बीरगंज के ब्यापार में स्थानीय प्रशासन के मिलीभगत से कालाबाजारी खेल का पर्दाफाश

anugaman

वीरगंज ,२९ पुस |  आपूर्ति मन्त्रालय के अनुगमन टोली अनुसार जिल्लास्तरीय अनुगमन समिति के उदासीनता के कारण दैनिक उपभोग्य वस्तु के बिक्री वितरण के साथ सेवा व्यवसायी प्रतिष्ठान के द्वारा उपभोक्ता ठगने का क्रम बढा है।
नेपाल सरकार आपूर्ति मन्त्रालय द्वारा वीरगंज में आयोजित उपभोक्ता जागरण सम्बन्धी एक दिवसीय गोष्ठी में मन्त्रालय के सहसचिव सूर्यप्रसाद श्रेष्ठ ने बताया कि मन्त्रालय से आए टोली से वीरगज बजार अनुगमन के बाद कालाबजारी नियन्त्रण करके उपभोक्ता को राहत दिया जाएगा ।

Birjung-Boder
उपभोक्ता जागरण सम्बन्धी कार्यक्रम में सहसचिव श्रेष्ठ ने कहा कि अनुगमन प्रभावकारी बनाने के लिए उपभोक्ता को भी जागरुक होना चाहिए ।
श्रेष्ठ ने कहा, कृत्रिम अभाव, कमजोर उत्पादन, बिक्री वितरण करनेवाले को ३ वर्ष तक कैद का कानुनी व्यवस्था है, लेकिन कार्यवाही करने में कर्मचारी डरते है। व्यवसायीयों के प्रलोभन में न पड़ कर कार्यवाही करने पर ही बजार से कालाबजारी रोका जा सकता है।
कार्यक्रम में वाणिज्य कार्यालय पर्सा के प्रमुख हिमलाल भण्डारी ने कहा कि अपने कार्यालय में जनशक्ति का अभाव और स्थानीय स्तर में अनुगमन करने वाले निकाय के साथ सही तालमेल नही होने के कारण संयन्त्र प्रभावकारी नही बन सका। मेरे आने के तीन महिना के भितर एकबार मात्र अनुगमन हुआ।

वीरगंज बजार में अनुगमन के क्रम में ३ सौ में खरिद बिल के वस्तु का बाजार मूल्य २२ सय ५० पाया गया और जांचपड़ताल पर न्यून बिल बनवाकर लाया हुआ पाया गया।
उपभोक्ता अधिकारवादी धीरज शर्मा ने बताया कि सम्बंधित स्थानीय सरकारी संयन्त्र के मिलीभगत के कारण वीरगंज में कालाबजारी बढ़ा है।
चालू आर्थिक वर्ष में अभी तक ६ बार अनुगमन होने का तथ्याङ्क पर्सा के सहायक प्रमुख जिल्ला अधिकारी डिजन भट्टराई ने प्रस्तुत किया। डा.भट्टराई ने स्वीकार किया कि अनुगमन प्रभावकारी नही होने के कारण कालाबजारी बढा ।
उपभोक्ता मञ्च के अध्यक्ष दिना गुप्ता ने आरोप लगाया कि जिल्ला में अनुगमन निष्प्रभावी होने से दैनिक उपभोग्य वस्तु के बिक्री वितरण तथा औषधी, मेडिकल जाँचघर, क्लिनिक तथा विद्यालय जैसे सेवामूलक प्रतिष्ठान में उपभोक्ता के रकम बराबर का सेवा नही मिलने की अवस्था है।
उपभोक्ता मञ्च के अधिवक्ता अभय कुमार दास ने नापतौल गुणस्तर, औषधी व्यवस्था तथा वाणिज्य कार्यालय वीरगज में नही होने के कारण ये अवस्था उत्पन हुई है। वीरगंज भंसार से आनेवाले मछली, फलफुल समेत अन्य खाद्यान्न देश के विभिन्न भाग में पहुचता है, इसलिए इसका परीक्षण के व्यस्थापन करने का सुझाव दिए ।
जिल्ला के ग्रामीण नाका से खुलेआम पाड़ा और खसी बिना क्वारन्टाइन परीक्षण आता है और अनुगमन के क्रम में स्थानीय प्रशासन मापदण्ड विपरीत बिक्री वितरण करता है और बजार से बरामद हुए मांस, फलफूल, तरकारी जप्त करके स्वयं हड़प कर लेने का आरोप तरकारी तथा फलफूल व्यवसायी सघ अध्यक्ष विदुर गुप्ता ने लगाए ।

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