भारत का ७० वां स्वतन्त्रता दिवस के अवसर पर नेपाल भारत मैत्री समाज द्वारा भव्य कार्यक्रम

विजेता चौधरी, काठमाण्डू, साउन ३१DSCN3032
भारत का ७० वां स्वतन्त्रता दिवस के अवसर पर नेपाल भारत मैत्री समाज द्वारा काठमाण्डू में आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए नेपाल के लिए भारतीय राजदूत रंजीत राय ने कहा आप लोग तय करिये भारत के साथ किस तरह विकास व आर्थिक कार्य को बढाना है, भारत इस के लिए हमेशा सहयोग करेगा राय ने प्रतिवद्धा जाहिर की । राय ने जो मतभिन्नता हैं दोनो देश के बीच वो कम होगी बताते हुए अगले दश पन्द्रह साल में इस सम्बन्ध को कहा ले जाना होगा और क्या क्या करना होगा ये सोचना जरुरी है बताया ।
कोइ भी देश अकेले प्रगति नहीं कर सकता बताते हुए कहा हम पडोसी राष्ट्र को प्राथमिकता देते हैं ये इस लिए भी की अगर हमारे पडोसी देश अस्थिर रहेगी तो उस का असर हमारे देश भारत पर भी पडेगा । राय ने दोनो देश अपने हित के लिए कंधे से कंधा मिलकार आगे बढने की अपील भी की । राय ने विकास ही एक मात्र स्तम्भ है जिस के आधार पर ये रिश्ता और प्रगाढ बन सकता है बताया । उन्हों ने नेपाल की स्थिरता नेपाल के विकास के लिए है तथा भारत की स्थिरता भारत के अपने विकास के लिए है बताया ।

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राजदूत राय ने भारत के स्वतन्त्रता संग्राम में नेपाल के कई नेताओं का योगदान रहा है बताया । उन्होंने कहा भारत ने राजनीतिक स्वतन्त्रता तो प्राप्त कर ली लेकीन आर्थिक चुनौतियाँ बरकरार है और यही चुनौतियाा नेपाल के साथ भी है कहते हुए आने वाले ३० साल तक डबल डिजीट ग्रोथ जरुरी है तभी हम विकसित देश बन पाएगें बताया ।
सोल्टी होटेल के मेघमल्हार भवन में आयोजित उक्त कार्यक्रम में बोलते हुए पूर्व उपराष्ट्रपति परमानन्द झा ने नेपाल भारत का संबन्ध अटुट व परम्परागत है बताते हुए इस संबन्ध को विखण्डन करने का अधिकार किसी को नहीं होना चाहिये बताया ।
झा ने स्वतन्त्रता संग्राम में नेपाली जनता ने साथ दिया था स्मरण कराते हुए कहा हमारे गणतन्त्र व संघीयता में हमारे पडोसी राष्ट्र का सहयोग व सदभाव का आग्रह भी किया ।
नेकपा माओवादी के सीपी गजुरेल ने कार्यक्रम में बोलते हुए कहा हम भारत, चाइना व नेपाल सार्वभौम होना चाहते हैं । उन्होंने भारत चीन कोई भी राष्ट्र नेपाल के राष्ट्रीय स्वाधीनता, सार्वभौमसत्ता में बाधा विरोध ना पहुँचाए हम बस यही चाहते हैं बताया । गजुरेल ने हमें साकारात्मक राजनीति कर के आगे बढना चाहिये बताया ।
कार्यक्रम में बोलते हुए सिपी मैनाली ने कहा हम क्षेत्रीय शान्ति व क्षेत्रीय स्थिरता के विकास के लिए आगे बढें । मैनाल ी ने बताया अगर राजनीतिक अस्थिरता बनी रहें तो दोनो देशों को फायदा नहीं होगा ।

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भारत के ७०वाँ स्वतन्त्रता दिवस के अवसर पर बोलते हुए पूर्व प्रधान तथा अर्थमन्त्री पशुपति शमशेर राणा ने नेपाल भारत का सम्बन्ध दो देशों के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण, इसे बनाये रखना होगा बताया । उन्होंने पडोसी राष्ट्र राष्ट्रों के बीच कभीकभार खटपट होता है उस से पाठ सीख सम्बन्ध सुधारने की बात पर जोर डाली ।
नया शक्ति नेपाल की नेतृ हिसीला यमी ने कार्यक्रम में बोलते हुए नेपाल भारत का संबन्ध राजनीतिक व आर्थिक ही नहीं वरण दिल से दिल का व जनता का जनता से जनस्तरका पूराना नाता है बताया । यमी ने भारत विश्वव्यापी रुप में प्रगति करें कहते हुए हम इपीजी से इआइजी की भूमिका में आगेबढ चूके हैं । यमी ने नेपाल भारत संबन्ध को सुदृढ बनाने में नयाशक्ति नेपाल के संयोजक बाबुराम भट्टराई की भूमिका की भी चर्चा की ।
कार्यक्रम में अपना मन्तव्य व्यक्त करते हुए निलाम्बर आचार्य ने भारत के साथ का हमारा मित्रता हमारे स्वाधीनता व विकास के नीति के लिए आवश्यक है बताया । आचार्य ने पडोसी के साथ अच्छा सम्बन्ध रख के भारत भी अन्तराष्ट्रीय स्तर में अपना पडोसी सम्बन्ध का छवी बना सकता है बताते हुए दोनो देशों के बीच छोटी छोटी बातों से घोचपेच की स्थिति नहीं होनी चाहिये उसे संवाद के जरिये समाधान करना लाभप्रद हो सकता है बताया ।

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कार्यक्रम में विविध क्षेत्र में योगदान पहुँचाएँ हुए विशिष्ठ प्रतिभा को सम्मान भी प्रदान किया गया । सम्मानीत व्यक्तित्व में लोकनाथ वराल, डा. सुन्दरमणी दीक्षित, डा. श्वेता दीप्ति, दीप कुमार उपाध्याय, सुरेशराज शर्मा लगायत १६ विशिष्ठ वयक्तित्व को खादा ओढा कर सम्मानपत्र सहीत सम्मानीत किया गया ।
कार्यक्रम में स्वागत मन्तव्य व्यक्त करते हुए नेपाल भारत मैत्री समाज के अध्यक्ष प्रेम लस्करी ने स्वतन्त्रा संग्राम में शहीद हुए ज्ञात अज्ञात शहीदों को श्रद्धान्जली अर्पण करते हुए नेपाल भारत का मैत्री सम्बन्ध और बढे व प्रगाढ हो कहा ।
अध्यक्ष लस्करी ने दोनों देशों व दोनो देशों के जनता के बीच तालमेल बढे बताते नेपाल भारत मैत्री समाज द्वरा इस वर्ष किए गए विभिन्न चरण के कार्यविरण भी प्रस्तुत की । जिनमे, भूकम्प बाद की पूर्ननिर्माण, भावन निर्माण, पानीटयाकं, विद्यालय भवन निर्माण लगायत अन्य क्षेत्रों में किया गया कायृ तथा योगदान के विषय में अवगत करवाया ।
कार्यक्रम का शुरुवात दोनो देशो के राष्ट्रगान से किया गया था । कार्यक्रम में भरतमोहन अधिकारी, सदभावना के उपाध्यक्ष लक्षमणलाल कर्ण, भारतीय दूतावास के विरेन्द्र कुमार लागायत की विशेष उपस्थिति थीं ।

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