भारत-नेपाल के सुरक्षा तन्त्र को छलकर नेपाल से बंगलादेश मवेशीयों की हाे रही तस्करी, भिडियो सहित

अंकुश कुमार श्रीवास्तव, कपिलबस्तु । नेपाल के रास्ते बंगलादेश गाैकसी के लिए मवेशीयाें की तस्करी फिर शुरु हाे गया है । भारत मे बिजेपी की सरकार ने कुछ राज्य मे गाैकसी बन्द करने के वाद तस्कराें ने नया रास्ता नेपाल के कृष्णनगर काे बनाया है । सुरक्षातन्त्र काे मात देकर तस्कराें ने नेपाल के रास्ते मवेशी पशुअाें काे बंगलादेश पहुचाने का घिनाैना कार्य परवान पर है । उत्तर प्रदेश के कई जिलाें से खुले बार्डर का लाभ उठाते हुए गाै तस्कराें ने नेपाल के कपिलबस्तु जिले मे गाै तस्करी का अखाडा बना दिया है । जिले के बार्डर से सटे नेपाली गावाें मे बच्चे अाैर बुड्ढाें काे मिलाकर तस्करी काे अंजाम दिया जाता है |
नेपाल प्रवेश करते ही बहादुरगंज पशु बजार से रवन्नापत्र बनाकर जवाभारी, गडगाैडा लगायत कई जगहाें पर ट्रक मे लाेड किया जाता है । ईस काम के लिए पुलिस से कुछ एजेन्टाें से साठगाठ भी रहता है क्याेंकि ट्रक रात मे लाेड हाेकर जिले के करीब अाधा दर्जन चेक पाेष्ट हाेते हुए बिहार अाैर बंगाल सटे सिमा नाकाअाें से बंगलादेश पहुंचाया जाता है । कपिलबस्तु के बगही, लक्ष्मीनगर, पिपरा, बुलाडिहवा, गौरा, तुलसीदडिवा, राजवापू­रा, वसन्तपुर नन्दनगर गाबिस, फुलीका गाबिस, चाकरचाैडा एव अन्य खुले सिमा से मवेशीयाें काे नेपाल पहुचाने मे तस्कर भारत अाैर नेपाल दाेनाे तर्फ सुरक्षा तन्त्र के अांख मे धुल झाेंककर लम्बा सिन्डिकेट बनाए हुए है ।

देखियो भिडियो

https://www.youtube.com/watch?v=4HMmiS8oaPE

कुछ दिन पहले चाकरचाैडा नाके से निकले ७ पशुअाें काे कृष्णनगर भन्सार भेजा गया था, इसी तरह २७ डिसेम्बर काे कृष्णागर क्षेत्र के विद्यानगर से ४२ मवेशीयाें पकडकर कृष्णनगर भन्सार भेजा गया जिसका सशस्त्र प्रहरी गण प्रमुख तारिक चन्द्र चाैधरी नेतृत्व की टीम ने रात करिब ८ बजे भन्सार भेजा , वही २ जनवरी की रात काे ८ ट्रक मे लाेड १७१ मवेशी (बैल)काे रात १२ बजे इलाका प्रशासन कार्यालय अधिकृत जगदिश अार्याल की नेतृत्व टीम ने पकडा अाैर कार्यवाई अागे बढाई । सभी सिन्डीकेट के तहत नियम काे हतकण्डा बनाया जाता है, गाैरतलब है कि नेपाल मे दुसरे देश से पशु ले जाने पर पशु क्वारेन्टिन किया जाता है वह कागत तस्कराें द्वारा पुर्णकर लिया जाता है उसके बाद नेपाल के नजदिक का हाइवे पार करने के लिए किसी पशु हाट बाजार से रवन्ना लेना अनिवर्य है, ईस प्रकिया काे भी बहादुरगंज पशु बजार से पुर्ण करलिया जाता है । अब बाकि बचता है लाेडिंग ताे नजिक के गांव मे कुछ काे पैसे के लालच मे मिलाकर ट्रक लाेडकर बंगलादेश अाैर नेपाल के नजदीक के बार्डर से भेजा जाता है । अाैर अगर भन्सार व अन्य सुरक्षा तन्त्र किसी गाेप्य सुचना के अाधार पर हिरासत मे भी लेते है ताे जाे मूल्य निलामी का लगाया जाता भन्सार कर्मचारी के सहयाेग से कच्चा माल हाेने के कारण राेक नही सकते का कारण दिखाकर कम रकम मे निलाम कर दिया जाता है जिसका उदाहरण है कृष्णनगर क्षेत्र से डीएसपी तारिक चन्द्र चाैधरी की नेतृत्व मे सशस्त्र पुलिस टिम के पकड मे अाये ४२ बैलाें का भन्सार मे मुल्य डीएसपी द्वारा मुल्यांकन ७५६००० नेरु रखा गया पर भन्सार कार्यालय कृष्णनगर ने मात्र ८४००० मे ही निलाम कर जिस गांव से पकडकर लाया गया था विद्यानगर, उसी गावं के स्थानीय काे दे दिया गया । ऐसी बाकया बार बार हाेरही है जाे की गाैकसी जैसी जघन्य अपराध काे बढावा देती है हलाकि गाैकसी नेपाल मे प्रतिबन्धित है पर भारतीय तस्कर नेपाल की जमीन  प्रकायाेगकर अपने कार्य काे अन्जाम देते है ।

 

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