बर्दिया के ग्रामिण इलाका मे सांप की संख्या बढी

snakeसन्दिप कुमार बैश्य ,साउन ६ गते ,बर्दिया
बहुत लम्बे समयतक वरसात नहोने से और ग्रामिण इलाकोके आसपास के सामुदायिक जगंलमे आग लगने के कारण बर्दिया जिला मे इस साल बिषयुक्त सांप अधिक संख्या मे दिख रहा है  । ग्रामिण इलाका के सामुदायिक वा निजी वनके  नजदिक मे रहे गाव घर मे साप वहाँ केलोगों को बहुत परेसान कर रहा है ।
सुर्यपटुवा, ठाकुरद्धारा, सानोश्री, ढोढरी ,नेउलापुर, शिवपुर, ताराताल, बगनाह लगायत अधिकांस गाबिस मे निजी वा समुदायिक जगंल होने के करण  भी ग्रामिण इलाको मे रहे लोगों के घरगोठ के अन्दर सौ से अधिक बिष वाले सांप दिखार्इृ दिया है । घरगोठ के अन्दर दिखाई दिए ५० से अधिक सांपो को वहाँ के लोगो ने मारा है ।
जिला स्वास्थ्य कार्यालय बदिर्या के कार्यालय प्रमुख अच्युत लामिछाने ने कहा है कि विषालु सांपो से बचने के लिए घरगोठ , आगन सफा राख्खे, उजाले मे ही घर से बाहर निकले , खिरकी मे जाली लगाकर और सोने के समय मच्छडदानी लगाकर हि सोए ऐसा उन्होने सुझाव दिया । निकुञ्ज और सामुदायिक वनके आसपास मे वहाँ के स्थानीय भाषा मे कहने वाला फेटारा, डुम, महेर, गरैच और धमला लगायत के सांप दिखाई दिए है ।
सापदंश उपचार केन्द्रने २० लोगो की जान बचाई
सन्दिप कुमार बैश्य
साउन ६ गते ,बर्दिया
बर्दियामे अभि कुछ समय पहले स्थापना हुआ सापदंश उपचार केन्द्रने पडोस के जिला कैलाली ओर बर्दियाके ग्रामिण क्षेत्रो के  २० लोगो को सांपके काटने पर भी उन लोगों की जान बचानेमे सफल हुआ है । बदिर्या राष्टिय निकुञ्जके सुराक्षाके लिए तैनाद सेना का नरसिंह दल गणने पूर्व पश्चिम राजमार्ग हुलाकी सडक अन्तरगत परने वाला बगनाहा गाबिसके सैनवार मे रहे सेना का ब्यारेक मे पिछले बैशाख महिने के तिसरे हप्ते मे स्थापना हुआ सांपदंश उपचार केन्द्रने अभितक २० लोग को सर्पदंशके विमारीयो से जान बचाया है । जिला अस्पताल सदरमुकाम गुलरियामे भी अभितक सपदंशके ८ लोगोका उपचार किया जिला स्वस्थ्य कार्यालय बर्दिया ने बताया है ।
सपदंश उपचार केन्द्रमे असाढ महिना मे ही करेत, गोमन, राजगोमन,साखड जैसे विषालु सापके काटने से बदिर्या और कैलालीके १७ लोगो को उससे  जान बाचाया गया है सेनाके स्वास्थ्यकर्मीयो ने बताया  । उसी तरह जेठ महिना मे सपदंशके ३ लोगोको उस  बिमारीसे उपचार हुआ था । सांप काट  लेने के बाद घाउको कुछ भी नाकरके २ से ३ घण्टा के अन्दर केन्द्रमे ला सके तो सापके काटे हुए व्यक्तियोकी जान बचानेका संभावना ज्यादा रहेता है सेनाओके स्वास्थ्यकर्मीयोने बताया ।
केन्द्रमे अभि के व्यवस्थापन और सापदंश उपचार कोष स्थापनाके लिए ३ सय रुपिये मात्र शुल्क लेकर उपचार किया जा रहा है । सापदंशके विमारीयो वाले लोगोको समयमे ही किसी भी माध्यम से जल्द से जल्द केन्द्रमे लानेके लिए सेनाओने आग्रह किया है । पिछले साल बदिर्यामे सापके काटने से १४ लोगोकी जान गई थी । कोई भी सापके काटनेके बाद झारफुकमे नलग कर  और घाउको कुछ भी नाकर के  लाने के लिए जिला अस्पताल वा सेनाके सापदंश केन्द्रमे लाने के लिए जिला अस्पताल बदिर्याने आग्रह किया है  । सापके काटने के  बाद लोग उसको लेकर झारफुक लग जानेके कारण समयमे उपचार करने के लिए स्वास्थ्य संस्था मे नालानेके  कारण ईस साल अभितक बदिर्याके सानोश्री , नेउलापुर और राजापुर क्षेत्रके ३ लोगोने  जान गवाया है ।

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