बाढ़ व भू स्खलन ने मचाया कोहराम, कहीं मृत्यु का ताण्डव, कहीं भूख और कहीं मण्डराता खतरा

विजेता चौधरी, काठमाण्डू, ११ साउन

कल से हो रही लगातार वर्षात के कारण देश के ५ बडी नदीयों में खतरे के निशान से उपर पानी पहुँचने के कारण जल तथा मौसम विज्ञान विभाग, बाढ पूर्वानुमान शाखा ने उक्त क्षेत्र की जनता को सचेत रहने के लिए आग्रह किया है ।

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आज सुवह ४ बजे शाखा ने सूचना जारी करते हुए कहा है कि कन्काई नदी, भोटेकोशी तथा बागमती नदी के जलाधार सुवह ४ बजे से ही चेतावनी तह पार करने के कारण सूचना जारी किया गया है । इसी के साथ महाशाखा ने कर्णाली तथा तनाउ नदी में सब से अधिक खतरा होने की बात का खुलासा किया है ।

देश के विभिन्न भाग में एक हप्ते से लगातार वर्षा हो रही है । मौसमविद बताते हैं– तिब्बती क्षेत्र से आ रही वायु के बडे झौंके के कारण कुछ दिनो तक नेपाल के पश्चिमी क्षेत्र में भारी वर्षात हो रही हेै ।

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नेपाल के वायुमण्डल से मानसुनी वायु के रेखा दक्षिण के तरफ घिसक गई है और उक्त स्थान में तिब्बत से दूसरे वायु के बढे झौके के नेपाली वायुमण्डल में प्रवेश करने की वजह से पश्चिमी नेपाल के तरफ अभी लगातार भारी वर्षात होने की संभावना बतायी जा रही है ।

डुबान का कहर

इसी प्रकार कुछ दिनो से हो रही लगातार बर्षात के कारण सप्तरी जिला पूर्ण रुप से जलमग्न है । प्राप्त जानकारी के मुताविक बाढ से करीब ४ हजार लोग प्रभावित हैं । जिला प्रशासन कार्यालय सप्तरी के मुताविक बाढ से बसहिया, रामपुर, मलनिया, गोबरगाडा गाविस डुवान में है । वही व्यक्ति की नदी में बहने से मृत्यु हो गई है जिसकी पुष्टि अभी होना बाँकी है ।

यद्यपि बताया जा रहा ह किै कोशी नदी के जल सतह बढने से सप्तरी में अधिकांश घर डुबान की समस्या झेल रहे है । जि. प्र. के अनुसार, पीडितों के उद्धार के लिए सेना तथा पुलिस द्वारा ट्युब बोट से उद्धार कार्य जारी है ।

इसी प्रकार गुल्मी में भी वर्षा के कारण भू स्खलन होने से पाँच की मौत हो गई है । गुल्मी के विशुखर्क में भू स्खलन से गोपाल राणा के दो बच्चों की भी मौत हो गई है ।

वर्षात ने मचाया मृत्यु का ताण्डब

वर्षात का कहर पाल्पा जिला में भी कम नही पडा है, जिला के गोठादी गाविस ५ दमार में भू स्खलन से घर ढकने पर रात सो रहें एह ही घर के तीन लोगों की मृत्यु से गाउ शोक में डुबा है ।

इसी प्रकार वर्षात से प्युठान जिला के लुगं गाविस ६ में भी दो लोगों की मौत हो गई है ।

लगातार पानी के झरी से सुनसरी जिला ११ गाउ विकास समिति , तीन नगर पालिका तथा एक उप महानगर पालिका के कुल १ हजार ७ सौ घर डुबने की स्थिति में है ।

बर्सात का कहर यहीं नही थमता, भीषण वाढ ने कास्की हेम्जा मे सेती नदी से बालू निकालने के क्रम में एक महिला नदी में बह के वेपत्ता हो गईं है वहीं कास्की के तीन दर्जन घर डुबने के चपेटे में है ।

बाढ़ से बेघर हुए पीडि़तों के घरों में कई दिनो से चुल्हा नही जला है । कहीं आँटा तो कहिं चूड़ा खा कर समय गुजारने को बाध्य है बाढ से पीडित लोग ।

pahiro

राहत के लिए सांसदों ने उठायी आवाज

विगत कुछ दिनों से हो रही भारी बर्षात के कारण तराई मधेस के अधिकांश जनता डुबने से पीडित है । जनता के उद्धार तथा रहत के लिए तत्काल पहल करने के लिए सांसदों ने माग की है । व्यवस्थापिका संसद के विशेष समय में बोलते हुए कांग्रेस के रामकृष्ण यादव ने तराई के जिलों में जनधन की क्षति बडी मात्रा में हुई है कहते हुए उद्धार तथा रहत के लिए तत्काल प्रभावकारी कदम उठाने की मांग की है

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