भारतीय खुफिया एजेन्सी ‘रअ’ के नाम में ठगी

काठमांडू, १५ दिसम्बर । अपने को भारतीय खुफिया एजेन्सी ‘रअ’ (रिसर्च एन्ड एनालाइसिस विङ्स) के नेपाल प्रतिनिधि दावी करते हुए सर्वसाधरण को ठगी करनेवाले ६ व्यक्ति को नेपाल पुलिस ने गिरफ्तार किया है । पुलिस ने सप्तरी राजविराज–२ के रमानन्द नौनिया, दोलखा सुरी–२ के सन्तोष कार्की और विनोद कार्की, काभ्रे गागर्चे–५ के पदमबहादुर श्रेष्ठ, रामेछाप दोरम्बा–७ के चित्र बहादुर श्रेष्ठ और काठमांडू महाराजगन्ज की गीता महर्जन को गिरफ्तार किया है । पुलिस का आरोप है कि उन लोगों ने सर्वसाधारण बेरोजगार युवाओं को ‘रअ’ का एजेन्ट बनाने का आश्वासन देकर विगत पाँच महिना से ठगी किया है । यह समाचार आज प्रकाशित नयां पत्रिका दैनिक में है ।
महानगरी पुलिस अपराध अनुसंधान महाशाखा के प्रमुख एसएसपी दिवेश लोहनी के अनुसार उन लोगों ने अभी तक ३ से ४ सौ लोगों को ठगी किया है । लोहनी ने कहा– ‘रअ का एजेन्ट बनाने का आश्वान देकर उन लोगों ने ३–४ सौ लागों से रकम लेकर ठगी किया है, यह बात सामने आई है ।’ पुलिस के अनुसार इस धन्दा के मुख्य योजनाकार ४१ वर्षीय रमानन्द नौनिया हैं । उन्होंने खूद को ‘रअ’ के लिए नेपाल प्रमुख दावा किया है । गिरफ्तार अन्य व्यक्ति नौनिया के सहयोगी हैं ।
सर्वसारण को विश्वास दिलाने के लिए उन लोगों ने ‘रअ’ का लेटरहेड भी बनाया था । जो एजेन्ट बनने के लिए राजी होते थे, उन लोगों को मासिक ७५ सेलर तोक कर सोही लेटरहेड में नियुक्तिपत्र दिया जाता था । एसएसपी लोहनी ने कहा ‘इन लोगों के द्वारा निर्मित लेटेरहेड रअ द्वारा निर्मित लेटरहेड की तरह सक्कली जैसे दिखाई देता है । यह सर्वसाधारण को ठगी करने का नयां तरीका है ।’ पुलिस के अनुसार उन लोगों ने एजेन्ट बनाने के बाद प्रति व्यक्ति ३ लाख रुपयां तक लिया है । एसएसपी लोहनी ने कहा– ‘एजेन्ट बनने के बाद प्रथम चार महिने की तलब कमिसन वापत देना पड़ता है, एैसी शर्त रख कर ठगी किया गया है । इस तरह उन लोगों ने ३ सौ व्यक्तियों से हर व्यक्ति ३ लाख तथा उससे अधिक रुपया लिया है ।’

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