भगतसिंह (अर्जुन सिंह सिख) को प्रहरी ने शुक्रवार को गिरफ्तार किया

Bhagat singhनेपालगन्ज, (बाँके) पवन जायसवाल, अगहन १७ गते ।
सशस्त्र हिंसात्मक गतिबिधि को अन्त करके तत्कालिन सरकार के साथ शान्ति वार्ता करते हुये हथियार  सभी जमा कर चुके जनतान्त्रिक तराई मधेश मुक्ती पार्टी के अध्यक्ष भगतसिंह (अर्जुन सिंह सिख) को प्रहरी ने शुक्रवार को  गिरफ्तार कर लिया है ।
उन को नेपाल–भारत सीमावर्ती उत्तर प्रदेश जिला बहराइच रुपैडिहा से प्रहरी नेअपने नियन्त्रण्ँ लिया बताया । सरकार से वार्ता प्रक्रिया में रहकर हथियार जमा करके निष्किय के अवस्था में रहे जनतान्त्रिक तराई मधेश मुक्ती पार्टी के अध्यक्ष भगतसिंह को मध्यपश्चिम क्षेत्रीय प्रहरी कार्यालय सुर्खेत ने नेपालगन्ज में अगहन १५ गते शनिवार को सार्बजनिक किया है।
शुक्रवार को सीमावर्ती क्षेत्र रुपैडिहा बाजार से लिया गया सिंह को वार्ता प्रक्रिया अन्त करके हिंसात्मक गतिविधि की तयारी कर रहे सूचना के आधार में रहे सरकारद्धारा उन के बिरुद्ध का मुद्धा वापस न होने से मध्यपश्चिम क्षेत्रीय प्रहरी कार्यालय सुर्खेत से गई प्रहरी नायब उपरीक्षक प्रकाश मल्ल की विशेष अनुसन्धान टोली ने सिंह को गिरफ्तार किया है, प्रहरी नायब महानिरीक्षक राजेन्द्र सिंश भण्डारी ने बताया ।
कानूनी अड्चन के कारण से सीमावर्ती क्षेत्र रुपैडिहा बाजार में अस्थायी डेरा लेकर रहते आ रहे थे  उन को प्रहरी ने सादा पोशाक में डेरा से ही  नियन्त्रण मे लिया था । भारतीय प्रहरी के विशेष सहयोग में नेपाल लाया गया सिंह को करीब २१ घन्टे में पत्रकार सम्मेलन करके मध्म पश्चिम  क्षेत्रीय प्रहरी कार्यालय ने शनिवार को औपचारिक जानकारी दिया ।
पत्रकार सम्मेलन में बाँके जिला के हिरिमिनिया गाबिस– ६ सिक्खनपुर्वा निवासी १९ बर्ष के जनतान्त्रिक तराई मधेश मुक्ती पार्टी के अध्यक्ष भगतसिंह को बोलने का भी मौका दिया । सिंह ने सम्पूर्ण हथियार रखकर शान्ति प्रक्रिया रहते हुयें सरकार ने अपना और हमारे कार्यकर्ताओं को रिहाई की पहल करने  के लिये बताया । उन्हो ने कहा  हिंसात्मक गतिविधि से कोई भी आन्दोलन संम्भव नही है इस लियें सरकार को हथियार जमा कर दिया था । मधेश के हक अधिकारों के लियें  अन्दोलन हम ने शुरु किया था आज हम को मालूम हुआ कि हत्या हिंसा से आन्दोलन कभी नही सफल होता है विगत दिनों में अपने संगठन से जो हुआ गल्तिया“ कमी कमजोरि को माफी के लियें अनुरोध किया । मधेश, पहाड, हिमाल सभी जगाह में रहने वाल सभी नेपाली एक है बताया ।
पत्रकार सम्मेलन में राजनीतिक  व्यवहार के साथ प्रस्तुत किया गया था । प्रहरी अधिकारी ने सिंह के उपर लगा हुआ आरोपों की जाँच के लियें अलग ही समिति बनाकर कानूनी दायरा में लाने के लियें बताया । सरकार से वार्ता भंग करने के बाद उन के उपर बा“के, दाङ, और बर्दिया लगायत २० जिले से सिंह के उपर अपराध घटना का अभियोग रहा है । प्रहरी के अनुसार देशभर १ सौ ३२ लोगों की समूह मात्र रही थी ।
सिंह ने २०७० साल असोज महीने के ११ गते धनुषा जिला के मनोज मण्डल (सुवाष), के संयोजकत्व में  बर्दिया जिला के उमेश (पवन सिंह), पर्सा जिला के प्रहलाद महरा (तुफान सिंह), कपिलवस्तु जिला के सहवाज आलम खा“ (सिकन्दर वागी), का रहा वार्ता टोली भंग किया था । प्रहरी नायब महानिरीक्षक भण्डारी ने मुलुकी ऐन ज्यानसम्बन्धी, अपहरण, शरीर बन्धक, हाथ हथियार, खरखाजाना ऐन और विष्फोटक पद्धार्थ सम्बन्धी कारवाही होने के लियें बताया ।

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