भारतीय लोकसभा में जेटली ने पेश किया आम बजट* *बजट 2017: 3 लाख तक की आमदनी टैक्स फ्री होगी

*लोकसभा में जेटली ने पेश किया आम बजट*

*बजट 2017: 3 लाख तक की आमदनी टैक्स फ्री होगी, 5 लाख तक आय पर पांच फीसदी टैक्‍स*
*नई दिल्ली.मधुरेश*- केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बुधवार को लोकसभा में वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए आज आम बजट पेश किया। 2017-18 के बजट में केंद्र सरकार ने करदाताओं को बड़ी राहत दी है। इनकम टैक्स ढांचे में बदलाव करते हुए मोदी सरकार ने बजट में अब तीन लाख तक की आमदनी टैक्स फ्री कर दी है। इनकम टैक्स स्लैब को 2.5 लाख से बढ़ाकर तीन लाख किया गया है। तीन से पांच लाख तक की आय पर पांच फीसदी टैक्स देना होगा।

केंद्रीय वित्त मंत्री जेटली ने अपने शुरुआती बजट भाषण में नोटबंदी को सरकार का एक साहसिक कदम बताया और कहा कि इससे दशकों से जारी कर चोरी को रोकने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि महंगाई नियंत्रित हो गई है। निम्न विकास दर की जगह उच्च विकास दर ने ले ली है।काले धन के खिलाफ व्यापक स्तर पर अभियान शुरू किया गया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि अगले वित्त वर्ष में देश की अर्थव्यवस्था पटरी पर लौट आएगी। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में बजट में शामिल प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

देश के इतिहास में पहली बार बजट तय समय से करीब एक महीने पहले पेश हो रहा है। इस बार रेल बजट और आम बजट एक साथ पेश हो रहे हैं, जबकि 1924 से ही रेल बजट अलग पेश होने की परंपरा रही है। इस बजट से लोगों को बहुत सी उम्मीदें हैं। आम लोगों को आयकर अधिनियम की धारा 80सीसी के तहत कर छूट की सीमा बढ़ाए जाने की उम्मीद है, तो उद्योग जगत को कॉर्पोरेट कर, उत्पाद एवं सीमा शुल्क में सुधार की उम्मीद है। इसमें कुछ ऐसे प्रस्तावों को भी पेश किए जाने की उम्मीद है, जिससे नोटबंदी के कारण प्रभावित हुई देश की अर्थव्यवस्था में नई जान फूंकने में मदद मिलेगी।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बुधवार को कहा कि नोटबंदी के कारण आर्थिक गतिविधि में शिथिलता अस्थायी है और इसका प्रभाव अगले वित्त वर्ष पर नहीं पड़ेगा। जेटली ने लोकसभा में 2017-18 का आम बजट पेश करते हुए कहा कि नोटबंदी से वित्तीय बचत के प्रवाह में वृद्धि और अर्थव्यवस्था के अधिक औपचारिक होने के रूप में दीर्घस्थायी लाभ मिलने की प्रबल संभावना है। जेटली ने कहा कि नोटबंदी का प्रभाव अगले वित्त वर्ष पर नहीं पड़ेगा। हमें पूरा भरोसा है कि नोटबंदी और वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) का लोगों के जीवन पर सकारात्मक असर होगा। जेटली ने कहा कि नोटबंदी जनहित में लिया गया एक बड़ा और साहसिक फैसला था। इससे हमारा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) स्पष्ट और वास्तविक होगा। इस कदम से कर चोरी करने वालों से सरकार के खजाने में धन लाने में मदद मिलेगी। जेटली ने कहा कि बैंकों की ऋण देने की क्षमता में बढ़ोतरी इसका प्रमाण है। वित्त मंत्री ने कहा कि अधिशेष तरलता से ऋण लागत में भी कमी आएगी।

2017-18 के बजट की खास बातें:~

-एक करोड़ रुपये से अधिक की आय पर 15 प्रतिशत का अधिभार बना रहेगा।
-50,00,000 से एक करोड़ रुपये तक की सालाना आय पर 10 प्रतिशत की दर से अधिभार लगाया जाएगा, इससे सरकार को 2,700 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे।
-2,50,000 रुपये 5,00,000 रुपये तक की सालाना आय पर कर की दर 10 से घटाकर पांच प्रतिशत की गई।
-1 करोड़ से ज्यादा की आय पर 15 फीसदी सरचार्ज लगेगा
-3 लाख तक की आमदनी पर कोई टैक्स नहीं।
-इनकम टैक्स स्लैब को 2.5 लाख से बढ़ाकर तीन लाख किया गया।
-तीन से पांच लाख की आय पर पांच फीसदी टैक्स।
-इनकम टैक्स ढांचे में बड़ा बदलाव किया गया।
-धार्मिक डोनेशन पर टैक्स छूट घटाई गई।
-राजनीतिक दल 2000 तक ही नकद चंदा ले सकेंगे।
-राजनीतिक पार्टियां चेक या डिजिटल डोनेशन ले सकेंगी।
-ट्रांजैक्शन लिमिट तय करने के लिए आईटी एक्ट में बदलाव होगा।
-3 लाख से ज्यादा कैश ट्रांजैक्शन की इजाजत नहीं होगी।
-2 करोड़ तक बिक्री वाले दुकानों की आय 8 फीसदी की जगह 6 फीसदी मानी जाएगी।
-50 करोड़ तक टर्नओवर वाली कंपनियों को टैक्स में पांच फीसदी छूट।
-छोटी कंपनियों को टैक्स में 25 फीसदी की छूट।
-स्टार्ट अप के लिए कंपनियों को सात साल तक टैक्स में छूट।
-सस्ते घर की स्कीम में बदलाव किया गया।
-सस्ते घर, रीयल एस्टेट को बढ़ावा देने के लिए योजना में परिवर्तन।
-नोटबंदी की वजह से लोगों को अपनी आय ज्यादा बतानी पड़ी।
-नोटबंदी के दौरान 1.09 करोड़ खाते में 2.80 लाख करोड़ रुपए जमा हुए।
-टैक्स चोरी का भार ईमानदार टैक्स पेयर्स पर पड़ता है।
-2.7 लाख कंपनियों ने नुकसान दिखाया।
-1.72 लाख लोग ही 50 लाख से ज्यादा आय दिखाते हैं।
-सिर्फ 24 लाख लोग 10 लाख से ज्यादा आय दिखाते हैं।
-अब डाकघरों में भी बनेंगे पासपोर्ट, हेड पोस्ट ऑफिस अब पासपोर्ट ऑफिस की तरह काम करेंगे।
-हर साल 2500 करोड़ रुपए डिजिटल पेमेंट का लक्ष्य।
-जिनके पास डेबिट, क्रेडिट कार्ड नहीं वो आधार बेस्ड पेमेंट करेंगे।
-अब तक 125 लाख लोगों के मोबाइल में भीम ऐप्प।
-डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए भीम ऐप्प शुरू किया गया।
-नेशनल हाईवे के लिए 64,900 करोड़ रुपए।
-एलआईसी में वरिष्ठ नागरिकों को 8 फीसदी ब्याज दर तय।
-मेट्रो रेल के लिए नई नीति की घोषणा होगी।
-शेयर बाजार में आईआरसीटीसी बतौर कंपनी लिस्टेड होगी।
-आईआरसीटीसी के जरिए ट्रेन टिकट की बुकिंग पर सर्विस चार्ज नहीं लगेगा।
-इंटरनेट से रेलवे टिकट बुकिंग सस्ती।
-2019 तक सभी ट्रेन में बायो टॉयलेट लगाने का लक्ष्य है
-पर्यटन, तीर्थ के लिए नई ट्रेन शुरू होगी।
-स्वच्छ रेल के लिए क्लीम माई कोच योजना शुरू की जाएगी।
-राष्ट्रीय रेल सुरक्षा के लिए एक लाख करोड़ रुपए का आवंटन।
-रेल यात्रियों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा कोष बनाया जाएगा।
-रेलवे के लिए 1 लाख, 31 हजार करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है।
-वरिष्ठ नागरिकों के लिए आधार कार्ड बेस्ट स्मार्ट योजना शुरू होगी।
-2017 तक कालाजार, 2020 तक खसरा को खत्म करने की योजना।
-2025 तक टीबी की बीमारी को खत्म करेंगे।
-श्रम कानूनों को सरल बनाया जाएगा।
-राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी बनाए जाएगी।
-झारखंड और गुजरात में दो नए एम्स बनाए जाएंगे।
-5 स्पेशल टूरिज्म जोन बनाए जाएंगे।
-2018 तक सभी गांवों में बिजली पहुंचाई जाएगी।
-गर्भवती महिलाओं को 6 हजार रुपए दिए जाएंगे।
-350 ऑनलाइन कोर्स की शुरूआत की जाएगी।
-2019 में बेघरों को एक करोड़ घर देने का लक्ष्य।
-दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना के लिए 4814 करोड़ खर्च करेंगे।
-2022 तक स्किल इंडिया के तहत पांच लाख लोगों को ट्रेनिंग दी जाएगी।
-5 साल में तालाबों को ठीक किया जाएगा।
-प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में 27 हजार करोड़ खर्च करेंगे।
-मनरेगा के लिए अब 48 हजार करोड़ रुपए का प्रस्ताव।
-मनरेगा के लिए हमने ज्यादा पैसे दिए और ज्यादा खर्च भी हुए।
-प्रत्येक ग्रामीण परिवार को कम से कम 100 दिन के रोजगार की गारंटी।
-गरीबी मुक्त ग्राम पंचायत बनाने की सरकार की कोशिश होगी।
-सरकार ने भारत में कारोबार करने को और आसान बना दिया है।
-नाबार्ड के लिए 20 हजार करोड़ की अतिरिक्त राशि दी गई।
-नॉर्थ ईस्ट के किसानों को लोन देने में तरजीह दी जाएगी।
-देश को गरीबी से मुक्त कराने के लिए नए मिशन।
-कृषि विकास दर 4.1 फीसदी रहेगी।
-जीएसटी से देश को गति मिलेगी।
-किसानों की आय पांच साल में दोगुनी होगी।
-टैक्स को लेकर ईमानदार व्यक्तियों का सम्मान।
-ग्रामीण क्षेत्रों के इंफ्रास्ट्रक्चर में ज्यादा निवेश की जरूरत।
-युवाओं और गरीबों को ज्यादा सुविधाएं देना हमारा लक्ष्य
-खरीब, रबी फसलों की बुआई में बढ़ोतरी हुई।
-अच्छी फसल के लिए किसानों को सस्ते कर्ज मुहैया कराना जरूरी।
-रेल बजट का आम बजट के साथ विलय ऐतिहासिक।
-बजट इसलिए पहले पेश हुआ ताकि पैसे का पूरा इस्तेमाल हो।
-नोटबैन से डिजिटल इकॉनोमी में रफ्तार आई।
-पेट्रोलियम की कीमतों में कमी आ सकती है।
-नोटबंदी का असर आनेवाले वित्तीय वर्ष में खत्म हो जाएगा।
-विश्व बैंक ने कहा है कि भारत की विकास दर 7.6 फीसदी रहेगी।
-महिला,मजदूर,किसान, पिछड़ों तक विकास पहुंचा है।
-नोटबंदी के बाद बहुत ज्यादा पैसा बैंकों में जमा हुआ है।
-नोटबंदी के बाद बैंक लोगों के सस्ते लोन दे रहे हैं।
-महंगाई दर छह फीसदी से नीचे ले आएं- जेटली
-धीमी पड़ी अर्थव्यवस्था पटरी पर लौटेगी।
-भारत दुनिया का छठा सबसे बड़ा डिसइन्वेस्टमेंट करने वाला देश बना।
-दाल का उत्पादन बढ़ने की उम्मीद।

-कालेधन से लड़ाई लड़ रहे हैं- जेटली।
-सरकार विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रही है।
-भारी उम्मीदों के साथ सरकार को जनादेश मिला।
-पहली बार महंगाई काबू में आई, कालेधन पर लगाम लगी।
-वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बजट पेश किया।

Loading...

Leave a Reply

Be the First to Comment!

Notify of
avatar
wpDiscuz
%d bloggers like this: