भानुभक्त रचित नेपाली रामायण का अवधी मे अनुवाद

Bimochan नेपालगन्ज, पवन जायसवाल, मंसीर १३ गते ।
आदिकवि भानुभक्त आचार्य द्वारा रचित नेपाली रामायण का अनुवाद अवधी भाषा में किया गया है । नेपाली रामायण का अवधी मे अनुवाद हिन्दी तथा अवधी के विद्वान नेपालगन्ज निवासी श्री सच्चिदानन्द चौबे ने किया है ।रामजानकी विवाह पञ्चमी के शुभ अवसर पर अवधी साँस्कृतिक बिकास परिषद् बाँके की आयोजना में स्रष्टा का सम्मान तथा रामयण का बिमोचन किया गया । कार्यक्रम मंसीर ११ गते (२७ नवम्बर २०१४) वृहस्पतिवार को आयोजन किया गया था।
बिमोचन तथा सम्मान कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि बाँके जिला प्रशासन कार्यालय के प्रमुख जिला अधिकारी बेद प्रकाश लेखक ने दीप प्रज्जवलन करके कार्यक्रम का उद्घाटन किया था ।
अवधी साँस्कृतिक बिकास परिषद् के अध्यक्ष तथ अवधी साहित्यकार सच्चिदानन्द चौबे की अध्यक्षता में सम्पन्न कार्यक्रम में १५ लागों को सम्मान किया IMG_2296गया था ।
इस अवसर पर नेपाली स्रष्टा तथा मित्रराष्ट्र भारत के विद्वानों को भी सम्मान किया गया था । सम्मानित व्यक्तित्वों में मित्रराष्ट्र भारत उत्तरप्रदेश बाराबंकी के निवासी वरिष्ठ साहित्यकार डा. ओम प्रकाश जयन्त, डा. सूर्य प्रसाद शर्मा, बहराइच के  निवासी डा. अशोक गुलशन, सीमावर्ती क्षेत्र रुपैडिहा बाजार के  निवासी डा.फजल अहमद रिजवी, प्रोफेसर राधेश्याम पाण्डेय थे ।  नेपाल से सम्मानित हुयें स्रष्टाओं में नेपालगन्ज के निवासी डा. गोपाल प्रसाद शर्मा अधिकारी, समाजसेवी सुश्री नर्वदा शर्मा खनाल, पूर्व प्राज्ञ सनत कुमार रेग्मी, महेन्द्र बहुमुखी क्याम्पस नेपालगन्ज के पूर्व क्याम्पस प्रमुख राजितराम पाठक, मध्यपश्चिम गजल प्रतिष्ठान नेपालगन्ज के अध्यक्ष तथा शायर अब्दुल लतीफ शौक, समाजसेवी तथा महेन्द्र पुस्तकालय नेपालगन्ज के अध्यक्ष कन्हैयालाल टण्डन, अवधी साँस्कृतिक प्रतिष्ठान बाँके के अध्यक्ष बिष्णुलाल कुमाल, समाजसेवी तथा नेपालगन्ज उद्योग वाणिज्य संघ के rajetramपूर्व उपाध्यक्ष नन्दलाल बैश्य और अलाउद्दीन साहित्य सम्मान समिति के अध्यक्ष उर्दू युवा साहित्यकार असफाक सघंर्ष को सम्मान किया गया था ।
प्रमुख जिला अधिकारी बेद प्रकाश लेखक ने भारत उत्तरप्रदेश के बिद्वानों को सम्मान किया था और नेपाल के स्रष्टाओं को बाराबंकी के निवासी वरिष्ठ साहित्यकार डा. ओम प्रकाश जयन्त ने सम्मानित किया ।
नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठान के सदस्य हरि प्रसाद तिमिल्सिना ने अवधी भाषा में रुपान्तरित इस रामयण पर सश्लोक अपना विचार व्यक्त किया था ।
सम्मानित ब्यक्तित्वों ने रामजानकी विवाह पञ्चमी के शुभ अवसर पर ऐसा किया गया कार्यक्रम पर अपना– अपना विचार रक्खा था , कार्यक्रम में उपस्थित लोगों मे से कुछ लोगों ने अपनी अपनी रचना भी वाचन किया था ।
प्रगतिशील लेखक संघ के अध्यक्ष इन्द्र बहादुर बस्नेत, लगायत लोगों ने अपना–अपना विचार ब्यक्त किया था ।
७३ बर्षीय सच्चिदानन्द चौबे ने शैक्षिक योग्यता हिन्दी साहित्य रत्न एवं आयुर्वेद रत्न की है, उनका अनुभव है ४३ वर्ष शैक्षिक दिवा सेवा में और १० वर्ष रात्री सेवा मे, ३३ वर्ष से वे बाँके जिला के नेपालगन्ज महेन्द्र पुस्तकालय में कार्यरत है ।
उनके द्वारा लीखित  अन्य अवधी कृतियों में भगवान बुद्ध का जीवन चरित आल्हा में, हरितालिका व्रतकथा ( दोहा चौपाई), उलार उपन्यास की अनवाद, सत्य नारयण कथा (दोहा), रामदूत हनुमान ( सवैया छन्द में सुन्दरकाण्ड), तुलसीदास की संक्षिप्त जीवनी (आल्हा छन्द में),भवतारिणी गीता.(संस्कृत श्लोक की उल्था) गुरु वृहस्पति की कथा लगायत है ।
कार्यक्रम का सञ्चालन अवधी पत्रकार संघ के अध्यक्ष सूर्यलाल यादव ने किया था ।

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