ में किन्नड गोम्बे उनकी पहली कन्नड फिल्म थी । तो वहीं ललिता की पहली तेलुगु फिल्म मामाथालू भी आया था । इसी प्रकार सन् १९६५ में आइ उनकी पहली तमिल फिल्म बेन्नीरा आडाई बहुत ही चर्चित हुई थी ।

ललिता ने सन् १९६८ में फिल्म इज्जत में पुनः एकबार हिन्दी फिल्म में दिखाइ दीं अभिनेता धर्मेन्द्र व साधना के साथ । सन् १९७२ में उन्होंने शिवाजी गनेशन के साथ फिल्म पटिटकडा पटटानाम में काम किया था । इस फिल्म ने नेशनल अवार्ड हासिल किया और जय ललिताको फिल्म फेयर की सर्वश्रेष्ठ तमिल अभिनेत्री का पुरस्कार दिलवाया । उसी के साथ सन् ७३ में आई सूर्यगन्धी के लिए भी ललिता ने फिल्मफेयर का सर्वश्रेष्ठ तमिल अभिनेत्री पुरस्कार जिता ।

ललिता ने जब मरुधुर गोपालन रामाचन्द्रन अर्थात एमजीआर के साथ काम करना शुरु किया उस के बाद से उनकी छवी वरिवर्तन हुई । ये जोडी पहली बार सन् १९६५ मे रिलिज हुई फिल्म आयरथिल औरुवन में दिखें थें । उसके बाद दोनो एक साथ कूल २५ फिल्मों में साथ दिखें ।

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ललिता ने करिब १ सौ २५ फिल्में की जिस में से सौ फिल्में हिट रही । और इसी के साथ वे एसी अभिनेत्री सावित हुई जिनके हाथ सबसे ज्यादा सिल्भर जुबली हिटस हैं ।

एमजीआर वही व्यक्ति थें जिन्होने ललिता को राजनीति से परिचित करबाया । ललिता कभीकभार कहती थी कि वे अपनी मां तथा एमजीआर से बहुत प्रभावित होति थी । ८० के दशक शुरु होते ही उन्होंने राजनीति में कदम रखा ।

फिल्मों से राजनीति की ओर दिशा बदलने बाले कई सारे फिल्मी कलाकार हैं । पर ललिता एक मात्र एसी अभिनेत्री निकली जिन्होंने ६ बार मुख्यमन्त्री बन कर दिख दिया ।

हर क्षेत्र में कामयाव व चर्चित रहीं जय ललिता का जिवनकाल संघर्षमय होते हुए भी विशिष्ठ व शक्तिसम्पन्न रही । अदबिदा जय ललिता ।

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