‘ब्यक्तिगत लाभ के नाम पर, पडोसियो से सम्बन्ध मत बिगाडो’ : पूर्वराजा ज्ञानेन्द्र शाह

काठमाडौं । पुर्व राजा ज्ञानेन्द्र शाह ने नेपाल सरकार और सत्तासिन राजनीतिक दलों की जमकर आलोचना किया है ।

G.n sah
बि.स. २०७३ (नेपाल के नया वर्ष ) के उपलक्ष्य मे एक बिज्ञप्ती जारी करते हुये पुर्व राजा शाह ने सत्ता में नेतृत्व कर रहे राजनीतिक दलों के वजह से पडोसी राष्ट्र के संम्बन्ध मे खटास आने पर दुखः भी ब्यक्त किया है ।
भारत के साथ सम्बन्ध मे आए गतिरोध की ओर संकेत करते हुये पूर्व राजा शाह की बिज्ञप्ती मे कहा गया है ‘राष्ट्र के नेतृत्व कर रहे राजनीतिक पार्टीयाें
ने दक्षिण एशिया की बदली हुई राजनीतिक सन्तुलन को सन्तुलित करने मे नाकामयाब रहे और राज्य संयन्त्र को व्यक्तिगत लाभ के लिए दुरुपयोग किया’

बिज्ञप्ती मे पुर्व राजा शाह ने मधेशीयों के उपर हुए बिभेद को भी दुखःदायी बताया है । मधेश और भारत के नाम लिए बिना पुर्व राजा साह ने
बिज्ञप्ती के माध्यम से इन दोनो बिषय पर अपनी राय ब्यक्त करते हुये दुखः ब्यक्त किया है । धर्म, संस्कृति, भाषा, इतिहास और सभ्यता विरुद्ध प्रहार
हो रहे बिषय को अकिंत करते हुवे पूर्वराजा ने बिज्ञप्ती  मे कहा है ‘बिरासत से मिले धरोहर को अपनी आगे की सन्तति को हम कैसे हस्तान्तरण कर रहे है ?
यह आज का बडा प्रशन है । इस के लिए दक्षिण एशिया की भूराजनीतिकसम्वेदनशीलता और शक्ति सन्तुलन को हमे ख्याल रख्ना जरुरी है’ । bkm

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