बर्दिया मे ६५वाँ अन्तर्राष्ट्रीय मानव अधिकार दिवस

bardiya parkसन्दिप कुुमार बेश्य,मंसिर २८ गते  बर्दिया
६५वाँ अन्तर्राष्ट्रीय मानव अधिकार दिवसके सन्दर्भमे विहीबार गुलरियामे इन्टरनेश्नल कमिशन अफ जुरिष्ट, द्धन्द्ध पीडित समिति,इन्सेक, नेपाल बार एशोशियशन बर्दिया लगायत कइ संस्थाओ व्दारा आयोजित कियेगये अन्तरसंबाद कार्यक्रममे बिभिन्न वक्ताओने कहा कि कुछ हप्ते पहले हुये दुसरा संबिधान सभाके बिर्वाचन से जिते संबिधान सभा सदस्यो अब बनने वाला नयाँ  संविधानमे द्धन्द्ध पीडितोका आवाज को प्राथमिकताके साथ समेटेकर मानव अधिकार मैत्री संविधान निर्माण्ँ किया जाने पर जोड दिया है । कार्यक्रममे वक्ताओ ने कहा कि द्धन्द्ध पीडितोने किया हुआ  माग सम्बोधन नहोने पर अभि भी देशमे दिर्घकालिन शान्ति कायम नही हो सकता सरोकारवालाने बताया है् ।कार्यक्रममे बोलते हुये बदिर्याके प्रमुख जिला अधिकारी डा.मानबहादुर बिकेने नेपालमे बन हुआ कानुनो तक सम्पूणर््ँ पब्लिकोमे पहुँच कर कानुनी शासन लागु होता है तो मानव अधिकारके रक्षा हो पएगा ।देशमे द्धन्द्धके करिब डेढ दशक वित जानेपर भी इसका सम्बोधन करनेका संयन्त्र नही बनना एक विडम्बना है । तत्काल राष्ट«िय स्तरमे इसका संबोधन करने वाला संयन्त्र नियन्त्रण होन बहुत आवश्यक  है । कार्यक्रममे बदिर्या नागरिक समाज सञ्जालका संयोजक बालकृष्ण्ँ ओली,स्थानीय विकास अधिकारी शिवप्रसाद रेग्म, बदिर्याका प्रहरी उपरीक्षक शुरेशविक्रम शाह, राष्ट«िय मानवअधिकार आयोगका ेक्षेत्रीय निर्देशक मुरारी खरेल, अधिबक्ता बिरबहादुर रोकाय ,आइसिजेका पन्नाश्री विश्वास लगायतके वाक्ताआने  दिवसक विषयमे चर्चा किया गया था  ।

Loading...

Leave a Reply

Be the First to Comment!

avatar
  Subscribe  
Notify of
%d bloggers like this: