भगवती दीक्षा समारोह:बरुणमाला मिश्रा

विराटनगर। औद्योगिक नगर विराटनगर में संपन्न भगवती दीक्षा समारोह में दूर-दराज से हजारों जैन समुदाय के लोगों ने इसमें बढÞ-चढÞकर भाग लिया। इस कार्यक्रम को भव्य बनाने हेतु आयोजन कमिटी की तरफ से जहाँ जैन भवन को भव्य रुप से सजाया गया, वहीं अतिथियों के ठहरने, बैठने व भोजन की अच्छी व्यवस्था की गई।
इस कार्यक्रम में बिहार, बंगाल, असम सहित नेपाल के विभिन्न इलाके से पहुँचे जैन समुदाय के विद्वानों ने बताया कि तेरापंथी धर्म संघ में एक आचार्य की परंपरा है। आचार्य जी के आज्ञानुसार हजारों साधु-साध्वी उनके द्वारा निर्देशित स्थानों पर आध्यात्मिक कार्यक्रम चलाते हैं। आचार्य श्री श्रवण जी की आज्ञा व समस्त परिवार जनों की लिखित स्वीकृति के बाद वह दीक्षा दी जाती है।
बिहार, बंगाल असम तथा नेपाल के विभिन्न शहरों से पहुँचे हजारों जैन धर्मावलम्बियों की उपस्थिति में विराटनगर के जैन तेरापंथी भवन में एक समारोह के बीच साध्वी त्रिशला कुमारी ने इंदिरा देवी कुन्डलिया को अपने आचार्य की आज्ञा के अनुसार जैन भगवती दीक्षा प्रदान की थी। इस मौके पर कहा गया कि दीक्षा का अर्थ जीवन भर के लिए पापकारी प्रवृतियों का त्याग होता है। इस त्याग के बाद वह पाँच व्रतधारी साध्वी की श्रेणी में आ जाती हैं। तब से उनके परिवार का उनके साथ कोई संबंध नहीं होता, यह ममत्व का विर्सजन है।
इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में पहुँचे मुख्य अतिथि नेपाल सरकार के पर्यावरण व वातावरण मन्त्री हेमराज तातेडÞ ने कुन्डलिया परिवार सहित आयोजन कमिटी की प्रशंसा करते हुए इस धार्मिक परम्परा के निर्वहन के लिए उनकी सराहना की। यह कार्यक्रम तेरापंथी सभा के अध्यक्ष विजय राज डागा की अध्यक्षता में आयोजित की गयी। इसकी शुरुआत नमोकार महामन्त्री से हर्ुइ, जिसमें महिला मंडल सदस्यों ने मंगलाचरण किया। तेरापंथ अमृत शायद आशकरण संचेती ने आचार्य महाश्रवण जी के दीक्षा आज्ञा पत्र का वाचन किया।
मंच संचालन साध्वी श्री कल्पयशा जी व जीतेन्द्र गोल्छा ने संयुक्त रुप से किया। इससे पर्ूव शोभायात्रा के साथ प्रभातफेरी की गयी, जो गाजे-बाजे के साथ नगर परिक्रमा कर जैन सभा स्थल में पहुँचकर कार्यक्रम में तब्दील हर्ुइ। इस प्रभातफेरी में शहर के जैन समुदाय की महिला मंडली सहित अन्य समुदाय के लोगों ने भी बडÞी संख्या में भाग लिया। इस दौरान शहर का माहौल भक्तिमय बना रहा।
दीक्षा कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्था के उपाध्यक्ष व महिला मंडल की राष्ट्रीय प्रभारी -नेपाल) राज्यलक्ष्मी गोल्छा, सभासद मोती दुगडÞ, समाजसेवी दिलीप धारेवा, सोनू धारेवा, विनीत धारेवा, तरुण संचेती, संजय दुगडÞ, मनोज कोचर, सुरेन्द्र नौलखा, वीरेन्द्र दुगडÞ, दिलीप सुराना, विजय डागा, प्रदीप डागा, प्रकाश लूनिया, हेम गोतानी, ज्योति जैन, नवरत्न गोल्छा, जीतेन्द्र धारेवा, विकास बैगानी, पारस लूनिया, सतीश दुगडÞ, निर्मल लालवानी, मनीष दुगडÞ, विनोद लूनिया, रतन छाजेडÞ, महेन्द्र सेठिया, जसवंत दुगडÞ, संतोष कोचर, धर्मेन्द्र दुगडÞ के अलावा सुरेन्द्र गोल्छा सहित कन्या मंडल, महिला मंडल जैन सभा के सभी पदाधिकारी काफी सक्रिय रहे।
दीक्षा समारोह की पर्ूव संध्या पर विराटनगर पहुँचे नेपाल के उपप्रधानमन्त्री व गृहमन्त्री विजयकुमार गच्छदार ने कुन्डलिया परिवार से मिलकर तपस्या में लीन इन्द्र देवी के संबंध में विस्तारपर्ूवक जानकारी ली। विराटनगर में पहली दफा इस तरह संथारा -इच्छा मृत्यु) स्वीकार करने वाली साहसी महिला के इस ऐतिहासिक कदम की सराहना करते हुए उपप्रधानमन्त्री ने उनके परिजन व विराटनगर के जैन समुदाय के लोगों को अपनी शुभकामनाएं दी।

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