बीरगंज में कई बार डोली धरती, हर तरफ भागमभाग

birganj towerसीमा कर्ण , वीरगंज,२९ मई | शुक्रवार की रात आंधी के साथ आयी बारिश के बाद शनिवार की सुबह देर तक आकाश में बादल तैर रहे थे । बीच–बीच में हल्की धूप भी । लोग अपने–अपने कार्य में व्यस्त थे। अचानक दिन के ११.५६ बजे के करीब धरती डोल उठी । जैसे ही लोग समझे की यह भूकम्प का झटका है, हर तरफ भागमभाग की स्थिति बन आयी ।
शनिवार के दिन सार्वजनिक अवकाश होने की वजह से सभी सरकारी/गैर सरकारी विद्यालय, कार्यालय तथा संघ संस्था बंद थे । किंतु लोग घरों में ही अपने–अपने कार्यों में व्यस्त थे । भूकम्प के झटके महसूस होते हीं घरों, दुकानों से लोग भागने लगे । सडक पर गाडियाँ भी रुक गई । सारे बदहवांस । पहले झटके से स्थिति अभी संभली ही नहीं थी कि कुछ समय बाद पुनः दूसरा जोर का झटका लगा और फिर अफरा–तफरी मच गई । इसके बाद बीरगंज निवासी एक–एक करके तीन झटके महसूस किए । चारों ओर कोहराम मच गया । घरों से महिलाएँ, बच्चे सडक पर आ गए । कई घरों में खाना आधा– अधूरा हीं बना था कि लोग घर छोडकर भागे । सबसे अधिक परेशानी दूसरी–तीसरी मंजिल पर रहने वालों की हुई । ऊपर की मंजिल से उतरते समय सीढियों पर उनके पाँव स्थिर नहीं रह पा रहे थे । उनके पाँव का संतुलन नहीं बैठ रहा था । लोग बेचैन । जैसे–तैसे करके लोग नीचे आए । किसी को कुछ सूझ नहीं रहा था कि किधर जाएँ । पल–भर में लोगों ने होश संभाला । सारे लोग अपने बचाव के लिए खुले आसमान के नीचे पनाह ली । भागमभाग में कई लोग घायल भी हुए । दो बजे तक पाँच बार हुए झटके से स्थिति यह हो गई कि शाम तक लोग घर के अन्दर जाने को तैयार न दिखे और देखते ही देखते शहर के खाली पडे जगहों पर शामियाना लगाकर लोग वहीं खाने–पीने से लेकर सोने तक का व्यवस्था कर लिया पर नींद कोसों दूर थी । आँखों ही आँखों में लोगों ने रात गुजार दी । लोगों का भय अभी कम भी नहीं हुआ था कि आईतवार दिन के करीब १२.५६ बजे आये जोरदार झटके ने लोगों को फिर से भयभीत कर दिया । लोग अपने–अपने घरों में जाने से कतराने लगे ।दहशत की इस वेला में लोग एक नहीं, दो नहीं तीन दिन रातें सडकें, चौराहें और मैदानों में गुजार दी । (लेखिका दिल्ली पब्लिक स्कूल,बीरगंज में हिन्दी अध्यापिका हैं )
 

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