बिहार के नेता लालू और मोदी दोनों ने मधेश आन्दोलन का समर्थन किया है : राजेन्द्र महतो

विराटनगर, २१ माघ
सद्भावना पार्टी के अध्यक्ष राजेन्द्र महतो ने कहा है है कि मधेश के मांग प्रति भारत सकारात्मक है । उन्होंने यह भी कहा कि नेपाल की सीमा केन्द्रीत आन्दोलन और उससे भारत में होनवाला प्रभाव के प्रति भी भारत चिन्तित है । बिहीबार विराटनगर में पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए उन्होंने आगे कहा– ‘मधेस आन्दोलन नियन्त्रण से बाहर जाने की सम्भावना भी है, इस के प्रति गम्भीर होने के लिए हम लोगों को कहा गया है ।’

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राष्ट्रिय जनता दल के अध्यक्ष लालुप्रसाद यादव और भारतीय जनता दल के नेता सुशील मोदी के साथ हुए बातचीत के बारे में कहते हुए उन्होंने कहा– ‘पटना में हुए छलफल में यादव और मोदी दोनों ने मधेस की मांग और सीमा क्षेत्र में होनेवाले सम्भावित परिणाम के सम्बन्ध में हम लोगों ने केन्द्र सरकार के साथ बातचीत करने को आग्रह किया है । और हमारे सुझाव था कि दिल्ली के द्वारा काठमांडू के साथ कुटनीतिक प्रयास हो ।’  महतो को कहना था कि २०६४ साल में मधेशी मोर्चा के साथ किए गए सम्झौता में भारत ने सकारात्मक हस्तक्षेप किया था, इस बार भी भारत से यही अपेक्षित है ।
महतो ने यह भी कहा कि बिहार के नेता द्वय यादव और मोदी दोनों ने नेपाल में जारी मधेश आन्दोलन को समर्थन किया है । महतो ने आगे कहा– ‘लेकिन नेपाल सरकार अपने ही देश के भीतर रहे जनता की आवाज सुनने के लिए तैयार नहीं है । अगर ऐसा ही रवैया जारी रहा तो हम लोग नाकाबन्दी सम्बन्ध दूसरा तरीका भी अवलम्बन कर सकते है ।’ उनका मनाना था कि अभी तक जारी आन्दोलन और नाकाबन्दी मधेशी मोर्चा ने ही किया है । अगर नेपाल सरकार, मधेशी जनता की मांग के प्रति उदासिन ही रह जाएंगे तो मोर्चा भारत सरकार को आग्रह करके भारत की तरफ से नेपाल को नाकाबन्दी कर सकता है । उन्होंने कहा– ‘अगर आवश्यकता महसूस किया जाएगा तो हम लोग भारत को आग्रह करके ही नेपाल को नाकाबन्दी कर सकते है ।’
उनका मनना है कि नाकाबन्दी थप कड़ा और सशक्त बनाना चाहिए । नहीं तो वीरगंज नाका भी खोल देना बेहतर होगा । उन्होंने कहा– ‘सिर्फ वीरगञ्ज नाका ही बन्द करना ठीक नहीं है । अन्य नाका खोलना है तो वीरगंज भी खोलना चाहिए ।’ महतो का कहना है कि इस सम्बन्ध में वे मोर्चा के बैठक में छलफल करेंगे ।

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