बाल ठाकरे का दिल का दौरा पड़ने से निधन

शिव सेना प्रमुख बाल ठाकरे का दिल का दौरा पड़ने से शनिवार को निधन हो गया। ठाकरे की मौत की खबर सुनते ही उनके आवास मातोश्री पर शिव सेना कार्यकर्ताओं की भीड़ जमा हो गई।

डॉक्टर जलील पारकर ने बताया कि दोपहर 3.30 के करीब उनका निधन हुआ। ठाकरे की मौत पर कई राजनेताओं ने शोक जताया है। रविवार सुबह सात बजे से ठाकरे का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए शिवाजी पार्क में रखा जाएगा। इसके बाद शाम को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

भाजपा का कहना है कि बाल ठाकरे के निधन के साथ ही एक युग का अंत हो गया। इससे देश, शिवसेना और एनडीए को बड़ा झटका लगा है। पार्टी ने साफ किया है कि इस वजह से वह प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के डिनर में शामिल नहीं होगी। इधर ठाकरे के निधन पर मुंबई में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

बाला साहेब ठाकरे पर एक नजर

जन्म : 23 जनवरी, 1926 को
पिता : स्व. केशव सीताराम ठाकरे
पत्नी : स्व. मीना ठाकरे
संतान : बिंदु माधव ठाकरे (1996 में सड़क दुर्घटना में मौत), जयदेव ठाकरे और उद्घव ठाकरे
शक्ति : ललाट पर लाल टीका, आंखों पर काला चश्मा, भगवा वस्त्र और हाथों में रुद्राक्ष की माला, अपनी अदालत और अपने फैसले।
फैसले पर अमल करने वाले हजारों शिव सैनिकों का फौज।

कैरियर की शुरुआत

–1950 में मुंबई के फ्री-प्रेस जरनल में बतौर कार्टूनिस्ट अपना कैरियर उन्होंने शुरू किया।
–वे मशहूर कार्टूनिस्ट आरके लक्ष्मण के समकालीन थे।
–तब उनके कार्टून दि न्यूयार्क टाइम्स के संडे संस्करण में भी छपते थे। वहां उन्होंने 10 साल तक नौकरी की।
–1960 में अपने भाई के साथ मिलकर एक साप्ताहिक कार्टून पत्रिका मार्मिक निकाली।
–उन्होंने इस पत्रिका का मुंबई में रहने वाले गैर मराठियों के खिलाफ अभियान चलाने में एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया।

राजनीतिक कैरियर

–बाल ठाकरे की राजनीतिक विचारधारा उनके पिता केशव सीताराम ठाकरे से काफी प्रभावित थी।
–1966 में उन्होंने महाराष्ट्र में शिव सेना नामक कट्टर हिंदू राष्ट्रवादी संगठन की स्थापना की। शुरुआती दौर में उन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिल पाई लेकिन अपनी उम्र के अंतिम दौर में शिव सेना को सत्ता की सीढ़ियों पर पहुंचा दिया।
–1989 में अपनी विचारधारा को लोगों तक पहुंचाने के लिए ‘सामना’ नामक अखबार की शुरुआत की।
–1995 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद शिवसेना-भाजपा गठबंधन पहली बार सत्ता में आई।
–इस दौरान (1995-1999) बालासाहेब साहब ने सरकार में न रहते हुए भी उसके सभी फैसलों को प्रभावित किया। यही कारण था कि उन्हें रिमोट कंट्रोल तक का नाम दिया गया।
–28 जुलाई 1999 को इलेक्शन कमीशन की अनुशंसा के बाद ठाकरे को छह साल के लिए चुनाव लड़ने और वोट डालने के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया।
–2006 में प्रतिबंध से मुक्त होने के बाद उन्होंने बीएमसी चुनावों में मतदान किया

शिवसेना

–16 जून, 1966 को उन्होंने शिव सेना बनाई थी। 1970 तक आते-आते सेना कट्टर हिंदूवादी पार्टी बन गई। 6 दिसंबर, 1992 को बाबरी मस्जिद के ध्वंस में भी शिव सैनिकों की मुख्य भूमिका रही। इसी ध्वंस की जमीन पर खड़े होकर शिव सेना ने 1995 में भाजपा के साथ मिलकर महाराष्ट्र की विधानसभा पर कब्जा जमाया।
–पारिवारिक सदमा : 1996 में उन्हें दो बड़े सदमों से गुजरना पड़ा। 20 अप्रैल 1996 को उनके पुत्र बिंदुमाधव की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई जबकि, इसी साल सितंबर में उनकी पत्नी मीना का हार्ट अटैक के बाद निधन हो गया।
–राज ठाकरे का अलग होना : 2005 में उनके बेटे उद्धव ठाकरे को अतिरिक्त महत्व दिए जाने से नाराज उनके भतीजे राज ठाकरे ने शिवसेना छोड़ दी और 2006 में अपनी नई पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना बना ली।

बिगड़ते स्वास्थ्य

–25 जुलाई, 2012 को सांस लेने में तकलीफ के बाद उन्हें मुंबई के लीलावती अस्पताल में दाखिल किया गया था। इसके बाद से लगातार उनकी सेहत में गिरावट होती गई।
–3 नवंबर, 2012 को मुंबई में बांद्रा स्थित निवास स्थान मातोश्री में इलाज, किसी को भी मिलने पर पाबंदी लगाई गई।

मुद्दा कोई भी हो, राय अपनी

–हर मुद्दे पर अपनी अलग राय, उन्हें अगर नहीं जंचा, तो बस सामने वाले की खैर नहीं।
–अफजल की फांसी पर राष्ट्रपति को कोसना।
–युवाओं की मोहब्बत के इजहार का वेलेंटाइन डे।
–पाकिस्तान के साथ भारत के क्रिकेट खेलने का मुद्दा।

ठाकरे के घर पर जैक्सन

1996 में पॉप स्टार माइकल जैक्सन एक कन्सर्ट के लिए मुंबई आए और शिव सेना ने उनका बड़ी ही गर्मजोशी से स्वागत किया था। तब माइकल जैक्सन बाल ठाकरे के घर जाकर ठाकरे से मुलाकात की थी।

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