भारत नेपाल का विकास नहीं चाहता है : डा. भट्टराई

काठमांडू, २० भाद्र । पूर्वप्रधानमन्त्री तथा नयां शक्ति पार्टी के नेता डा. भट्टराई का कहना है कि पड़ोसी राष्ट्र भारत नेपाल को विकसित देखना नहीं चाहता है । उनका कहना है कि भारत सिर्फ नेपाल को अपनी सुरक्षा के दृष्टिकोण से देखता है । सोमबार कुछ पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने यह बात बताया है । डा. भट्टराई ने कहा है– ‘हिमालय की आसपास और सुरक्षा सर्कल से भारत कभी भी बाहर नहीं आ पा रहा है । आर्थिक क्रियाकलाप बढ़ा कर नेपाल को प्रभावित कर सकते हैं, इस तरह भारत कभी भी नहीं सोचता है ।’ डा. भट्टराई ने यह भी आरोप लगाया कि भारतीय सत्ता पक्ष हरदम नेपाल को नियन्त्रण में रखकर अपनी शक्ति संचय करना चाहता है । डा. भट्टराई ने कहा– ‘जब तक भारतीय परनिर्भरता रहेगा, तब तक नेपाल विकसित नहीं हो सकता ।’
पार्टी के आन्तरिक राजनीतिक विषयों पर बातचीत करते हुए उन्होने कहा कि पुष्पकमल दाहाल प्रचण्ड नेतृत्व में रहे माओवादी केन्द्र विघटन होता है, तो प्रचण्ड के साथ पुनः सहकार्य हो सकता है । कुछ ही दिन पहले प्रचण्ड से हुई मुलाकात को स्मरण करते हुए डा. भट्टराई ने आगे कहा– ‘माओवादी केन्द्र विघटन के लिए मैंने प्रचण्ड को सुझाव दिया है । क्योंकि अब नेपाल में माओवाद का औचित्य समाप्त हो चुका है । राजनीतिक रुप में भी अब माओवाद नहीं है । बहुदलीय प्रतिस्पर्धा में सहभागी होकर माओवाद प्रयोग नहीं किया जाएगा ।’ लेकिन उनका कहना है कि दश वर्षीय जनयुद्ध के प्रति वह गौरवान्वित हैं । स्मरणीय है, लगभग २ साल पहले डा. भट्टराई माओवादी केन्द्र से अलग हुए थे ।

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