बाढ का कहर, बदहाल जिन्दगी

binayविनय दीक्षित/नेपालगंज:जिले की राप्ती नदी में पिछले एक दशक से वषर्ात के मौसम में निरन्तर बाढ दस्तक देती रहती है, लेकिन इस वर्षजो बाढÞ श्रावण २९ गते आई उसने पिछले कई वर्षों के तथ्यको रौंदकर रख दिया । अधिकंाश ऐसे गाँव डूबे हैं, जो पिछली बाढÞों में सिर्फसामान्य पानी का सामना करते थे । ऐसे गावों में बाढÞ से निपटने के लिए पुख्ता तयारी भी नहीं थी, जिस के कारण अप्रत्याशित क्षति हर्ुइ ।
वषर्ात और बाढÞ के पानी ने बाँके और बर्दिया जिला के ६० प्रतिशत भूभाग को जलमग्न कर दिया । देखते हीं देखते सैकडÞों लोगों की जान चली गई, हजारों बेघर और भूखे हो गए । अनगिनत पशुओं की मौत हर्ुइ, घर में भण्डारण किया हुआ अनाज भी सडÞ गया, और सरकार ने तत्कालीन राहत के नाम पर चन्द पैकेट विस्कुट और चूरा वितरण कर अपना पल्ला झाडÞ लिया ।
राष्ट्रीय मानवअधिकार आयोग ने बाढÞ पीडिÞतों के प्रति स्थानीय प्रशासन द्वारा की गई लापरवाही को गम्भीरता के साथ लेते हुए वैसे लोगों को व्यवस्थित बास, खाद्यान्न, कपडÞा, शिक्षा, स्वास्थ्य की सुनिश्चितता की माग की । वषर्ात के कारण सिन्धुपाल्चोक, खोटाङ, बाँके, बर्दिया, सर्ुर्खेत, दाङ, कैलाली, जाजरकोट, सिरहा, रौतहट जैसे जिलों में भारी क्षति हर्ुइ, सैकडों लोगों की जाने गईं और हजारों बेघर हो गए ।  Badi 1 Badi 2 Badi 4 Badi 5
राष्ट्रीय मानवअधिकार आयोग के रिपोर्ट अनुसार बाढÞ के कारण बाँके, बर्दिया और सर्ुर्खेत में १०५ लोगों की मौत हर्ुइ । जिस में करिब १३६ लोग लापता बताए गए हैं । बाढÞ में विभिन्न भौतिक संरचना ध्वंश होने से ४२ लोग घायल हुए और २० हजार २ सौ ३९ परिवार विस्थापित हुए हैं ।
११ हजार ५ सय ८४ घर क्षत्रि्रस्त हुए है । बाढÞ ने गावोंको तबाह कर दिया जिले के बनकट्टी गाबिसका कटहिया, रमपर्ुवा, तिवारीपर्ुवा, लोधपर्ुवा, बेतहनी का नौरीगौढÞी, सन्तलिया, होलियाको चौफेरी, पिपरहवा, टेपरी, कम्दीका मसहा, शाहपर्ुवा, मिलनचौक, र्सर्ूयलालपुर, फत्तेपुरका सिधनिया, मेहमानपुर, झगडिया, सोनपुर, र्सरा, गंगापुरका सोनवषर्ा, दोंदरा, गंगापुर, भोजपुर, कुदरबेटवा, मटेहियाका भगवानपुर और नेवाजी गाँव में बाढÞ का पानी घुसने के कारण जनजीवन अस्तब्यस्त हो गया । र्
कई ऐसे गाँवों में इस बार पानी घुस गया है, जहाँ लोगों को बाढÞ की उम्मीद ही नहीं थी । सोनवषर्ा, सिधनिया, मिलन चौक, बेतहनी जैसे कई गाँव हैं जहाँ एक दशक में बाढÞ का पानी घुसने का रेकार्ड नहीं है । मौसम विभाग ने चेतावनी दी थी की ३ दिन तक भीषण बारिश होगी लेकिन किसी ने बाढÞ के ऐसे मंजर की परिकल्पना नहीं की थी । २ दिन और रात दर्जनों गाँव के लोगों ने छत पर विना कुछ खाए पिए ही रात बिताई । मरीजों और बच्चों का और भी बुरा हाल था ।
चुनौती बनती स्वास्थ्य समस्या
बाढÞ का पानी ३ दिन जमने के बाद जगह खाली हुआ, क्षतिका तो अनुमान लगाना भी मुश्किल है । घर और खाद्यान्न के मामले में कई ऐसे गाँव हैं, जहाँ कुछ भी नहीं बचा, लोग दूरदराज गाँव के रिस्तेदारों की सहायता ले रहे हैं । खैर बाढÞ का मंजर कुछ सुधरा तो लोगों ने राहत की साँस ली और अपने घरों की साफ-सफाई में जुटे, ३ दिन तक जल भराव के कारण चारो तरफ गन्दगी का आलम है, स्वच्छ पानीका अभाव है । कई गाँव में खाना पकाने के लिए सूखी लकडिंया भी नहीं मिलती ।
बाढÞ हटने के ३ दिन बाद शुरु हुआ बुखार का कहर, जिन गाँवों में जल भरा था, वहाँ ६० फीसदी लोग संक्रमण की चपेट में आगए । जैसे तैसे मटेहिया गाविस स्थित भगवानपुर और नेवाजी गाँव में स्वास्थ्य स्थित को देखते हुए वहाँ चिकित्सकों ने फौरन स्वास्थ्य शिविर संचालन किया ।
करिब १५० लोगों का स्वास्थ्य जाँचकर लौटे मटेहिया स्वास्थ्य चौकी के इन्चार्ज प्रेम बुढा ने बताय कि अधिकाँश लोगों में भाइरल बुखार है । बाढÞ के कारण संक्रमित खाना खाने के कारण बाढÞग्रस्त क्षेत्र में अधिकाँश गाँव में बुखार का कहर है । जिला जनस्वास्थ्य कार्यालय में बाढÞग्रस्त क्षेत्र के स्वास्थ्य चौकियों को अलर्ट कर २४ घण्टे रोग के संक्रमण पर नजर बनाए रखने की हिदायत दी ।
जनस्वास्थ्य प्रमुख जीवन मल्ल ने बाढÞ पीडित क्षेत्रोंका दौरा किया और आपातकालीन स्थिति के लिए पर्याप्त दवा की ब्यवस्था की ।
जिले में क्षति की अवस्था
जिल्ला प्रशासन कार्यालय बाँके ने जिले में करिब ६ हजार ३ सय ३४ परिवार विस्थापित होने का तथ्याँक र्सार्वजनिक किया है । प्रशासकीय अधिकृत विष्णु साहनी ने बताया जिले में क्षति का तथ्याँक निरन्तर बढÞ रहा है और उसी के हिसाब से राहत का व्यवस्थापन भी किया जा रहा है ।
प्रशासन के अभिलेख पर नजर डÞालें तो कचनापुर २ निवासी सेवक सुनार, होलिया ९ निवासी ननमुन खाँ, फत्तेपुर निवासी सगुनी थारु, कोहलपुर २ निवासी विशाल दाहाल, कचनापुर ८ निवासी प्रमिला बिक सहित एक और महिला की बाढÞ में डूबने से मौत हो गई ।
प्रशासन ने फत्तेपुर २ निवासी सीताराम राढÞ, कल्पना राढÞ, शान्ति राढÞ, लक्ष्मी राढÞ और उढÞरापुर निवासी पैरु यादव की बाढÞ में मौत हो गई, ऐसा बताया । प्रशासन ने हवाई मार्ग से ४ गाबिस में १ हजार ३ सय ९१ परिवार को राहत वितरण किया ।
भाद्र २ गते सोमवार हवाइमार्ग से होलिया गंगापुर और मटेहिया गाबिस में ३ सौ परिवार, फत्तेपुर गंगापुर कम्दी में ३ सौ और होलिया में १ सौ परिवारको राहत समगी दी गई । बेतहनी में २ सौ, बनकट्टी में २ सौं, कम्दी में १ सौ ५० और उढÞरापुर गाबिस में १ सौ ५० परिवार को तत्कालीन राहत प्रदान की गई ।
फत्तेपुर में ५ सौ १०, टिटिहिरिया में ७५ और फत्तेपुर कमैया डाँडा में १ सौ ५० घर परिवार को प्रशासन ने राहत उपलब्ध कराया । बाढÞ के कारण नेरानिमावि कचनापुर में २ सौ ५०, जनसेवा मावि धनौली में १ हजार ५५, नेरानिमावि बनकट्टी शाहपर्ुवा में ८०, नेरानिमावि सोनपुर में ९०, फत्तेपुर ४ स्थित मदरसा में ५० और विभिन्न र्सार्वजनिक सडकों पर ८० लोगों ने अपनी जान बचाई ।
किस ने कितना सहयोग किया –   
बाढÞग्रस्त क्षेत्र में उद्धार और राहत के लिए विभिन्न सहयोगी संस्थाओं ने कदम आगे बढÞाया । लेकिन जिले के तथ्याँक के हिसाब से राहत सिर्फआधा ही हो पाया । प्रशासनने प्रधानमन्त्री राहत कोष तथा विभिन्न सरकारी गैरसरकारी निकाय से पुनः राहत का आग्रह किया और फिर भी लोगों का गुस्सा रहात की कमी के कारण बढÞता गया ।
बाढÞ पीडितों को न्यूनतम राहत के लिए भी करिब ३५ लाख रुपये की आवश्यकता हर्ुइ । प्रशासकीय अधिकृत विष्णु साहनी ने क्षति का विवरण संकलन के साथ तत्कालीन राहत वितरण का भी काम जारी रखने का संकेत दिया ।
राहत में प्लान नेपाल ने २ लाख, केयर नेपाल ने १ लाख, एड्रा नेपाल ने १ लाख, सेभ द चिल्ड्रेन ने १ लाख, जिला विकास समिति ने १ लाख ५० हजार, बि-ग्रुप ने १ लाख, गोरखा युनाइटेड स्कूल कोहलपुर ने ४४ हजार १ सय ६० रुपये का सहयोग किया ।
फोन और विद्युत ठप्प
वषर्ात के कारण हुए जलभराव में नेपालगन्ज नगरपालिका भी प्रभावित हुआ । न्यूरोड, त्रिवेणी मोडÞ, वीरेन्द्र चौक, सेतु बिक चौक, बौद्ध गुम्बा, बसपार्क, राप्तीरोड जैसे क्षेत्रों में काफी जल भराव रहा, विद्युत और टेलीफोन सेवा भी अवरुद्ध रही ।
राप्तीपार क्षेत्र को जोडने वाला हुलाकी राजमार्ग भी ध्वस्त हो गया । कई स्थानों पर सडÞक कटान के कारण आवागमन वाधित है । राप्ती पुल के पास बाढÞ ने सडÞकको कई खण्डों में विभाजित कर दिया, साइकिल और बाइक के अलावा अन्य कोई भी वाहन आवागमन नहीं कर सकते ।
कम्दी के स्थानीय पत्रकार र्सर्ूयलाल यादव ने पुल क्षेत्र के पास विद्युत के करिब १५ खम्बे ध्वस्त होने की जानकारी दी, जिस कारण राप्तीपार फत्तेपुर विनौना लगायत क्षेत्र में विद्युत् अवरुद्ध है । स्थानीय मोबाइल टावरों में जलभराव के कारण मोबाइल नेर्टवर्क ने भी काम करना बन्द कर दिया है ।

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