बौधिवृक्ष जहाँ सिद्धार्थ ने बुद्धत्व प्राप्त किया

7जून


बौद्घ धर्म के अनुयायियों के लिए महा बौद्घि मंदिर का काफी महत्व है। गया स्थित इस मंदिर में हर साल यहां लाखों बौद्घ अनुयायी आते है। मंदिर में मौजूद बोधिवृक्ष से भी अनुयायी खास जुड़े है, क्योंकि ये वहीं वृक्ष है जिसके नीचे गौतम बुद्घ को ज्ञान प्राप्त हुआ था। मंदिर में मौजूद यह वृक्ष अपनी पीढ़ी का चौथा वृक्ष है, जो २६५०साल पुराना है। इसकी टहनियां इतनी विशाल है कि लोहे के १२ पिलरों का सहारा दिया गया है। यह देश का पहला ऐसा वृक्ष है, जिसके दर्शन के लिए हर साल करीब पांच लाख श्रद्धालु आते है, जिसमें से करीब दो लाख विदेशी होते है।इस वृक्ष की सुरक्षा के लिए बिहार मिलिट्री पुलिस की चार बटालियन करीब ३६० जवान २४ घंटे लगे रहते हैं और इस पेड़ को छूने पर भी प्रतिबंध है। कीटों से बचाने के लिए इस पर एक विशेष तरह के पदार्थ का छिड़काव किया जाता है। वहीं पोषक तत्व देने के लिए मिनरल्स का लेप चढ़ाया जाता है। इस पेड़ का चेकअप करने देहरादून से भारतीय वन अनुसंधान के वैज्ञानिक आते है। वृक्ष सहित मंदिर की देखभाल और सुरक्षा के लिए चार डोर मेटल डिटेक्टर, १० हैंड मेटल डिटेक्टर और करीब ५० सीसीटीवी कैमरे लगे हैं ।
मंदिर में मौजूद बोधिवृक्ष की यह चौथी पीढ़ी १४१ साल पुरानी हैं। १८८१ में महाबोधि मंदिर के जीर्णोद्वार के समय एलेक्जेंडर कनिंघम ने श्रीलंका के अनुराधापुरम से बोधिवृक्षकी शाखा को मंगवाकर इसे उसी जगह पर लगवाया।मंदिर में मौजूद बोधिवृक्ष की पहली पीढ़ी के वृक्ष जिसके नीचे गौतम बुद्घ को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी, उस वृक्ष की टहनियों को सम्राट अशोक ने अपने पुत्र महेन्द्र और पुत्री संघमित्रा को देकर श्रीलंका में बौद्घ धर्म के प्रचार प्रसार के लिए भेज दिया। कुछ समय बाद सम्राट की रानी तिष्यरक्षिता ने चोरी छुपे उस पेड़ को कटवा दिया, लेकिन उसके कुछसमय बाद ही उसी जगह दूसरी पीढ़ी का वृक्ष उग गया। जो करीब ८०० साल तक रहा।दूसरी पीढ़ी के वृक्ष को एक नरेश ने नष्ट करवाने की कोशिश की, लेकिन उसकी जड़े पूरी तरह से नष्ट नहीं हो पाई और कुछ ही सालों बाद उन्हीं जडों से तीसरी पीढ़ी का वृक्ष निकला, जो १२५० वर्षो तक रहा। १८७६ में एक प्राकृतिक आपदा के कारण यह वृक्ष्स भी नष्ट हो गया था। तब कनिंघम ने श्रीलंका के अनुराधापुरम में रखी टहनियों को मंगवाकर वृक्ष लगाया।

Leave a Reply

Be the First to Comment!

avatar
  Subscribe  
Notify of
%d bloggers like this: