नेपाल और भारत के सम्बन्ध किसी दो देशो की सम्बन्धो से तुलना नही की जा सकती : राजदूत जयन्तप्रसाद

१० अगस्त, आज श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर काठमाणडू के बूढानिलकन्ठ स्थित इसकोन मन्दिर मे भारतिय राजदूत श्री जयन्तप्रसाद ने भगवान कृष्ण का अभिषेक करके एक भव्य एवं रंगारंग र्कायक्रम का शुभारम्भ किया । इस अवसर पर माहामहिम श्री जयन्तप्रसाद ने गीता का उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुये श्री राधाकृष्णन व्दारा लिखित गीता की र्चचा की । उन्होने कहा कि इस गीता के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति के दैनिक जीवनचर्चा पर निर्भर करता है कि वह कैसे लेता है । इसे पढकर लोग अच्छा भी बन सकता है और बूरा व्यक्ति के साथ भी अच्छा व्वहार कर सकता है ।आगे उन्होने कहा कि मुझे श्री प्रभुपाद श्वामीजी की गीता ज्यादा अचछी लगती है जिसमे श्वामीजी ने कहा है कि आप केवल कृष्ण पर विशवास रखें और अपनेआपको भगवान पर समर्पित कर दें तो उसमे जो आपको शक्ति मिलेगी उससे जिवन यापन करने मे आपको बहुत मदत मिलेगी ।

नेपाल की उन्नती मे भारत की उन्नती

भारतिय राजदूत ने एक अलग प्रशंग मे कहा कि नेपाल को हम जो भी सहयोग करते हैं इस आशा से करते हैं कि नेपाल की समृद्धी और उन्नती मे हमारा देस भारत की भी समृद्धी और उन्नती जुरी हुयी है।हम दोनो अलग-अलग नही हैं।हमारी जो आपसी सम्बन्ध है उसे

१० अगस्त,आज श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर काठमाणडू के बूढानिलकन्ठ स्थित इसकोन मन्दिर मे भारतिय राजदूत श्री जयन्तप्रसाद ने भगवान कृष्ण का अभिषेक करके एक भव्य एवं रंगारंग र्कायक्रम का शुभारम्भ किया ।इस अवसर पर माहामहिम श्री जयन्तप्रसाद ने गीता का उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुये श्री राधाकृष्णन व्दारा लिखित गीता की र्चचा की । उन्होने कहा कि इस गीता के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति के उपर निर्भर करता है कि वह कैसे लेता है । इसे पढकर लोग अच्छा भी बन सकता है और बूरा व्यक्ति के साथ भी अच्छा व्वहार कर सकता है ।आगे उन्होने कहा कि मुझे श्री प्रभुपाद श्वामीजी की गीता ज्यादा अचछी लगती है जिसमे श्वामीजी ने कहा है कि आप केवल कृष्ण पर विशवास रखें और अपनेआपको भगवान पर समर्पित कर दें तो उसमे जो आपको शक्ति मिलेगी उससे जिवन यापन करने मे आपको बहुत मदत मिलेगी ।

नेपाल की उन्नती मे भारत की उन्नती

भारतिय राजदूत ने एक अलग प्रशंग मे कहा कि नेपाल को हम जो भी सहयोग करते हैं इस आशा से करते हैं कि नेपाल की समृद्धी और उन्नती मे हमारा देस भारत की भी समृद्धी और उन्नती जुरी हुयी है।हमदोनो अलग-अलग नही हैं।हमारी जो आपसी सम्बन्ध है उसे किसी दो देशो की सम्बन्धो से तुलना नही की जा सकती है ।किसी और देश मे यह सुबिधा उपल्बध नही है कि किसी देशके वासी दुसरे देश मे जाकर के नोकरी कर सके,जमीन खरिद सके और शादी बिबाह कर सके । भारतिय राजदूत श्री जयन्तप्रसाद ने एक उदाहरण देते हुए कहा कि नेपाल के पुर्व लेफ्टिनेन्ट जेनरल सी वी गुरुंग के अपने भाइ भरत के आसाम मे मेजरजेनरल के पद पर कार्यरत हैं तथा उनका पासपर्ट नेपाली है वे भारतिय  नही हैं । उनके पिता बी भारतिय सेना मे काम कर चुके हैं तथा उनकी दो बहने भारतिय सेना के पदाधिकारी से शादी करके भारत मे रह रहें हैं।इससे प्रमाणित होता है कि दोनो देश का सम्बन्ध बिशेश सम्बन्ध है।

भारतिय राजदूत ने सभी को शुभकामना देते हुए कहा कि मैं नेपाल को भी शुभकामना देना चाहता हूं कि जल्दि से जल्दि जो बचा हुआ काम है शान्ति प्रक्रिया और संबिधान बनाने का वह पुरा हो क्योंकि उसके पुरे हुये बिना नेपाल की प्रगति और उन्नति नामुमकिन है।मै आज यहाँ यही प्रार्थना की कि नेपाल जल्दी से ठीक रास्ते पर आ जाय ।

 

है ।किसी और देश मे यह सुबिधा उपल्बध नही है कि किसी देश के वासी दुसरे देश मे जाकर के नोकरी कर सके,जमीन खरिद सके और शादी बिबाह कर सके । भारतिय राजदूत श्री जयन्तप्रसाद ने एक उदाहरण देते हुए कहा कि नेपाल के पुर्व लेफ्टिनेन्ट जेनरल सी वी गुरुंग के अपने भाइ भरत के आसाम मे मेजरजेनरल के पद पर कार्यरत हैं तथा उनका पासपर्ट नेपाली है वे भारतिय  नही हैं । उनके पिता भी भारतिय सेना मे काम कर चुके हैं तथा उनकी दो बहने भारतिय सेना के पदाधिकारी से शादी करके भारत मे रह रहें हैं।इससे प्रमाणित होता है कि दोनो देश का सम्बन्ध बिशेष सम्बन्ध है।

भारतिय राजदूत ने सभी को शुभकामना देते हुए कहा कि मैं नेपाल को भी शुभकामना देना चाहता हूं कि जल्दि से जल्दि जो बचा हुआ काम है शान्ति प्रक्रिया और संबिधान बनाने का वह पुरा हो क्योंकि उसके पुरे हुये बिना नेपाल की प्रगति और उन्नति नामुमकिन है। मै आज यहाँ यही प्रार्थना की कि नेपाल जल्दी से ठीक रास्ते पर आ जाय ।

 

 

 

 

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