बुधवार का दिन हाेता है गणपित का

८नवम्बर
बुधवार का दिन श्रीगणेश की सेवा का दिन माना जाता है। मान्‍यता है कि इस दिन गणपति की पूजा से सभी दैहिक और भातिक कष्‍ट दूर होते हैं।

गणपति पूजन का विशेष दिन 

वैदिक मान्यताओं के अनुसार श्री गणेश की पूजा का विशेष दिन बुधवार बताया गया है। हालांकि इस दिन बुध ग्रह के लिए भी पूजा की जाती है, क्‍योंकि बुधवार के स्वामी बुध ग्रह भी है। बुध और गणेश दोनों ही बुद्धि के कारक माने जाते हैं। अत: इस दिन बुद्धि के दाता श्री गणेश की मोदक का भोग लगाकर पूजा करने से ज्ञान का वरदान प्राप्‍त होता है।

 

कुंडली में बुद्ध ग्रह की होती है शांति

इसके साथ ही यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में बुध ग्रह अशुभ स्थिति में हो तो उसे बुधवार को गणेश जी को सिंदूर, चंदन, यज्ञोपवीत, दूर्वा, लड्डू या गुड़ से बनी मिठाई का भोग लगाना चाहिए। इसके अलावा इस दिन धूप व दीप से श्री गणेश की आरती करें। साथ ही पूजा के दौरान नीचे दिए मंत्र का जाप भी करें।

प्रातर्नमामि चतुराननवन्द्यमानमिच्छानुकूलमखिलं च वरं ददानम्,

तं तुन्दिलं द्विरसनाधिपयज्ञसूत्रं पुत्रं विलासचतुरं शिवयो: शिवाय।

प्रातर्भजाम्यभयदं खलु भक्तशोकदावानलं गणविभुं वरकुञ्जरास्यम्,

अज्ञानकाननविनाशनहव्यवाहमुत्साहवर्धनमहं सुतमीश्वरस्य।

इसका अर्थ यह है कि मैं ऐसे देवता का पूजन करता हूं, जिनकी पूजा स्वयं ब्रह्मदेव करते हैं। जो मनोरथ सिद्धि करने वाले हैं, भय दूर करने वाले हैं, शोक का नाश करने वाले हैं, गुणों के नायक हैं, गजमुख हैं, अज्ञान का नाश करने वाले हैं। मैं शिव पुत्र श्री गणेश का सुख-सफलता की कामना से भजन, पूजन और स्मरण करता हूं।

होते हैं ये लाभ

इसके साथ ही बुधवार को गणेश जी की पूजा से कई बिगड़े काम भी बन जाते हैं। जैसे गणेश मंत्र का जाप करने से ग्रह दोष का नाश होता है, गणपति पूजन से शत्रुओं से बचाव के साथ परिवार और पूजा करने वाले के दुःख दूर हो जाते हैं। गणेश जी की पूजा में तुलसी का प्रयोग बिलकुल नहीं करना चाहिए वरना इच्‍छित फल की प्राप्‍ति नहीं होती है।

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