१ जनवरी २०१८

एक रिपोर्ट के मुताबिक भाजपा नेता रजनीकांत को आने वाले कर्नाटक विधानसभा चुनावों में पार्टी का प्रचार करने के लिए मनाने की कोशिश कर रहे हैं. रविवार को राजनीति में अपनी औपचारिक एंट्री की घोषणा करने वाले रजनीकांत ने कहा था कि उनकी पार्टी तमिलनाडु में 2021 का विधानसभा चुनाव लड़ेगी.

लेकिन लगता है कि इससे पहले ही भाजपा उनकी लोकप्रियता भुनाने की कोशिश में है. अखबार के मुताबिक तमिलनाडु में भाजपा के सह-संयोजक और कर्नाटक के विधायक सीटी रवि का कहना है, ‘रजनीकांत के साथ जुड़ना भाजपा के लिए हमेशा ही सुखद होता है और हम शुरू से ही रजनीकांत का समर्थन करते रहे हैं.’ हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल इसे चुनावी रणनीति बताना जल्दबाजी होगी. वहीं, तमिलनाडु में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष तमिल इसाई सुंदराजन ने कहा, ‘रजनीकांत की ‘आध्यात्मिक राजनीति’ भाजपा की विचारधारा से मिलती है. हमें तमिलनाडु की नास्तिक-राजनीति को बदल कर उसकी जगह धार्मिक मूल्यों से प्रेरित राजनीति लाने की जरूरत है. रजनीकांत के आने से हमें इस उद्देश्य की प्राप्ति में मदद मिलेगी.’ जानकार बताते हैं कि राजनीति में आने के संकेत दिए जाने के समय से रजनीकांत भाजपा के नजदीक दिखे हैं. लिहाजा अब उनके राजनीति में आने की घोषणा ने भाजपा को मौका दे दिया है.

तमिलनाडु में चुनाव चार साल बाद होने हैं. ऐसे में रजनीकांत के राजनीति में आने के फैसले को जानकार कर्नाटक से जोड़कर देखते हैं जहां इस साल मई में चुनाव होने हैं. रजनीकांत के भाई सत्यनारायण राव गायकवाड़ बेंगलुरु में रहते हैं. उन्होंने अखबार को बताया कि रजनीकांत हमेशा से ही कर्नाटक के लोगों की सेवा करना चाहते थे. उनका जन्म कर्नाटक में हुआ. वे यहीं बड़े हुए और यहां बतौर बस कंडक्टर भी काम किया. राव बताते हैं, ‘उनका (रजनीकांत) सपना था कि वे उस राज्य की सेवा करें जहां उनकी जड़ें हैं. तमिलनाडु की राजनीति में प्रवेश करने से वे दोनों राज्यों की सेवा कर पाएंगे. हम उम्मीद करते हैं कि दोनों राज्यों के विवादों को सुलझाना उनके लिए आसान होगा.’ सत्यनारायण ने उम्मीद जताई कि रजनीकांत मकर संक्रांति पर अपनी पार्टी का नाम घोषित कर सकते हैं. वहीं, रजनीकांत के भाजपा के लिए प्रचार करने की संभावना पर उन्होंने कहा कि फिलहाल इस टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी.