बाँके जिला फुटबल संघ का डेढ दशक बाद नयाँ नेतृत्व

Footballनेपालगन्ज , पवन जायसवाल, श्रावण २५ गते ।
बाँके जिला फुटबल संघ का नेतृत्व डेढ दशक के बाद बदल गया है । संघ का नेतृत्व भोजराज शाही ने सम्हाला है । नेपालगन्ज में संघ का चौथा जिला अधिवेशन ने सर्वसम्मत से नेतृत्व को युवा पुस्ताओं में हस्तान्तरण किया है ।
ओशोनिक क्लब के अध्यक्ष शाही बाँके फुटबल संघ में व्यवस्थापक रहे है  । खास करके ‘प्रोजेक्ट होप’ समेत चलाते उन्होने इस समय नियमित रुप में १२ वर्ष के नीचे के  बालबालिकाओं को फुटबल प्रशिक्षण देते आ रहे है ।  ‘प्रोजेक्ट होप’ कार्यक्रम के क्रम में शाही ने ओशोनिक क्लब नेपालगन्ज के ३ सौ से अधिक स्कूल के बालबालिकाओं को तीन महीना तक फुटबल प्रशिक्षण देते आ रहेथे ।  विभिन्न चरणों में एक हजार से अधिक बालबालिकाओं को प्रशिक्षण में सहभागी करा चुके शाही ‘तत्काल परिणामों से ज्यादा अपना जग मजबूत बनाने की ओर केँद्रीत रहे थे  ।
उस के लियें हजारो की संख्या में फुटबल के प्रति का क्रेज जगाने के लियें अपना इस अभियान में वे सक्रिय रहेते आये हैं,  शाही ने इसकी जानकारि दी है । ‘फुटबल  खेलों का विकासों के लियें हमारे पास में एक अलग अवधारणा है ।
शाही ने अध्यक्षता ग्रहण करते हुयें कहा कि वे सबों को साथ लेकर अगे बढने का काम करगें ।
शाही ने आगे कहा कि वे १८ वर्ष तक जिला के फुटबल विकास के लियें जितना हो सका उतना किया , आगे भी युवा नेतृत्व को पुरा साथ देकर इसे ज्यादा और भी सक्रिय रहेगें ।
नयाँ कार्य समिति में निजामुद्दीन सिद्दिकी (मुन्ना), मोहन सिंह थापा और नागिन श्रेष्ठ सर्वसम्मति से चुने गयें है । इसी तरह संघ सदस्यों में  प्रदेश सिंह राठौर, गोविन्द प्रसाद श्रेष्ठ, अशोक श्रेष्ठ, गान्धी हमाल, केशव राना, भीमबहादुर घरती, कृपाल देव गिरी, भीमबहादुर राना और प्रेम बहादुर थापा भी सर्व सम्मति से चुने गयें है । उन लोगों मे से सचिव और कोषाध्यक्ष कार्यसमिति का बैठक ही चयन करेगा अध्यक्ष शाही ने बताया ।
एन्फा के मध्यपश्चिम क्षेत्रीय अध्यक्ष युवराज श्रेष्ठ केन्द्रीय प्रतिनिधि के रुप में सम्मिलित चौथा अधिवेशन से सर्वसम्मत नेतृत्व चयन किया है । कार्यक्रम के प्रमुख अतिथि, एन्फा के केन्द्रीय सदस्य गोबद्र्धन सिंह सम्झना ने फुटबल में ‘इमोशन और डिभोशन लाने में एन्फा केन्द्रीत नही हो  सका’ टिप्पणी किया । ‘एन्फा के केन्द्र बिन्दु सही जगह में नही है,’ केन्द्रीय सदस्य सम्झना ने कहा, ‘मंहगा पुरस्कार रख कर कृतिम प्रतियोगिता  रखने से गाँव गाँव में फुटबल का जग डाल्ने के लियें  एन्फा को कार्यक्रम करना पडेगा । कार्यक्रम में वरिष्ठ प्रशिक्षक श्याम श्रेष्ठ, राखेप के सदस्य राजेन्द्र शाही, केन्द्रीय प्रतिनिधि युवराज श्रेष्ठ, पत्रकार महासंघ बाँके शाखा के अध्यक्ष शुक्रऋषि चौलागाई, खेलकुद पत्रकार मञ्च के अध्यक्ष जयनारायण शाह लगायत लोगों ने अपना– अपना विचार व्यक्त किया था ।

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