बिहार कैबिनेट ने भोजपुरी को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने के प्रस्ताव पर लगायी मुहर

 
*पटना{मधुरेश}*- बिहार समेत अन्य राज्यों एवं कई देशों में बोली जाने वाली भोजपुरी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने के लिए बिहार सरकार ने कमर कस लिया है. इसके लिए बिहार में भोजपुरी भाषी लोग लंबे समय से आंदोलन कर रहे थे. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई.

प्रस्ताव में लिखा गया है कि राष्ट्र की सर्वाधिक जनसंख्या द्वारा बोली और समझे जाने वाली हिंदी की एक प्रमुख (बोली) उपभाषा भोजपुरी एक विशाल भू-भाग में प्राचीन भारत से बोली जाती रही है. भोजपुरी नेपाल की दक्षिणी सीमा से लेकर झारखंड के छोटानागपुर और यूपी के वाराणसी, मिर्जापुर, फैजाबाद, जौनपुर, बलिया और बस्ती आदि क्षेत्रों से बिहार के भोजपुर, बक्सर, सारण, सीवान, पश्चिमी चंपारण और पूर्वी चंपारण आदि जिलों तक बोली जाती है. जनमानस की भावना के सम्मान में भोजपुरी को संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल किया जाए.
भोजपुरी भाषा का इतिहास 7वीं सदी की मानी जाती है. गुरु गोरखनाथ ने 1100 साल पहले गोरख बानी लिखा था. जिसे संत कबीर दास 1297 के जन्मदिवस पर भोजपुरी दिवस के रूप में भारत में मनाया गया और आज उसे विश्व भोजपुरी दिवस के रूप में मनाया जाता है. वैसे तो भोजपुरी की शुरुआत भोजपुर से हुई. भोजपुर के रहने वालों की भाषा भोजपुरी कहलाने लगी. लेकिन इसमें सबसे दिलचस्प बात ये है कि अधिकतर लोगों को शायद ही यह पता होगा कि आखिर जिस भाषा को वो बोल रहे हैं उसकी उत्पत्ति कहां से हुई है?

भोजपुरी भाषा का नामकरण बिहार के आरा के शाहाबाद जिले स्थित भोजपुर नामक गांव पर हुआ है. पूर्ववर्ती आरा जिले के बक्सर सबडिविजन का अलग जिला है, वहां भोजपुर नाम का एक बड़ा परगना है. यहां नवका भोजपुरा और पुरनका भोजपुरा दो गांव है. मान्यता है कि मध्य काल में इसे मध्य प्रदेश के उज्जैन से आए भोजवंशी परमार राजाओं ने बसाया था. उन्होंने अपनी इस राजधानी को अपने पूर्वज राजा भोज के नाम पर भोजपुर रखा था. इस वजह से भी इसे भोजपुरी बुलाये जाना लगा.

अगर आंकड़ों की बात करें तो विश्व में 22 करोड़ से अधिक लोगों की जुबान पर भोजपुरी भाषा है. आपको ये जानकर हैरानी होगी कि जहां हमारे देश में भोजपुरी को संवैधानिक दर्जा प्राप्त नहीं है वहीं दुनिया में एक देश ऐसा भी है जहां की राष्ट्रीय भाषा भोजपुरी है. मॉरीशस हिंद महासागर और मेडागास्कर के पूर्व में स्थित है। लेकिन इस देश की राष्ट्रीय भाषा भोजपुरी है. 14 जून 2011 को मॉरीशस की संसद में भोजपुरी को राष्ट्रीय भाषा का दर्जा दिया जा चुका है.

भोजपुरी भी अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग तरहों से बोली जाती है. कहीं आदर्श भोजपुरी है तो कुछ जगहों पर पश्चिमी भोजपुरी. वहीं कुछ जगहों पर मधेसी और थारू भोजपुरी भी बोली जाती है. आदर्श भोजपुरी बोलने में बिहार और यूपी के कुछ जिले हैं तो पश्चिमी भोजपुरी यूपी के जौनपुर, आजमगढ़, बनारस, गाजीपुर और मिर्जापुर में बोली जाती है. मधेसी भोजपुरी तिरहुत की मैथिली और गोरखपुर की भोजपुरी के बीच वाले स्थानों पर बोली जाती है. थारु भोजपुरी नेपाल के तराई में रहने वाले बोलते हैं. यहां मैथिली, नेपाली और भोजपुरी तीनों भाषाएं बोली जाती है, जबकि वहां की भाषा पूर्वी हिंदी अवधी है.

सुरिनाम दक्षिण अमरीका महाद्वीप के उत्तर में स्थित एक देश है. इस देश में भी भोजपुरी बोलने वालों की कोई कमी नहीं है. दक्षिणी अमरीका का एक देश है गुयाना, इस देश के 43.5% लोग भारतीय मूल के और इन 43.5% लोगों में से 30% लोग हिन्दू धर्म को मानते हैं. गुयाना में भोजपुरी बोले जाने के पीछे सबसे बड़ा कारण यहां के भारतीय मूल के निवासी हैं. टोबैगो गणराज्य कैरिबियाई देश है लेकिन यहां भी भोजपुरी बोलने वालों की कमी नहीं है. फिजी एक द्वीपीय देश है, लेकिन यहां अधिकारिक भाषाओं की लिस्ट में भोजपुरी भी शामिल है. भोजपुरी को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने का प्रस्ताव पारित कर सीएम नीतीश कुमार ने विश्व समुदाय के भोजपुरी भाषी लोगों को सम्मान देने का काम किया है. अब देखना यह है कि बिहार सरकार के इस प्रस्ताव को केन्द्र की मोदी सरकार कब अमल में लाती है.

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