बुरा नही माने तो

hindi magazineलगता हैं, वैद्य पक्ष पर्ूवराजा ज्ञानेन्द्र शाह और कमल थापा जैसे व्यक्ति के निकट हो रहे है। अगर ऐसा है तो यह गम्भीर बात है। -अप्रिल १, काठमाडौं)
पुष्पकमल दाहाल ँप्रचण्ड’, अध्यक्ष -एकीकृत नेकपा माओवादी)
-माओवादी के लिए तो दरबार -राजसंस्था) और भारत दोनों ही पहले से जानी-दुश्मन रहते आए थे ! ऐसी अवस्था में यह कोई आर्श्चर्यजनक बात नहीं हैं। क्योंकि वह -वैद्य पक्ष) दरबार के करीब हो गया है तो आप लोग भी तो भारत के करीब होते जा रहे है। सत्ता और अस्तित्व के लिए कुछ तो करना ही पडेÞगा ! वह उधर ! आप इधर ! क्यो जी –

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