भारत अाैर चीन के बीच तनाव से विश्व चिन्तित

१० अगस्त

भारत और चीन के बीच डोकलाम को लेकर जारी तनातनी से दुनिया भर में चिंता है। वैश्विक मीडिया ने इस मुद्दे पर अलग-अलग तरीके से अपनी राय रखी है। दुनिया की दो सबसे तेज रफ्तार अर्थव्यवस्थाओं के बीच मौजूदा तनाव को हाल के वर्षो में सबसे गंभीर बताया गया है।

‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने मौजूदा तनाव को भारत और चीन की बढ़ती महत्वाकांक्षा और राष्ट्रवाद का नतीजा करार दिया है। अखबार ने लिखा कि दोनों देशों में इस वक्त बेहद मजबूत नेता सत्ता में हैं। दोनों नेता घरेलू स्तर पर खुद की स्थिति मजबूत करने के अलावा अमेरिका के नेतृत्व की भूमिका से पीछे हटने के कारण वैश्विक मंच पर दमदार तरीके से अपनी मौजूदगी दिखाना चाहते हैं। रिपोर्ट में भारत-चीन मामलों के विशेषज्ञ जेफ एम. स्मिथ के हवाले से आपसी विचार-विमर्श से हल निकालने की बात कही है।

सीएनएन ने विशेषज्ञों के हवाले से लिखा है कि डोकलाम विवाद चीन के वैश्विक नेता बनने की राह में आने वाली चुनौतियों को दिखाता है। रिपोर्ट में वन बेल्ट वन रोड पहल में भारत के न शामिल होने के बाद आई कड़वाहट का भी हवाला दिया गया है। वहीं, ‘द वाशिंगटन पोस्ट’ ने डोकलाम में चीनी रवैये की तुलना दक्षिण चीन सागर में अपनाए गए रुख से की है। अखबार के मुताबिक मोदी और चिनफिंग दोनों एक-दूसरे की मांग पर विचार को तैयार नहीं हैं।

बीबीसी ने नई दिल्ली में भूटान के राजदूत वेस्तो नामग्याल के हवाले से डोकलाम में चीन द्वारा सड़क निर्माण को दोनों देशों के बीच हुए करार का उल्लंघन करार दिया है। ‘द गार्जियन’ ने भारत और चीन के बीच युद्ध की आशंका को खारिज किया है। लेकिन, अखबार ने दोनों पक्षों की ओर से जारी सख्त बयानबाजी को अप्रत्याशित बताया है।

साभार दंनिक जागरण

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