भारतीय राजदूत व्दारा इ–ग्रन्थालय साफ्टवेयर का उद्घाटन

IMG_0190जुलाई १३, २०१४ भारत के राजदूत श्री रणजीत राय ने नेपाल–भारत पुस्तकालय में इ–ग्रन्थालय नामक स्वचालित पुस्तकालय साफ्टवेयर का उद्घाटन किया । इ–ग्रनथालय के माध्यम से आन्तरिक क्रियाकलाप के साथ ही प्रयोगकत्र्ता सेवा स्वयं संचालित कर सकते है. । इसके द्वारा पूस्तकालय सूचक प्रकाशन हेतु इन्टरनेट में वेभ इन्टरफेस उपलब्ध होगा । प्रयोगकत्र्ता को पुस्तक खोजने में आसानी होगी ।

अभी इ ग्रन्थालय nblibrary.ddns.net में उपलब्ध है । भविष्य मेंwww.indianembassy.org.np में उपलब्ध होगा ।

भारतीय पुस्तकालय के नाम से जाना जाने वाला नेपाल भारत पुस्तकालय आज से पहले नेपाल भारत सांस्कृतिक रूप में पहचाना जाता था । इस की स्थापना १९५१ में भारतीय दूतावास द्वारा हुई थी । यह नेपाल का पहला अन्तर्राष्ट्रीय पुस्तकालय के रूप में भी जाना जाता है । इस पुस्तकालय का मुख्य उद्देश्य नेपाल और भारत के सांस्कृतिक सम्बन्ध और सूचना के आदान प्रदान में सहयोग करना है । काठमान्डौ में सबसे अधिक इस पुस्तकालय का प्रयोग अध्ययन कत्र्ता के द्वारा होता है । ६ दशक से यह शहर के मध्य में अवस्थित होकर पाठकों को लाभन्वित करता आया है ।IMG_0200

पहले यह पुस्तकालय वसन्तपुर में था । १९७० में इसे स्थानान्तरित किया गया । १९८३ में करीब ४६ हजार पुस्तक, ३००० सदस्य और प्रतिदिन ११५० पाठक यहाँ आते थे । फिलहाल करीब ६५ हजार पुस्तक सहित ११७० सक्रिय सदस्य और दैनिक ३५० पाठक यहाँ आते हैं । यह पुस्तकालय रविवार से शुक्रवार सुबह १० से शाम ५ बजे तक खुला रहता है ।

संस्कृति को आगे बढ़ाने और चर्चामुखी कार्यक्रम की आयोजना के कारण यह काफी प्रसिद्ध है । भारतीय इतिहास, संस्कृति, साहित्य, दर्शन, भूगोल, औषधि, इन्जिनीयरिंग जैसे विविध क्षेत्रों की किताबें यहाँ उपलब्ध हैं ।IMG_0204

नेपाल भारत पुस्तकालय में भारत और नेपाल के कलाकार, लेखक द्वारा हर महीने पुस्तक वाचन, कन्भर्सेशन, पोयमान्डू, सिनेमाण्डू भ्वाइसेज जैसे कार्यक्रम आयोजित होते हैं । ३४७४ वर्गफीट में अवस्थित यह पुस्तकालय वत्र्तमान में वाइफाइ सुविधायुक्त है । प्रस्तुति : श्वेता दीप्ति

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